अनुसंधान राष्ट्रीय शोध फाउंडेशन ने पीएमईसीआरजी के पुरस्कार विजेताओं के साथ पहले मीट एंड ग्रीट वेबिनार का आयोजन किया
अनुसंधान राष्ट्रीय शोध फाउंडेशन ने पीएमईसीआरजी के पुरस्कार विजेताओं के साथ पहले मीट एंड ग्रीट वेबिनार का आयोजन किया
अनुसंधान राष्ट्रीय शोध फाउंडेशन (एएनआरएफ) ने 26 अगस्त 2025 को प्रधानमंत्री प्रारंभिक कैरियर अनुसंधान अनुदान (पीएमईसीआरजी) पुरस्कार विजेताओं के शुरुआती समूह के साथ पहले मीट एंड ग्रीट वेबिनार का आयोजन किया। इस सत्र में देश भर से 560 से अधिक प्रतिभागियों ने वर्चुअल रूप से भागीदारी की।
एएनआरएफ के सीईओ डॉ. शिवकुमार कल्याणरमन, आईआईआईटी हैदराबाद के प्रोफेसर पोन्नुरंगम कुमारगुरु और एएनआरएफ मीडिया टीम के अधिकारियों ने वेबिनार में भागीदारी की। उन्होंने पुरस्कार विजेताओं के साथ बातचीत की और उनके प्रश्नों के उत्तर दिए।
डॉ. कल्याणरमन ने अपनी प्रस्तुति में भारत को अनुसंधान और नवाचार के केंद्र के रूप में विकसित करने के एएनआरएफ के दृष्टिकोण पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि एएनआरएफ प्रधानमंत्री द्वारा स्थापित एक वैधानिक निकाय है जिसका उद्देश्य सभी हितधारकों में वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार को प्रोत्साहन देना है। उन्होंने अनुसंधान के प्रसार और व्यापक समाज को जोड़ने के लिए सोशल मीडिया को एक उत्कृष्ट साधन के रूप में उपयोग करने के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
उन्होंने पुरस्कार विजेताओं को अपने शोध को व्यापक पहुँच और अधिक प्रभाव सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म, एआई टूल्स और फ़ायरसाइड चैट्स तथा लाइटनिंग टॉक्स जैसे नवोन्मेषी प्रारूपों का सक्रिय रूप से उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया। उनका मुख्य संदेश गुणवत्ता, प्रभाव और परिणामों पर केंद्रित था; और इसके साथ ही एएनआरएफ विज्ञान कार्य में सुगमता को बेहतर बनाने और पीआई पर प्रशासनिक भार कम करने के लिए भी काम कर रहा है। उन्होंने सभी एएनआरएफ अधिकारियों और कर्मचारियों का पीएमईसीआरजी कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए धन्यवाद व्यक्त किया।
प्रो. कुमारगुरु ने सरल ( https://saral.democratiseresearch.in/ ) का परिचय दिया, जो एक डिजिटल टूलसेट और प्लेटफ़ॉर्म है जिसे शोध पत्रों को वीडियो में बदलने, मीडिया तक पहुँच बनाने, जनसहभागिता को प्रोत्साहन देने और 11 भारतीय भाषाओं में सहयोग के अवसर बनाने के लिए तैयार किया गया है। उन्होंने एक लाइव प्रदर्शन दिया और प्रतिभागियों के कई तकनीकी प्रश्नों के उत्तर दिए।
पीएमईसीआरजी योजना के विभिन्न तकनीकी पहलुओं को मीडिया टीम द्वारा स्पष्ट किया गया, तथा इसके लचीलेपन तथा उन तरीकों पर प्रकाश डाला गया जिनसे शोधकर्ता अपनी परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए इसके दायरे को अधिकतम कर सकते हैं।
अनुसंधान को सर्वसुलभ बनाने के लिए एएनआरएफ की प्रतिबद्धता के एक भाग के रूप में, इस वेबिनार का उद्देश्य पीएमईसीआरजी पुरस्कार विजेताओं में संपर्क बढ़ाना, व्यापक प्रसार के लिए सोशल मीडिया के उपयोग को प्रोत्साहित करना, तथा ऐसे सहयोग को प्रोत्साहन देना था, जो अनुसंधान के प्रभाव को प्रयोगशालाओं से आगे तक ले जा सके।
विज्ञान कार्य में सुगमता को और प्रोत्साहन देने के लिए अनुदान प्रक्रियाओं और प्रशासनिक पहलुओं पर ऐसे और अधिक वेबिनारों का आयोजन किया जाएगा।