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केंद्रीय मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने नोएडा में मोबाइल उपकरणों के लिए भारत में प्रथम टैंपर्ड ग्लास उत्पादन केंद्र का उद्घाटन किया ।

केंद्रीय मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने नोएडा में मोबाइल उपकरणों के लिए भारत में प्रथम टैंपर्ड ग्लास उत्पादन केंद्र का उद्घाटन किया ।

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने आज देश के प्रथम टेम्पर्ड ग्लास विनिर्माण कारखाने का नोएडा में उद्घाटन किया । यह टेम्पर्ड ग्लास मोबाइल उपकरणों में काम आयेगा। यह कारखाना ऑप्टीमस इलेक्ट्रॉनिक्स ने यूसए के कॉर्निंग इंकॉर्पोरेटेड की साझेदारी में लगाया है । इसमें उच्च गुणवत्ता के टैंपर्ड ग्लास का उत्पादन दुनिया भर में प्रचलित ब्रांड “इंजीनियर्ड बाय कॉर्निंग” के अंतर्गत किया जाएगा । उत्पादों की आपूर्ति घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय, दोनों ही बाजारों में की जाएगी। इस अवसर पर मंत्री महोदय ने कहा टैंपर्ड ग्लास दरअसल मोबाइल फ़ोन का महत्वपूर्ण अंग है और इसका घरेलू उत्पादान मेक इन इंडिया तथा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की दूरदृष्टि की सफलता के लिए लंबी छलांग है । उन्होंने बताया कि भारत एक-एक करके मोबाइल फ़ोन, हरेक कलपुर्जे का विनिर्माण करता जा रहा है । इनमें चिप्स, कवर ग्लास, लैपटॉप एवं सर्वर के उपादान आदि शामिल हैं । उनके अनुसार इन घरेलू विनिर्माण सुविधाओं के बूते हमरास देश इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण सुविधा के क्षेत्र में वैश्विक शक्ति बन जाएगा । मंत्री महोदय ने यह भी बताया कि जल्द ही भारत में निर्मित यानी मेड इन इंडिया चिप भी बाज़ार में आएगा। वह आत्मनिर्भर भारत की दिशा में और एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी । 


 

श्री वैष्णम ने रेखांकित किया कि पिछले 11 वर्ष में भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स के विनिर्माण में छह गुना वृद्धि हुई है । इसके बूते इलेक्ट्रॉनिक्स का घरेलू उत्पादन 11.5 लाख करोड़ रुपए मूल्य का हो गया है । इसमें 3 लाख करोड़ रुपए मूल्य का निर्यात भी शामिल है । साथ ही इस क्षेत्र में 25 लाख लोग प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप में रोजगार पा रहे हैं । उन्होंने कहा कि देश में इलेक्ट्रॉनिक्स का समूचा इकोसिस्टम तेज़ी से बढ़ रहा है और एक-एक करके उनकी मूल्यवर्धन क्षमता बढ़ाई जा रही है । मंत्री महोदय ने विशेष उल्लेख किया कि भारत की डिज़ाइन श्रेष्ठता इसकी प्रमुख योग्यता है और सरकार अनुसंधान एवं विकास क्षमताओं को लगातार बढ़ावा देती रहेगी । उन्होंने इसका उदाहरण दिया कि आईआईटी मद्रास संरक्षित स्टार्ट अप उद्यम ने भारत के प्रथम माइक्रोकंट्रोलर को डिज़ाइन किया है। स्वदेशी माइक्रोकंट्रोलर का प्रयोग शीघ्र ही भारतीय उत्पादों में शुरू किया जाएगा । रेलवे के क्षेत्र में भारतीय विनिर्माता उच्चतम वैश्विक गुणवत्ता मानकों के अनुरूप उत्पादित उपकरणों का यूरोपीय देशों को निर्यात कर रहे हैं । 

 

श्री वैष्णव ने कहा आगे बताया कि चालू माली साल 2025-26 की पहली तिमाही में भारत की जीडीपी यानी सकल घरेलू उत्पाद 7.8 प्रतिशत की दर से वृद्धि दर्शाती है की देश की अर्थव्यवस्था स्थिर, गतिशील और नवोन्मेष आधारित है । उन्होंने युवाओं से कड़े परिश्रम द्वारा आत्मनिर्भर भारत तथा विकसित भारत -2047 का सपना साकार करने में योगदान करने को कहा। उनके अनुसार पूरी दुनिया निगाहें भारत पर बड़ी उम्मीदों से लगी हुई हैं । 

इस अवसर पर ऑप्टीमस इंफ्राकॉम लिमिटेड के चेयरमैन अशोक गुप्ता ने कहा,”यह मेक इन इंडिया दृष्टि एवं भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण उद्योग के लिए ऐतिहासिक क्षण है । विश्व का सबसे बड़ा मोबाइल फोन बाज़ार होने के बावजूद टेम्पर्ड ग्लास के लिए भारत उसके आयात पर निर्भर था। इस कारख़ाने के साथ हम भारतीय एवं वैश्विक बाज़ार की सहायता के लिए श्रेष्ठतम गुणवत्ता उत्पाद वैश्विक पैमाने की विनिर्माण क्षमता में तैयार करने को उद्धत हैं । हमारी महत्वाकांक्षा है कि हरेक भारतीय मोबाइल फ़ोन उपकरण प्रयोक्ता अपने फ़ोन की स्क्रीन सुरक्षित करने के लिए मेक इन इंडिया टेम्पर्ड ग्लास का प्रयोग करे जो बीआईएस प्रमाणित एवं फॉग मार्क वाला हो । 

इंडिया सेलुलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन के चेयरमैन पंकज महेंद्रू ने कहा कि इस उत्पाद वर्ग की विनिर्माण प्रक्रिया में श्रम की प्रधानता है तथा भारत के लिए इसमें जबरदस्त अवसर है कि इसके द्वारा अपनी भारी घरेलू मांग को तो पूरा करे ही, साथ ही प्रमुख निर्यातक भी बने। 

उच्च गुणवत्ता का विनिर्माण करके हम एमएसएमई के लिए जबरदस्त अवसर देख रहे हैं । साथ ही इससे रोजगार के अवसर भी बड़े पैमाने पर पैदा होने और हमारा निर्यात भी अधिक देशों तक होगा । इसके ज़रिए भारत इलेक्ट्रॉनिक्स उपादानों के विनिर्माण का वैश्विक केंद्र बनेगा । 

टेंपर्ड ग्लास के लिए यह अनुमानित है कि इसकी घरेलू माँग ही 50 करोड़ पीस की है जिसका खुदरा मूल्य करीब 20,000 करोड़ रुपए है। इसका अनुमानित वैश्विक बाज़ार 60 अरब डॉलर है । 

ऑप्टीमस का टेम्पर्ड ग्लास विनिर्माण कारखाना- 

नोएडा में 70 करोड़ रुपए के आरंभिक निवेश से स्थापित कारखाने में स्टेट ऑफ़ थे आर्ट ढाँचा तैयार है । इसमें कच्चे माल को पूर्णतः टैंपर्ड एवं उच्च गुणवत्ता के ग्लास में ढाला जाएगा । पहले चरण में इसमें सालाना 2.5 करोड़ यूनिट टैंपर्ड ग्लास का विनिर्माण होगा । इसमें 600 लोगों को प्रत्यक्ष रोज़गार मिलेगा । दूसरे चरण में इसकी उत्पादन क्षमता को घरेलू एवं विदेशी बाज़ार के लिए सालाना 20 करोड़ टैंपर्ड ग्लास विनिर्माण के लिए बढ़ाया जाएगा । 

उस्के लिए 200 करोड़ रुपए का अतितिक्त निवेश होगा और 4500 प्रत्यक्ष रोज़गार मिलेंगे । 

इस कारखाने में एकीकृत विनिर्माण क्षमता तैयार की गई है जिसमें स्क्राइबिंग, शेपिंग/चैंफ़रिंग, पॉलिशिंग, दो चरण में धुलाई, रासायनिक टेम्परिंग, कोटिंग, प्रिंटिंग तथा लेमिनेशन शामिल है । हरक चरण में कड़े गुणवत्ता मानक लागू होंगे । इससे पहली बार स्वदेशी मानकीकृत, उच्च गुणवत्ता के टैम्पर्ड ग्लास भारतीय ग्राहकों को उपलब्ध होंगे । 

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