भारत एवं यूरोपीय संघ ने सुरक्षित 6जी प्रौद्योगिकियों एवं विश्वसनीय दूरसंचार आपूर्ति श्रृंखलाओं में सहयोग की पुष्टि की
भारत एवं यूरोपीय संघ ने सुरक्षित 6जी प्रौद्योगिकियों एवं विश्वसनीय दूरसंचार आपूर्ति श्रृंखलाओं में सहयोग की पुष्टि की
भारत एवं यूरोपीय संघ ने सुरक्षा, विश्वास एवं सुदृढ़ वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं पर विशेष ध्यान केंद्रीत करते हुए, 6जी दूरसंचार सहित अगली पीढ़ी की डिजिटल प्रौद्योगिकियों में रणनीतिक सहयोग को ज्यादा मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की है। यह प्रतिबद्धता यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन एवं यूरोपीय संघ के आयुक्तों के समूह की 27-28 फरवरी 2025 को भारत यात्रा के दौरान जारी वक्तव्यों में परिलक्षित हुई है।
नेताओं ने भारत-यूरोपीय संघ व्यापार एवं प्रौद्योगिकी परिषद (टीटीसी) के अंतर्गत उन्नत एवं उभरती प्रौद्योगिकियों के बढ़ते महत्व पर बल दिया और दूरसंचार, डिजिटल अवसंरचना एवं वैश्विक मानक विकास जैसे क्षेत्रों में बेहतर सहयोग का स्वागत किया।
इस संदर्भ में जारी संयुक्त वक्तव्य में भारत 6जी एलायंस और 6जी एसएनएस आईए के बीच सहयोग का स्वागत किया गया, जिसका उद्देश्य सुरक्षित, विश्वसनीय एवं भविष्य उन्मुख 6जी नेटवर्क के लिए अनुसंधान एवं नवाचार प्राथमिकताओं को संरेखित करना है। उद्योग के नेतृत्व में किए गए इस सहयोग से लचीली एवं विविध दूरसंचार आपूर्ति श्रृंखलाओं के विकास में योगदान मिलने की उम्मीद है, साथ ही अगली पीढ़ी के संचार प्रणालियों में खुलेपन, पारस्परिकता एवं सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा।
दोनों पक्षों ने 6जी प्रौद्योगिकियों के अनुसंधान एवं विकास, परीक्षण एवं मानकीकरण में सहयोग के महत्व पर बल दिया तथा नवाचार, प्रतिस्पर्धा एवं समावेशी डिजिटल विकास का समर्थन करने वाले वैश्विक स्तर पर पारस्परिकता मानकों को आकार देने के अपने साझा उद्देश्य को दोहराया।
यह सहयोग दूरसंचार विभाग द्वारा निर्देशित भारत के राष्ट्रीय 6जी दृष्टिकोण के अनुरूप है और इसका उद्देश्य भारत को 6जी प्रौद्योगिकी विकास में एक वैश्विक योगदानकर्ता एवं अग्रणी बनाना है, साथ ही सुरक्षित, सस्ती एवं ससत डिजिटल अवसंरचना सुनिश्चित करना है।
उन्नत दूरसंचार में भारत-यूरोपीय संघ की मजबूत साझेदारी एक विश्वसनीय, सुरक्षित एवं लचीले वैश्विक डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के लिए साझा प्रतिबद्धता दर्शाती है, जिससे नागरिकों, उद्योग एवं अंतरराष्ट्रीय समुदाय को लाभ प्राप्त होगा।
इस व्यापक रणनीतिक संदर्भ में, 27 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित 16वें भारत-ईयू शिखर सम्मेलन में अनुमोदित “टुवर्ड्स 2030: ए जॉइंट इंडिया-ईयू कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रेटेजिक एजेंडा” का उद्देश्य सार्वभौमिक, सार्थक, मजबूत एवं सुरक्षित डिजिटल अवसंरचना पर पारस्परिक अनुभव साझाकरण को मजबूत करना है। एजेंडा में सुरक्षित एवं भरोसेमंद दूरसंचार पारिस्थितिकी तंत्र को विकसित करने और बढ़ावा देने के लिए घनिष्ठ सहयोग की परिकल्पना की गई है, जिसमें भारत के भारत 6जी गठबंधन और यूरोपीय संघ के 6जी स्मार्ट नेटवर्क एवं सेवा उद्योग संघ के बीच समझौता ज्ञापन के अंतर्गत सहयोग शामिल है।
भारत 6जी एलायंस और इसके समझौता ज्ञापनों के संदर्भ में:
भारत 6जी एलायंस, घरेलू उद्योग, शिक्षा जगत, राष्ट्रीय अनुसंधान संस्थानों एवं मानक संगठनों का एक गठबंधन है, जिसे भारत सरकार द्वारा अगली पीढ़ी की 6जी प्रौद्योगिकियों में नवाचार एवं सहयोग को बढ़ावा देने के लिए समर्थन प्रदान किया जाता है।
यूरोपीय संघ के 6जी स्मार्ट नेटवर्क एवं सेवा उद्योग संघ (6जी एसएनएस आईए) ने 6जी पारिस्थितिकी तंत्र में सहयोग के अवसरों का पता लगाने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया है। यह समझौता ज्ञापन 6जी की परिकल्पना एवं आवश्यकताओं, नेटवर्क आर्किटेक्चर और उपयोगी मामलों, साझा हितों वाले क्षेत्रों की पहचान, आम सहमति निर्माण एवं 5जी से परे और 6जी प्रौद्योगिकियों के लिए वैश्विक स्तर पर मानकीकृत मानकों के विकास की दिशा में संयुक्त प्रयासों के लिए सहयोगात्मक संरचना प्रदान करता है। इसका उद्देश्य भारतीय एवं यूरोपीय अनुसंधान एवं विकास संगठनों तथा उद्योग जगत के हितधारकों के बीच सहयोग को बढ़ावा देना भी है।
अंतर्राष्ट्रीय भारत 6जी संगोष्ठी 2025 में, जिसका आयोजन इंडिया मोबाइल कांग्रेस (आईएमसी) 2025 के दौरान किया गया था, भारत 6जी, 6जीआईए, एटीआईएस के नेक्स्ट जी एलायंस एवं अन्य सहित प्रमुख वैश्विक गठबंधनों ने 6जी को एक वैश्विक सार्वजनिक हित के लिए एक संयुक्त बयान “नई दिल्ली घोषणा” जारी की थी।
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