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कर्तव्य पथ से कौशल पथ तक: गणतंत्र दिवस पर कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय की झांकी ‘विकसित भारत’ को सशक्त बनाती युवा शक्ति की कहानी पेश करती है

कर्तव्य पथ से कौशल पथ तक: गणतंत्र दिवस पर कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय की झांकी ‘विकसित भारत’ को सशक्त बनाती युवा शक्ति की कहानी पेश करती है

इस वर्ष, कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) गणतंत्र दिवस परेड में कर्तव्य पथ पर अपनी भव्य झांकीकौशल से सशक्त: आत्मनिर्भर, भविष्य के लिए तैयार भारत का निर्माणका प्रदर्शन करेगा। यह झांकी कौशल द्वारा संचालित, युवा शक्ति द्वारा निर्देशित और नवाचार द्वारा सक्षम होकर आत्मनिर्भर और भविष्य के लिए तैयार राष्ट्र के रूप में भारत के परिवर्तन की एक शक्तिशाली कहानी पेश करती है।

 

झांकी का नेतृत्व औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के अखिल भारतीय टॉपर्स कर रहे थे, जिन्हें प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वाराकौशल दीक्षांत समारोह 2025′ में सम्मानित किया गया था। कौशल के क्षेत्र में भारत की बढ़ती वैश्विक पहचान को और मजबूत करते हुए मंत्रालय ने हाल ही में ताइपे में आयोजितवर्ल्डस्किल्स एशिया प्रतियोगिता 2025′ में पदक और पदक और उत्कृष्टता पदक भी जीते हैं जो अंतर्राष्ट्रीय कौशल प्लेटफार्मों पर देश की बढ़ती उत्कृष्टता का प्रतीक है और उच्चस्तरीय कौशल में भारत की प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूत करता है।

 

झांकी में समावेशी विकास पर प्रकाश डाला गया है, जिसमें महिलाओं और पुरुषों को साथसाथ प्रशिक्षण लेते दिखाया गया। गैरपारंपरिक और प्रौद्योगिकीसंचालित भूमिकाओं में महिला प्रशिक्षुओं ने इस बात को रेखांकित किया कि कैसे कौशल विकास महिलाओं के नेतृत्व वाली आर्थिक वृद्धि को गति दे रहा है और उभरते क्षेत्रों में उनकी भागीदारी बढ़ा रहा है।

 

कर्तव्य पथ केवल वह स्थान नहीं है जहाँ हम अपनी सशस्त्र सेनाओं की ताकत और अपनी राष्ट्रीय उपलब्धियों का प्रदर्शन करते हैं बल्कि यह युवा शक्ति का ऐसाकौशल पथबन गया है, जहाँ सेविकसित भारतकी ओर भारत की यात्रा आगे बढ़ती है।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता, नवीकरणीय ऊर्जा, उन्नत विनिर्माण, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और सेमीकंडक्टर्स जैसे भविष्य उन्मुख क्षेत्रों को झांकी के केंद्र में रखा गया, जो कार्य के भविष्य के लिए भारत की तैयारी को दर्शाता है। मंत्रालय का एसओएआर ((स्किलिंग फॉर एआई रेडीनेस) कार्यक्रमजो सभी के लिए निःशुल्क सरकारी नेतृत्व वाले एआई पाठ्यक्रम प्रदान करता है। यह युवाओं को एआईसक्षम भूमिकाओं के लिए तैयार करने के भारत सरकार के केंद्रित प्रयासों को दर्शाता है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि भारत एआई क्रांति का नेतृत्व करे।

 

झांकी में पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को आधुनिक प्रौद्योगिकीविदों के साथ सम्मानित किया गया, जोआत्मनिर्भरताको दर्शाता है,जहाँ विरासत कौशल और नए जमाने की क्षमताएं एक साथ प्रगति करती हैं।

झांकी के केंद्र में एक मानव मस्तिष्क दर्शाया गया है, जो एक ओर रचनात्मकता और आलोचनात्मक सोच तथा दूसरी ओर अर्जित विश्लेषणात्मक कौशल का प्रतीक है। इसके दोनों ओर आपस में जुड़े दो हाथ पीएमसेतु के माध्यम से सुदृढ़ हुए सरकारउद्योग साझेदारी को दर्शाते हैंयह 1,000 सरकारी आईटीआई के आधुनिकीकरण की महत्वाकांक्षी योजना है। आईटीआई अग्निवीरों के प्रशिक्षण को भी सहायता प्रदान करते हैं, ताकि वे तकनीकी कौशल से युक्त, अनुशासित और सशक्त युवा बनकर राष्ट्रीय सेवा के साथसाथ आगे सार्थक करियर बना सकें।

 

कुल मिलाकर, यह झांकी एक ऐसे राष्ट्र के एकीकृत दृष्टिकोण को प्रस्तुत करती है जहाँ कौशल, विकास को गति देता है, नवाचार अवसरों को सक्षम बनाता है और युवा शक्तिविकसित भारतकी ओर भारत की यात्रा में अग्रिम मोर्चे पर  खड़े हैं।

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