Wednesday, January 28, 2026
Latest:
Current Affairs

प्रधानमंत्री ने पराक्रम दिवस पर संस्कृत सुभाषित साझा किया, नेताजी सुभाष चंद्र बोस की वीरता और शौर्य के आदर्शों को स्मरण किया

प्रधानमंत्री ने पराक्रम दिवस पर संस्कृत सुभाषित साझा किया, नेताजी सुभाष चंद्र बोस की वीरता और शौर्य के आदर्शों को स्मरण किया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जीवन हमें वीरता और शौर्य का सच्चा मायने सिखलाता है। उन्होंने कहा कि पराक्रम दिवस राष्ट्र को नेताजी के अदम्य साहस, बलिदान और मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण की याद दिलाता है।

प्रधानमंत्री ने वीरता के सबसे ऊंचे आदर्शों को दिखाने वाला एक संस्कृत सुभाषित साझा किया-

“एतदेव परं शौर्यं यत् परप्राणरक्षणम्। नहि प्राणहरः शूरः शूरः प्राणप्रदोऽर्थिनाम्॥

सुभाषित बताता है कि सबसे बड़ी वीरता दूसरों के प्राण बचाने में है; जो प्राण लेता है वह हीरो नहीं है, लेकिन जो प्राण देता है और संकटग्रस्त लोगों को जीवनदान देता है, वही वीर है।

प्रधानमंत्री ने एक्स(X) पर लिखा;

“नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जीवन हमें बताता है कि वीरता और शौर्य के मायने क्या होते हैं। पराक्रम दिवस हमें इसी का स्मरण कराता है।

एतदेव परं शौर्यं यत् परप्राणरक्षणम्।

नहि प्राणहरः शूरः शूरः प्राणप्रदोऽर्थिनाम्॥”

नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जीवन हमें बताता है कि वीरता और शौर्य के मायने क्या होते हैं। पराक्रम दिवस हमें इसी का स्मरण कराता है।

एतदेव परं शौर्यं यत् परप्राणरक्षणम्।

नहि प्राणहरः शूरः शूरः प्राणप्रदोऽर्थिनाम्॥ pic.twitter.com/hZBfbigJ2H

आगंतुक पटल : 329