इंडियाएआई और एनएफआरए ने एआई के माध्यम से वित्तीय निगरानी में बदलाव लाने के लिए वित्तीय रिपोर्टिंग अनुपालन चुनौती शुरू की; 1.5 करोड़ रुपए का पुरस्कार पूल; आवेदन 22 फरवरी, 2026 तक खुले हैं
इंडियाएआई और एनएफआरए ने एआई के माध्यम से वित्तीय निगरानी में बदलाव लाने के लिए वित्तीय रिपोर्टिंग अनुपालन चुनौती शुरू की; 1.5 करोड़ रुपए का पुरस्कार पूल; आवेदन 22 फरवरी, 2026 तक खुले हैं
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) के डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन (डीआईसी) के अंतर्गत एक स्वतंत्र व्यापार प्रभाग (आईबीडी) इंडियाएआई ने राष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग प्राधिकरण (एनएफआरए) के सहयोग से इंडियाएआई वित्तीय रिपोर्टिंग अनुपालन चुनौती शुरू की है।
इंडियाएआई एप्लीकेशन डेवलपमेंट इनिशिएटिव (आईएडीआई) के तहत यह पहल, भारतीय स्टार्टअप और कंपनियों को एक मजबूत, स्केलेबल एआई इंजन, जो नियामक ढांचे के विरुद्ध वित्तीय दस्तावेजों का स्वचालित सत्यापन कर सके, विकसित करने के लिए आमंत्रित करके ए-आई के लाभों को लोकतांत्रिक बनाना चाहती है।
इस चुनौती का उद्देश्य स्कैन किए गए और डिजिटल संस्करणों में मौजूद विभिन्न स्वरूपों के दस्तावेज़ स्रोतों से पाठ, तालिकाओं, हाइपरलिंक, अंतर्निहित डेटा और वित्तीय डेटा को निकालने , उन्हें तार्किक, शीर्षक-आधारित अनुभागों में विभाजित करने और पूर्व-परिभाषित ढांचे के विरुद्ध प्रत्येक अनुभाग की पूर्णता, अखंडता और अनुपालन को मान्य करने में सक्षम एक ए-आई-संचालित इंजन विकसित करके अनुपालन संबंधी कमियों को दूर करना है।
प्रतियोगिता में भाग लेने वालों के लिए रोमांचक पुरस्कार:
यह चुनौती भारत के लिए एक स्केलेबल नियामक प्रौद्योगिकी अवसंरचना के निर्माण का एक रणनीतिक प्रयास है, जो पारदर्शी वित्तीय रिपोर्टिंग के माध्यम से सार्वजनिक विश्वास और निवेशक संरक्षण सुनिश्चित करती है।
इच्छुक प्रतिभागी आवेदन संबंधी दिशानिर्देश देख सकते हैं और ए-आई-कोश पोर्टल https://aikosh.indiaai.gov.in/home/competitions/details/b5ebae1e-73d1-4ba8-baa1-21beaabd1f6d के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं । आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 22 फरवरी, 2026 है।
इंडियाएआई, इंडियाएआई मिशन की कार्यान्वयन एजेंसी है, जिसका उद्देश्य समाज के सभी वर्गों में एआई के लाभों का लोकतंत्रीकरण करना, एआई में भारत के वैश्विक नेतृत्व को मजबूत करना, तकनीकी आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना और ए-आई के नैतिक और जवाबदेह उपयोग को सुनिश्चित करना है।