केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने गुजरात के हणोल गांव में ‘आत्मनिर्भर हणोल महोत्सव–2026’ में भाग लिया
केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने गुजरात के हणोल गांव में ‘आत्मनिर्भर हणोल महोत्सव–2026’ में भाग लिया
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को गुजरात के भावनगर ज़िले के पालीताणा तालुका स्थित हणोल गांव में आयोजित ‘आत्मनिर्भर हणोल महोत्सव–2026’ में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने गांव की सामूहिक भावना, समरसता और आत्मनिर्भरता की सराहना करते हुए हणोल को देश के लिए एक आदर्श मॉडल बताया।

महोत्सव को संबोधित करते हुए श्री चौहान ने कहा कि हणोल आकर उनका मन प्रसन्न और आत्मा आनंदित है। उन्होंने आमंत्रण के लिए केंद्रीय मंत्री श्री मनसुखभाई मांडविया तथा गांव की आयोजन समिति के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हणोल एक ऐसा आदर्श गांव है, जहां जाति, धर्म और उपासना पद्धति से ऊपर उठकर पूरा गांव एकजुट है—जो आज के समय में दुर्लभ उदाहरण है।
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केंद्रीय मंत्री ने गांव में हुए विकास कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि अमृत सरोवर, खेल के उत्कृष्ट मैदान, सामुदायिक कार्यक्रमों के लिए भवन, जल संरक्षण और भूजल स्तर बढ़ाने के प्रयास, तथा स्वच्छता—ये सभी पहलें हणोल को विशिष्ट बनाती हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि गांव की सजावट पूरी तरह जनसहभागिता से की गई है—घरों के सामने पारंपरिक तोरण, रंगोलियां और सामुदायिक आयोजन बिना किसी सरकारी धन के, स्वेच्छा से किए गए हैं।

श्री चौहान ने गांव की सांस्कृतिक परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि ज्वारे की यात्रा, जिसमें बच्चे-बुज़ुर्ग, महिलाएं-पुरुष और युवा—सभी उत्साह के साथ सहभागी हैं—गांव की एकता और जीवंतता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि हणोल की पंचायत व्यवस्था भी अनुकरणीय है, जहां निर्विरोध चुनाव होते हैं और सामूहिक सहमति से पंच चुने जाते हैं- जो भारत की प्राचीन ‘पंच परमेश्वर’ परंपरा को साकार करती है।
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उन्होंने अमृत सरोवर के आसपास लगाए गए वृक्षों का उल्लेख करते हुए बताया कि यहां पेड़ लगाने और उनके संरक्षण की जिम्मेदारी स्वयं ग्रामीण उठाते हैं, जिससे पर्यावरण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता स्पष्ट होती है। यहां तक कि श्मशान घाट की व्यवस्था भी मानवीय संवेदना और सौंदर्यबोध का उदाहरण है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गरीबी मुक्त, रोजगारयुक्त और आत्मनिर्भर गांव की जो परिकल्पना है, उसे पूरे देश में साकार करने के लिए हणोल के इस मॉडल का व्यापक उपयोग किया जाएगा। उन्होंने पूरे गांव को बधाई देते हुए कहा कि “कहा जाता है यह कलयुग है, लेकिन हणोल में तो सतयुग की अनुभूति होती है। गांव के बच्चे-बच्चे और जन-जन में एक सकारात्मक ऊर्जा है, जिससे मैं गहरी प्रेरणा लेकर जा रहा हूं।”
उन्होंने कहा कि हणोल में स्वयं सहायता समूह, उत्कृष्ट खेल मैदान, विलेज ओलंपिक और कम्युनिटी हॉल जैसी सुविधाएं हैं, जो बड़े शहरों में भी दुर्लभ हैं। श्री चौहान ने कहा कि “इस मिट्टी में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। यदि सुविधाएं मिलें तो गांव के बच्चे भी चमत्कार कर सकते हैं,”।
अपने संबोधन के दौरान श्री चौहान ने गुजरात की गौरवशाली परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि इस धरती ने भारत को अनेक महापुरुष और संत दिए हैं। उन्होंने सत्य और अहिंसा के प्रतीक महात्मा गांधी तथा देश की एकता के शिल्पकार सरदार वल्लभभाई पटेल को याद किया। साथ ही, उन्होंने विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों की सराहना की।
अंत में, केंद्रीय मंत्री ने हणोल गांव को देश के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए ग्रामीणों को उनके समर्पण, एकता और नवाचार के लिए हार्दिक बधाई और अभिनंदन दिया।