प्रमुख रक्षा अध्यक्ष ने एनसीसी गणतंत्र दिवस शिविर 2026 में भाग ले रहें युवा कैडेट को प्रेरित किया
प्रमुख रक्षा अध्यक्ष ने एनसीसी गणतंत्र दिवस शिविर 2026 में भाग ले रहें युवा कैडेट को प्रेरित किया
प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने 13 जनवरी, 2026 को दिल्ली कैंट में आयोजित राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) गणतंत्र दिवस शिविर (आरडीसी) का दौरा किया। एनसीसी कैडेट और अधिकारियों को संबोधित करते हुए, सीडीएस ने लगातार चौथी बार आरडीसी शिविर में शामिल होने पर गर्व व्यक्त किया। उन्होंने कैडेट के उच्च मानकों और उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि प्रत्येक साल उनमें ऊर्जा और देशभक्ति की भावना फिर से जागृत होती है।
युवाओं के लिए दूरदृष्टि और दृढ़ संकल्प के महत्व पर बल देते हुए उन्होंने कहा, “सही मार्ग चुनने पर आप सही मंजिल तक पहुंचते हैं; आज सही मार्ग चुनना महत्वपूर्ण है।” अपने स्वयं के करियर की कहानी साझा करते हुए, सीडीएस ने कैडेट को सशस्त्र बलों में करियर बनाने और 2047 तक समृद्ध, सशक्त और सुरक्षित भारत के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कैडेट से कहा, “आप विकसित भारत के भावी नेता हैं।”
उन्होंने जनवरी के महत्व पर बल देते हुए इसे एक महत्वपूर्ण महीना बताया, इसमें स्वामी विवेकानंद जयंती मनाने वाला 12 जनवरी का राष्ट्रीय युवा दिवस, 14 जनवरी का वयोवृद्ध दिवस, 15 जनवरी का सेना दिवस, नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती मनाने वाला 23 जनवरी का पराक्रम दिवस, संविधान को अंगीकृत किए जाने की याद में 26 जनवरी का गणतंत्र दिवस और 30 जनवरी का शहीद दिवस जैसे प्रमुख आयोजन शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ये अवसर भारत की स्वतंत्रता, गणतंत्रवादी मूल्यों और राष्ट्रवाद की सच्ची भावना का जश्न मनाते हैं।
सीडीएस ने सेना, नौसेना और वायु सेना के कैडेट द्वारा प्रस्तुत ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ की शानदार प्रस्तुति और उत्तराखंड के घोराखाल स्थित सैनिक स्कूल के कैडेट द्वारा प्रस्तुत मधुर बैंड प्रदर्शन की सराहना की। युवा कैडेट के जोश और उत्साह से प्रभावित होकर उन्होंने उन्हें जीवंत और विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए और ‘फ्लैग एरिया’ के माध्यम से सामाजिक जागरूकता फैलाने के उनके प्रयासों के लिए बधाई दी।
उन्होंने एयरो और नेवल मॉडल ब्रीफिंग, ड्रोन डिस्प्ले में भाग लेने वाले कैडेटों की सराहना की और बताया कि यह किस प्रकार उनके अनुशासन और तकनीकी कौशल को प्रदर्शित करता है।
अपने संबोधन का समापन करते हुए जनरल चौहान ने कैडेट से कहा कि वे अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में काम करने के लिए कल का इंतजार न करें और जीवन में सकारात्मक और आशावादी दृष्टिकोण बनाए रखें।