एनएचएआई ने ‘क्लीन टॉयलेट पिक्चर चैलेंज’ को जून 2026 तक बढ़ाया
एनएचएआई ने ‘क्लीन टॉयलेट पिक्चर चैलेंज’ को जून 2026 तक बढ़ाया
राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्थित शौचालय सुविधाओं में स्वच्छता और उपयोगकर्ता अनुभव को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से, एनएचएआई ने अपनी नागरिक–केंद्रित पहल, ‘क्लीन टॉयलेट पिक्चर चैलेंज‘ को 30 जून 2026 तक बढ़ा दिया है। इस पहल के विस्तार का उद्देश्य ‘क्लीन टॉयलेट पिक्चर‘ योजना की निरंतर सार्वजनिक भागीदारी और प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करना है, साथ ही इस पहल से जुड़े फास्टैग रिचार्ज पुरस्कार का समय पर प्रसंस्करण भी सुनिश्चित करना है।
विस्तारित अभियान के तहत, राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं द्वारा साझा की गई स्वच्छ शौचालयों की तस्वीरों का दैनिक आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा और योजना के अंतर्गत पात्र दावों को समयबद्ध तरीके से संसाधित किया जाएगा। फास्टैग रिचार्ज का इनाम सत्यापन के पांच दिनों के भीतर संबंधित वाहन पंजीकरण संख्या (वीआरएन) में जमा कर दिया जाएगा, जिससे पारदर्शिता और त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित होगी।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने सितंबर 2025 में राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं को राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्थित टोल प्लाजाओं पर अस्वच्छ शौचालयों की जानकारी देने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु एक अनूठी ‘स्वच्छ शौचालय चित्र चुनौती‘ शुरू की थी। इस पहल को राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली, जिसमें लगभग 350 यात्रियों ने अस्वच्छ शौचालयों की सूचना दी और लगभग 265 योग्य प्रविष्टियों को फास्टैग रिचार्ज से पुरस्कृत किया गया।
यह पहल राष्ट्रीय राजमार्ग पर यात्रा करने वाले सभी लोगों के लिए खुली है। राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ता राजमार्गयात्रा मोबाइल एप्लिकेशन के नवीनतम संस्करण के माध्यम से गंदे शौचालयों की स्पष्ट, जियो–टैग और समय–चिह्नित तस्वीरें अपलोड करके इसमें भाग ले सकते हैं। तस्वीर जमा करते समय उपयोगकर्ताओं को नाम, स्थान, वाहन पंजीकरण संख्या और मोबाइल नंबर सहित बुनियादी विवरण भी प्रदान करने होंगे।
ऐसी घटना की रिपोर्ट करने वाले प्रत्येक पात्र वाहन पंजीकरण नंबर को 1,000 (केवल एक हजार रुपये) का इनाम मिलेगा, जो संबंधित वाहन पंजीकरण नंबर (VRN) में फास्टैग रिचार्ज के रूप में जमा किया जाएगा। प्रत्येक वीआरएन पूरी योजना अवधि के दौरान केवल एक ही इनाम के लिए पात्र होगा। यह इनाम हस्तांतरणीय नहीं है और इसे नकद में प्राप्त नहीं किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक राष्ट्रीय राजमार्ग शौचालय सुविधा के लिए प्रतिदिन केवल एक ही बार इनाम पर विचार किया जाएगा, चाहे कितनी भी रिपोर्ट प्राप्त हुई हों। यदि एक ही सुविधा के लिए एक ही दिन में कई रिपोर्टें जमा की जाती हैं, तो केवल राजमार्गयात्रा ऐप के माध्यम से जमा की गई पहली वैध रिपोर्ट पर ही विचार किया जाएगा।
यह योजना केवल एनएचएआई के अधिकार क्षेत्र में निर्मित, संचालित या अनुरक्षित शौचालय सुविधाओं पर लागू होती है। खुदरा ईंधन स्टेशनों, ढाबों या अन्य सार्वजनिक सुविधाओं पर स्थित शौचालय, जो एनएचएआई के नियंत्रण में नहीं हैं, इस योजना से बाहर रखे गए हैं। सभी प्रविष्टियों का सत्यापन एआई–सहायता प्राप्त स्क्रीनिंग और आवश्यकतानुसार मैन्युअल सत्यापन के माध्यम से किया जाएगा।
इस पहल के माध्यम से, एनएचएआई राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्वच्छता और साफ–सफाई के लिए साझा जिम्मेदारी की संस्कृति को बढ़ावा देने और उपयोगकर्ताओं की सुविधाओं में सुधार करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराता है।