प्रधानमंत्री ने सुभाषितम के माध्यम से सद्गुण, चरित्र, ज्ञान और धन के शाश्वत मूल्यों को रेखांकित किया
प्रधानमंत्री ने सुभाषितम के माध्यम से सद्गुण, चरित्र, ज्ञान और धन के शाश्वत मूल्यों को रेखांकित किया
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज भारतीय परंपरा के शाश्वत ज्ञान पर विचार करते हुए उन मूल्यों को रेखांकित किया जो राष्ट्रीय जीवन और व्यक्तिगत आचरण का मार्गदर्शन करते रहते हैं।
प्रधानमंत्री ने बल देकर कहा कि सच्ची सुंदरता सद्गुणों से निखरती है, वंश चरित्र से गौरवान्वित होता है, ज्ञान का मूल्य सफलता में निहित है और धन का अर्थ जिम्मेदारीपूर्ण आनंद है। उन्होंने कहा कि ये मूल्य न केवल शाश्वत हैं बल्कि समकालीन समाज में भी अत्यंत प्रासंगिक हैं। ये भारत की प्रगति, जिम्मेदारी और सद्भाव की सामूहिक यात्रा की दिशा में मार्गदर्शन करते हैं।
श्री मोदी ने एक्स पर एक संस्कृत श्लोक साझा करते हुए लिखा:
“गुणो भूषयते रूपं शीलं भूषयते कुलम्।
सिद्धिर्भूषयते विद्यां भोगो भूषयते धनम्॥”
गुणो भूषयते रूपं शीलं भूषयते कुलम्।
सिद्धिर्भूषयते विद्यां भोगो भूषयते धनम्॥ pic.twitter.com/ZCPId0z1kp