उप-राष्ट्रपति ने एनसीसी गणतंत्र दिवस शिविर 2026 के उद्घाटन समारोह में भाग लिया
उप-राष्ट्रपति ने एनसीसी गणतंत्र दिवस शिविर 2026 के उद्घाटन समारोह में भाग लिया
उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन ने आज नई दिल्ली स्थित डीजीएनसीसी कैंप में राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) गणतंत्र दिवस शिविर 2026 के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया और राष्ट्र निर्माण और युवा विकास में एनसीसी के निरंतर योगदान की प्रशंसा की।
Vice-President Shri C. P. Radhakrishnan attended the inauguration of the NCC Republic Day Camp 2026 at New Delhi as Chief Guest today.
He lauded the NCC’s vital role in nation-building, noting that its motto of Unity and Discipline continues to mould confident, responsible and… pic.twitter.com/MhVrxFDuon
कैडेटों को नव वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि अपने 78वें वर्ष में एनसीसी विश्व का सबसे बड़ा वर्दीधारी युवा संगठन बन गया है, जो अनुशासित, जिम्मेदार और देशभक्त नागरिकों के निर्माण के अपने मूल उद्देश्य पर दृढ़तापूर्वक कायम है। उन्होंने गणतंत्र दिवस शिविर को भारत के युवाओं में विश्वास और एक सशक्त व एकजुट राष्ट्र के निर्माण के सामूहिक संकल्प का सशक्त प्रतीक बताया।
एनसीसी के आदर्श वाक्य “एकता और अनुशासन” पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि यह संगठन आत्मविश्वास से भरे और मूल्यों से प्रेरित युवाओं को आकार देना जारी रखे हुए है, जो विकसित भारत@2047 की रीढ़ हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व का उल्लेख करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि विकसित भारत की यात्रा कुशल, अनुशासित और सेवाउन्मुख युवाओं द्वारा संचालित आत्मनिर्भर भारत के निर्माण पर टिकी है, जिसमें एनसीसी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान एनसीसी कैडेटों के अनुकरणीय योगदान का स्मरण करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि लगभग 72000 कैडेटों ने नागरिक सुरक्षा कर्तव्यों के लिए स्वेच्छा से सेवा दी, जिसने आवश्यकता के समय राष्ट्र की सेवा के प्रतिर उनकी प्रतिबद्धता, साहस और तत्परता प्रदर्शित की।
गणतंत्र दिवस के महत्व पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि एनसीसी गणतंत्र दिवस शिविर संविधान के न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व जैसे मूल्यों को दर्शाता है, जहां विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के कैडेट एक साथ रहकर प्रशिक्षण लेते हैं और राष्ट्रीय एकता की भावना को साकार करते हैं। उन्होंने साहसिक गतिविधियों, अंतरराष्ट्रीय युवा विनिमय कार्यक्रमों, पर्यावरणीय पहलों तथा आपदा राहत प्रयासों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए एनसीसी कैडेटों की प्रशंसा की, जिसमें केरल में वायनाड बाढ़ के दौरान उनकी सराहनीय सेवा भी शामिल है।
एनसीसी प्रशिक्षण के आधुनिकीकरण का स्वागत करते हुए, जिसमें साइबर एवं ड्रोन प्रशिक्षण की शुरुआत और रिमोट पायलट प्रशिक्षण अकादमी की स्थापना शामिल है, उपराष्ट्रपति ने कहा कि ऐसी पहल युवाओं को उभरती प्रौद्योगिकीय और सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करेंगी। उन्होंने युवा प्रतिभाओं को निखारने और राष्ट्र के चरित्र को मजबूत करने में एनसीसी अधिकारियों, प्रशिक्षकों और कर्मचारियों के समर्पण की भी सराहना की।
उपराष्ट्रपति ने एनसीसी गणतंत्र दिवस शिविर 2026 में भाग लेने वाले सभी कैडेटों को अपनी शुभकामनाएं दीं और उनसे सेवा, अनुशासन और देशभक्ति के उच्चतम आदर्शों को बनाए रखने का आग्रह किया।
इससे पहले, शिविर में पहुंचने पर उपराष्ट्रपति ने एनसीसी कैडेटों द्वारा प्रस्तुत गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया। उन्होंने हॉल ऑफ फेम का दौरा किया और उन्हें एनसीसी की विरासत, उपलब्धियों और विकास के बारे में जानकारी दी गई। उपराष्ट्रपति ने युवा आपदा मित्र योजना और ड्रोन प्रशिक्षण जैसी पहलों को उजागर करने वाले प्रदर्शनी स्टालों का भी दौरा किया तथा आपदा तैयारियों और उभरती प्रौद्योगिकियों को अपनाने में संगठन के प्रयासों की सराहना की। बाद में, उन्होंने कैडेटों द्वारा प्रस्तुत एक सांस्कृतिक कार्यक्रम देखा और उनसे बातचीत की तथा उनके अनुशासन, उत्साह और राष्ट्रीय गौरव की भावना की प्रशंसा की।
Earlier, on arrival at the Camp, the Vice-President inspected a Guard of Honour presented by NCC cadets. He visited the Hall of Fame and was briefed on the NCC’s rich legacy, achievements and evolution.
He also visited exhibition stalls showcasing initiatives such as the YUVA… pic.twitter.com/ochqRYbDPT
इस अवसर पर एनसीसी के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स, अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं प्रशिक्षक तथा देश के विभिन्न भागों से शिविर में भाग ले रहे कैडेट उपस्थित थे।