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प्रधानमंत्री ने संस्कृत का सुभाषितम साझा करते हुए बल देकर कहा कि उद्यमियों या कर्मठ लोगों के लिए कुछ भी असंभव नहीं

प्रधानमंत्री ने संस्कृत का सुभाषितम साझा करते हुए बल देकर कहा कि उद्यमियों या कर्मठ लोगों के लिए कुछ भी असंभव नहीं

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज एक संस्कृत सुभाषितम् साझा करते हुए इस बात पर बल दिया कि उद्यमियों या कर्मठ लोगों के लिए कुछ भी असंभव नहीं है –

नात्युच्चशिखरो मेरुर्नातिनीचं रसातलम्।

व्यवसायद्वितीयानां नात्यपारो महोदधिः॥”

सुभाषितम में कहा गया है कि कोई भी पर्वत इतना ऊंचा और कोई भी स्थान इतना गहरा नहीं है कि उस तक पहुंचा न जा सके! इसी प्रकार, कोई भी महासागर इतना विशाल नहीं है कि उसे पार न किया जा सके! वास्‍तव में, उद्यमियों या कर्मठ लोगों के लिए कुछ भी असंभव नहीं है।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा;

नात्युच्चशिखरो मेरुर्नातिनीचं रसातलम्।

व्यवसायद्वितीयानां नात्यपारो महोदधिः॥”

नात्युच्चशिखरो मेरुर्नातिनीचं रसातलम्।

व्यवसायद्वितीयानां नात्यपारो महोदधिः॥ pic.twitter.com/drNJNTbEm0

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