प्रधानमंत्री ने वास्तविक वीरता पर बल देते हुए एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
प्रधानमंत्री ने वास्तविक वीरता पर बल देते हुए एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
वास्तविक वीरता पर बल देते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया –
“बन्धनं मरणं वापि जयो वापि पराजयः।
उभयत्र समो वीरः वीरभावो हि वीरता।।”
सुभाषित का भाव यह है कि चाहे बंधन में हों या मृत्यु का सामना कर रहे हों, विजय में हों या पराजय में—सच्चा वीर वही है जो हर परिस्थिति में साहस की भावना को बनाए रखता है और अडिग रहता है; यही वास्तविक वीरता है।
प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर लिखा:
“बन्धनं मरणं वापि जयो वापि पराजयः।
उभयत्र समो वीरः वीरभावो हि वीरता।।”
बन्धनं मरणं वापि जयो वापि पराजयः।
उभयत्र समो वीरः वीरभावो हि वीरता।। pic.twitter.com/gE5wxx3Sve