राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग
केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री श्री दुर्गादास उइके ने आज लोकसभा में एक अतारांकित प्रश्न का उत्तर देते हुए सूचित किया कि राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और राजस्थान के कुछ जिलों में व्यक्तिगत और सामुदायिक वन अधिकार अधिनियम (एफआरए) के अंतर्गत भूमि पट्टा दावों के त्वरित निपटारे के लिए समितियों का गठन किया है। इसके परिणामस्वरूप हजारों लंबित भूमि पट्टा मामलों का समाधान हुआ है।
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (एनसीएसटी) के लिए वर्तमान वित्तीय वर्ष हेतु बजट अनुमान (बीई) आवंटन 19.68 करोड़ रुपए है और वर्तमान कर्मचारियों की संख्या 77 है।
वर्ष 2022 से 2024 के दौरान आयोग ने अनुसूचित जनजातियों के अधिकारों से संबंधित विभिन्न विषयों पर 19 शोध अध्ययन किए हैं।