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गैर-अधिसूचित खानाबदोश और अर्ध-खानाबदोश जनजातियों का आर्थिक सशक्तिकरण

गैर-अधिसूचित खानाबदोश और अर्ध-खानाबदोश जनजातियों का आर्थिक सशक्तिकरण

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, गैर-अधिसूचित खानाबदोश और अर्ध-खानाबदोश (डीएनटी) समुदायों के विकास एवं कल्याण के लिए, आर्थिक सशक्तिकरण योजना लागू कर रहा है, जिसके लिए वर्ष 2025-26 के लिए 39.40 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। यह योजना निम्नलिखित के लिए सहायता प्रदान करती है:

i. शैक्षिक सशक्तिकरण: निःशुल्क कोचिंग के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना, जिससे वे अच्छे संस्थानों में प्रवेश प्राप्त कर सकें/सार्वजनिक और निजी क्षेत्र में रोजगार पा सकें।

ii. स्वास्थ्य: डीएनटी समुदायों को आयुष्मान कार्ड वितरित किए जा रहे हैं।

iii. आजीविका: डीएनटी क्लस्टरों में स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) गठित किए गए हैं ताकि वे अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार कर सकें, और

iv. भूमि और आवास: पीएमएवाई-जी/पीएमएवाई-यू और अन्य सरकारी योजनाओं के तहत डीएनटी समुदायों को आवास उपलब्ध कराने में सुविधा प्रदान करता है।

गैर-अधिसूचित, खानाबदोश और अर्ध-खानाबदोश समुदायों के आर्थिक सशक्तिकरण योजना (एसईईडी) का उद्देश्य इन समुदायों की पारंपरिक कला को संरक्षित करने और कौशल विकास के लिए उनके विपणन प्रयासों को सुगम बनाना, सामुदायिक समूहों, स्वयं सहायता समूहों, सामुदायिक आधारित संगठनों को प्रोत्साहित करना, ताकि गैर-अधिसूचित, खानाबदोश और अर्ध-खानाबदोश समुदायों के लिए आजीविका के अवसरों को बढ़ावा दिया जा सके। इस पहल से 2199 स्वयं सहायता समूहों को कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जिससे सिलाई, साबुन बनाना, आभूषण बनाना, ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण पाठ्यक्रम, खाद्य प्रसंस्करण, पशुपालन, घरेलू आवश्यक वस्तुएं और शिल्प तथा बुनियादी कंप्यूटर प्रशिक्षण जैसे क्षेत्रों में 10554 व्यक्तियों को लाभ हुआ। वित्तीय स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए 25,000 रुपये की मंजूरी दी गई है। बचत और आपसी ऋण देने की संस्कृति को बढ़ावा दिया गया। महिलाओं ने ऋण का उपयोग किराना की दुकानें, चूड़ी की दुकानें और बकरी पालन जैसे व्यवसाय शुरू करने के लिए किया। इन 10554 लाभार्थियों को कौशल प्रशिक्षण, वित्तीय समावेशन और स्वरोजगार पहलों के माध्यम से आय सृजन और उद्यम विकास के तहत सहायता प्रदान की गई।

यह जानकारी केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री श्री बी.एल. वर्मा ने आज राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

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