पिछले 11 वर्षों में क्रांतिकारी अवसंरचना विकास से भारत के पर्यटन क्षेत्र के अभूतपूर्व विस्तार को गति मिली है: श्री गजेंद्र सिंह शेखावत
पिछले 11 वर्षों में क्रांतिकारी अवसंरचना विकास से भारत के पर्यटन क्षेत्र के अभूतपूर्व विस्तार को गति मिली है: श्री गजेंद्र सिंह शेखावत
केंद्रीय पर्यटन मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने आज कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद के दशकों में भारत में सड़क और रेल अवसंरचना का धीरे–धीरे विकास हुआ, लेकिन पिछले 11 वर्षों में सड़क परिवहन, रेलवे और जलमार्ग में क्रांतिकारी बदलाव आया है। अवसंरचना के इस तेज विकास से न केवल राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है, बल्कि पर्यटन क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास हुआ है।
नई दिल्ली में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए श्री शेखावत ने कहा कि पिछले दशक में भारत के पर्यटन क्षेत्र ने ऐतिहासिक विस्तार देखा है, जिसे केंद्रित नीतिगत हस्तक्षेपों, व्यापक अवसंरचना निर्माण और वैश्विक ब्रांडिंग के सतत प्रयासों से गति मिली है। ये उपलब्धियाँ अंतरराष्ट्रीय और घरेलू दोनों तरह के यात्रियों के लिए पसंदीदा गंतव्य के रूप में भारत की स्थिति को रेखांकित करती हैं।

पर्यटक आगमन में तीव्र वृद्धि
पर्यटन अवसंरचना का बड़े पैमाने पर विस्तार
स्वदेश दर्शन योजना (2015 से)
स्वदेश दर्शन 2.0 – सतत और गंतव्य–केंद्रित पर्यटन
चुनौती–आधारित गंतव्य विकास (सीबीडीडी)
कुल 648.11 करोड़ रुपये मूल्य की 36 परियोजनाओं को मंजूरी दी गयी, जो निम्न क्षेत्रों से जुड़ी हैं:
ये पहलें पूरे पर्यटन मूल्य श्रृंखला के साथ–साथ आगंतुक अनुभव तथा पहुँच क्षमता को बेहतर बनाती हैं।
प्रतीकात्मक पर्यटन केंद्रों का विकास (एसएएससीआई – 2024–25)
केंद्रीय एजेंसी सहायता योजना
परिवहन संपर्क को बढ़ावा: राष्ट्रीय राजमार्गों का विस्तार
(स्रोत: सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, वार्षिक रिपोर्ट 2024–25)