बिहार में सहकारी समितियों का आधुनिकीकरण और पैक्स का डिजिटलीकरण
बिहार में सहकारी समितियों का आधुनिकीकरण और पैक्स का डिजिटलीकरण
सहकारिता मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा राज्यों/संघ राज्यक्षेत्रों के दौरों के माध्यम से भी इसकी समीक्षा की जाती है ।
पैक्स को किसानों के बहुउद्देशीय केंद्रों में रूपांतरित करने के लिए बिहार में उठाए गए विभिन्न कदम निम्नानुसार हैं:
भंडारण – बिहार में राज्य योजना के अधीन, राज्य भर के पैक्स में 7,221 गोदामों का निर्माण और 17.14 लाख MT की भंडारण क्षमता का सृजन करते हुए भौतिक अवसंरचना को मजबूत किया गया है। वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान 2.49 लाख MT की भंडारण क्षमता के 278 गोदामों को स्वीकृत किया गया है ।
आज की तारीख तक, विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना (WLGSP) के अधीन सहकारिता विभाग, बिहार सरकार द्वारा 1,33,500 MT की क्षमता के साथ 36 पैक्स की पहचान की गई है । WLGSP के अधीन गोदामों के निर्माण के लिए पैक्स, सहकारी बैंकों और बिहार राज्य भांडागारण निगम (BSWC) के बीच त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं ।
राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस (NCD) के अनुसार 7,398 पैक्स, कस्टम हाइरिंग केंद्रों के रूप में कार्य कर रहे हैं । इन केंद्रों की सूची संलग्नक ‘क’ पर दी गई है ।
रिटेल –
कृषि निविष्टियां – वर्तमान में 2271 पैक्स के पास उर्वरक लाइसेंस हैं जिनमें से 1681 पैक्स का प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्रों के रूप में उन्नयन किया गया है । ये केंद्र मृदा परीक्षण, प्रशिक्षण, आदि जैसी अतिरिक्त सेवाएं प्रदान करते हैं ।
डोरस्टेप वित्तीय सेवाएं:
पैक्स कंप्यूटरीकरण की केंद्रीय प्रायोजित परियोजना (CSPCP) के अधीन बिहार राज्य को स्वीकृत कुल निधि 51.76 करोड़ रुपये है तथा वर्ष-वार एवं जिला-वार ब्योरा संलग्नक-‘ख’ पर दिया है ।
आईटी इंटरवेंशंस के माध्यम से सहकारी समितियों का सशक्तीकरण परियोजना के अधीन दो घटकों, अर्थात् क) ARDB का कंप्यूटरीकरण ख) सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार (RCS) कार्यालय का कंप्यूटरीकरण में निधि जारी की जाती हैं । उपर्युक्त दो घटकों के अधीन स्वीकृत निधियां क्रमश: संलग्नक -‘ग’ और संलग्नक ‘घ’ में दी गई हैं ।
दिनांक 25.11.2025 के अनुसार, राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) ने देश भर में सहकारी संस्थानों के विकास के लिए ₹4,67,455.66 करोड़ का संचयी संवितरण किया है । इसमें से बिहार में सहकारी विकास के लिए ₹11,534.17 करोड़ रुपये का संवितरण किया गया है । विगत पांच वर्षों में बिहार में संवितरण का ब्योरा संलग्नक-‘ङ’ में प्रस्तुत है ।
एनसीडीसी अपनी निगम प्रायोजित योजनाओं के अधीन, समय-समय पर यथा संशोधित अधिसूचित कमोडिटीज़ के व्यापक क्षेत्र को कवर करते हुए सहकारी क्षेत्र को वित्तीय सहायता प्रदान कर रहा है । हाल के वर्षों में NCDC ने महिला सशक्तीकरण, सहकारी समितियों के डिजिटलीकरण और ग्रामीण स्वास्थ्य देखभाल पर विशेष बल देते हुए सहकारी क्षेत्र की उभरती जरूरतों के साथ संरेखित क्षेत्र-विशिष्ट योजनाएं और केंद्रीकृत उत्पादों की शुरूआत की है । सहायता प्राप्त क्रियाकलाप और कार्यान्वित योजनाओं का ब्योरा संलग्नक- ‘च’ पर प्रस्तुत है ।
वित्तीय वर्ष 2020 से वित्तीय वर्ष 2025 की 5 वर्षों की अवधि के लिए सहकारी विकास निधि (CDF- 005) के अधीन समग्र अवसरंचना सहयोग के अंतर्गत 09 प्राथमिक कृषि क्रेडिट समितियों (PACS) को 21,20,552/- रुपये (रुपये इक्कीस लाख बीस हजार पांच सौ बावन मात्र) की धनराशि स्वीकृत की गई है ।
NABARD द्वारा पैक्स कंप्यूटरीकरण परियोजना के अधीन पैक्स को प्रदत्त e-PACS सॉफ्टवेयर के प्रचालन के लिए एक सक्षम समूह बनाने हेतु कोर मास्टर ट्रेनर्स/मास्टर ट्रेनर्स और पैक्स कर्मियों का प्रशिक्षण संचालित किया गया है । अब तक, सिस्टम इंटिग्रेटर, जिला केंद्रीय सहकारी बैंक और पैक्स के कार्मिकों के प्रशिक्षण के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 से वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान 2,15,11,259/ रुपये (दो करोड़ पंद्रह लाख ग्यारह हजार दो सौ उनसठ रुपये मात्र) स्वीकृत किए गए हैं ।
संलग्नक-‘A’
कस्टम हाइरिंग केंद्रों की सूची
क्रम सं.
राज्य
कृषि उपस्करों की हाइरिंग
1
आंध्र प्रदेश
5
2
बिहार
2,661
3
गोवा
2
4
गुजरात
34
5
हरियाणा
24
6
हिमाचल प्रदेश
5
7
जम्मू और कश्मीर
4
8
झारखंड
12
9
कर्नाटक
108
10
केरल
43
11
मध्य प्रदेश
87
12
महाराष्ट्र
25
13
मणिपुर
30
14
मेघालय
17
15
मिजोरम
2
16
नागालैंड
1
17
ओडिशा
31
18
पुडुचेरी
29
19
पंजाब
2,024
20
राजस्थान
1,046
21
तमिलनाडु
857
22
तेलंगाना
3
23
त्रिपुरा
6
24
उत्तर प्रदेश
169
25
उत्तराखंड
1
26
पश्चिम बंगाल
172
कुल
7,398
संलग्नक-‘ख’
पैक्स कंप्यूटरीकरण परियोजना
रुपये करोड़ में
क्रम सं.
राज्य/संघ राज्यक्षेत्र
वित्तीय वर्ष 2022-23 में जारी धनराशि
वित्तीय वर्ष 2023-24 में जारी धनराशि
वित्तीय वर्ष 2024-25 में जारी धनराशि
वित्तीय वर्ष 2025-26 में जारी धनराशि
कुल जारी धनराशि
1
महाराष्ट्र
87.95
33.65
–
9.14
130.73
2
राजस्थान
23.78
43.30
11.00
6.76
84.83
3
गुजरात
–
58.30
22.19
13.48
93.97
4
उत्तर प्रदेश
11.28
42.30
–
13.51
67.10
5
कर्नाटक
40.25
15.39
–
12.19
67.83
6
मध्य प्रदेश
33.23
25.42
–
7.78
66.43
7
तमिलनाडु
33.20
12.48
–
6.05
51.73
8
बिहार
32.95
–
14.66
4.15
51.76
9
पश्चिम बंगाल
30.54
–
–
15.25
45.79
10
पंजाब
25.52
–
–
7.42
32.94
11
आंध्र प्रदेश
14.93
3.74
14.54
2.10
35.31
12
छत्तीसगढ़
14.86
–
10.21
3.28
28.35
13
हिमाचल प्रदेश
9.56
7.32
3.09
6.77
26.74
14
झारखंड
10.99
–
15.10
8.21
34.30
15
हरियाणा
4.85
2.44
–
1.50
8.79
16
उत्तराखंड
–
3.69
–
–
3.69
17
असम
6.41
2.45
6.39
1.76
17.02
18
जम्मू और कश्मीर
5.25
1.52
1.85
1.75
10.37
19
त्रिपुरा
2.95
1.13
3.03
–
7.11
20
मणिपुर
2.55
–
–
0.59
3.14
21
नागालैंड
0.36
2.46
1.60
0.01
4.43
22
मेघालय
1.23
–
–
1.11
2.34
23
सिक्किम
1.18
0.90
0.79
0.41
3.28
24
गोवा
0.32
0.13
0.44
0.31
1.19
25
अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह
–
0.69
–
–
0.69
26
पुडुचेरी
0.44
0.17
–
0.06
0.67
27
मिजोरम
0.27
–
0.44
0.56
1.27
28
अरुणाचल प्रदेश
0.15
0.12
0.09
–
0.36
29
लद्दाख
–
0.12
–
–
0.12
30
ओडिशा
–
–
–
18.07
18.07
31
दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव
–
–
0.12
–
0.12
32
उपकुल
395.00
257.71
105.54
142.24
900.49
33
नाबार्ड
100.00
40.92
25.00
–
165.92
34
कुल
495.00
298.63
130.54
–
1,066.41
संलग्नक -‘ग’
ARDB कंप्यूटरीकरण परियोजना
रुपये करोड़ में
क्रम सं.
राज्य/संघ राज्यक्षेत्र
वित्तीय वर्ष 2023-24 में जारी धनराशि
वित्तीय वर्ष 2024-25 में जारी धनराशि
वित्तीय वर्ष 2025-26 में जारी धनराशि
कुल जारी धनराशि
1
पुडुचेरी
0.04
–
0.07
0.11
2
पंजाब
0.47
–
0.48
0.94
3
जम्मू और कश्मीर
0.26
–
–
0.26
4
त्रिपुरा
0.04
–
–
0.04
5
उत्तर प्रदेश
1.27
–
0.48
1.75
6
कर्नाटक
0.80
–
0.48
1.28
7
तमिलनाडु
–
1.49
0.48
1.96
8
हरियाणा
–
0.76
–
0.76
9
हिमाचल प्रदेश
–
0.56
0.48
1.04
10
गुजरात
–
0.82
–
0.82
11
राजस्थान
–
0.67
0.48
1.14
कुल
2.88
4.29
2.93
10.10
नोट:- जम्मू और कश्मीर अब इस परियोजना से हट गया है ।
संलग्नक-‘घ’
RCS कार्यालय का कंप्यूटरीकरण
क्रम सं.
राज्य/ संघ राज्यक्षेत्र
वर्ष 2023-24 में प्रथम किस्त जारी
(लाख रुपये)
वर्ष 2024-25 में प्रथम किस्त जारी
(लाख रुपये)
वर्ष 2025-26 में प्रथम किस्त जारी
(लाख रुपये)
वर्ष 2025-26 में प्रथम किस्त जारी
(लाख रुपये)
हार्डवेयर और क्लाउड के लिए
बिना CSNA सॉफ्टवेयर विकास के लिए
सॉफ्टवेयर विकास के लिए NCDC (CSNA) को अंतरित निधि
हार्डवेयर और क्लाउड के लिए
सॉफ्टवेयर विकास के लिए NCDC (CSNA) को अंतरित निधि
हार्डवेयर (SPARSH) और क्लाउड के लिए
सॉफ्टवेयर विकास के लिए NCDC (TSA) को अंतरित निधि
1
अंडमान और निकोबार
2.175
6.525
2
आंध्र प्रदेश
–
75
3
अरुणाचल प्रदेश
–
50.9
37.5
4
असम
14.9175
30
5
बिहार
10.9125
32.74
52.41
6
चंडीगढ़
–
14.9
75
7
छत्तीसगढ़
–
46.45
37.5
61.82
8
दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव
–
14.9
75
9
गोवा
0.765
8.95
75
10
गुजरात
13.8375
43.65
11
हरियाणा
–
74.6
56.55
12
हिमाचल प्रदेश
–
35.76
13
जम्मू और कश्मीर
7.71
13.98
14
झारखंड
6.975
15
कर्नाटक
13.0725
35.15
50
2.035
16
केरल
–
–
17
लद्दाख
1.725
14.9
75
18
लक्षद्वीप
0.6375
19
मध्य प्रदेश
18.405
20
महाराष्ट्र
75
21
मणिपुर
7.2225
22
मेघालय
3.40875
23
मिजोरम
–
75
15.79
24
नागालैंड
7.2225
21.67
25
दिल्ली रा.रा.क्षे.
–
13.45
73.45
14.42
26
ओडिशा
–
75
12.89
27
पुडुचेरी
2.1
11.95
75
9.1
28
पंजाब
6.435
18.55
29
राजस्थान
81.36
30
सिक्किम
3.1725
6.3
1.61
31
तमिलनाडु
–
75
42.85
32
तेलंगाना
13.8375
20.755
33
त्रिपुरा
3.9825
11.94
65
34
उत्तर प्रदेश
25.065
35
उत्तराखंड
4.82625
9.7
36
पश्चिम बंगाल
23.76
61.39
कुल
168.405
441.305
225
1020.5
118.37
181.98
1805.175
181.98
महाकुल
2155.56
संलग्नक-‘ङ’
विगत 5 वर्षों में बिहार में एनसीडीसी द्वारा क्रियाकलाप-वार संवितरण
रुपये करोड़ में
क्रम सं.
क्रियाकलाप
2020-21
2021-22
2022-23
2023-24
2024-25
2025-26
दिनांक 25.11.2025 के अनुसार
कुल
1
सेवा सहकारी समिति
1,600.00
2,800.00
4,000.00
8,400.00
2
I C D P
14.48
1.22
3.53
12.36
31.59
3
निविष्टियां
13.00
52.00
39.76
0.10
0.09
104.95
4
डेयरी और पशुधन
6.12
3.65
6.58
16.35
5
FPO
0.94
3.64
2.98
5.64
5.78
18.98
6
मात्स्यिकी
0.09
0.08
0.39
0.39
0.95
7
मत्स्य FPO (FFPO)
0.16
0.10
1.19
0.25
1.70
8
भंडारण
800.00
0.25
800.25
कुल
1,633.60
2,857.90
4,053.75
815.83
7.32
6.37
9,374.77
संलग्नक-‘च’
भाग क: एनसीडीसी प्रायोजित योजना
सहायता प्रदत्त कार्यकलाप:
एनसीडीसी, सहकारी समितियों को उनके विकास के लिए ऋण (सावधि ऋण और निवेश ऋण दोनों) और सब्सिडी के रूप में वित्तीय सहायता प्रदान करता है । ऋण घटक एनसीडीसी की अपनी निधि में प्रदान किया जाता है जबकि अन्य केंद्रीय क्षेत्रक योजनाओं को डवटेल करने उपरांत सब्सिडी प्रदान की जाती है । एनसीडीसी द्वारा सहायता प्रदान किए जाने वाले कार्यकलापों की सूची निम्नानुसार है:-
एनसीडीसी के केंद्रित उत्पाद
भाग ख: एनसीडीसी द्वारा कार्यान्वित की जा रही सहकारिता मंत्रालय और अन्य मंत्रालयों/विभागों की योजनाएं
(ii) प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (PMKSY)– एकीकृत शीत श्रृंखला और मूल्य वर्धन अवसंरचना योजना – खाद्य प्रसंस्करण और उद्योग मंत्रालय ।
यह जानकारी केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
- वित्तीय समावेशन निधि के अधीन नाबार्ड और बिहार राज्य सहकारी बैंक ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान 785 माइक्रो- ATMs के लिए 1.76 करोड़ रुपये और वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान 239 माइक्रो- ATMs के लिए 53.77 लाख रुपये स्वीकृत किए हैं । इसके अलावा, किसान सहित ग्रामीण जनता को वित्तीय साक्षरता के प्रसार हेतु वित्तीय साक्षरता जागरूकता कार्यक्रमों (FLAPs) के लिए जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों को 390 FLAPs संचालित करने हेतु 22.11 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं । वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान, FIF (वित्तीय समावेशन निधि) केअधीन वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम संचालित करने के लिए 7.53 लाख रुपये की अनुदान सहायता के साथ 130 FLAPs स्वीकृत किए गए हैं ।
- वर्तमान में 5256 पैक्स कॉमन सेवा केंद्रों के रूप में बैंकिंग शिक्षा, डिजी-पे, आईआरसीटीसी, बिजली बिल, KVK फसल स्वास्थ्य देखभाल, आदि सेवाएं प्रदान कर रहे हैं ।
- पैक्स कंप्यूटरीकरण परियोजना, आईटी इंटरवेंशंस के माध्यम से सहकारी समितियों का सशक्तीकरण (कृषि और ग्रामीण विकास बैंकों का कंप्यूटरीकरण (ARDBs)) और सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार (RCS) कार्यालयों के कंप्यूटरीकरण के अधीन देश भर में स्वीकृत निधि निम्नानुसार है: