कोविड-19 के बाद किए गए तर्क संगत उपायों के चलते दैनिक ट्रेन सेवाओं की औसत संख्या बढ़कर 11,740 हुई, जो महामारी से पहले के 11,283 दैनिक ट्रेनों के स्तर से अधिक है
कोविड-19 के बाद किए गए तर्क संगत उपायों के चलते दैनिक ट्रेन सेवाओं की औसत संख्या बढ़कर 11,740 हुई, जो महामारी से पहले के 11,283 दैनिक ट्रेनों के स्तर से अधिक है
वर्तमान में, भारतीय रेलवे नेटवर्क पर चेयर कार वाली 164 वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं। इसके अलावा, वंदे भारत एक्सप्रेस और इसके वेरिएंट सहित नई ट्रेनों की शुरुआत भारतीय रेलवे में एक सतत् प्रक्रिया है, जो कई कारकों पर निर्भर करती है, जिनमें निम्नलिखित शामिल हैं:
कोविड-19 महामारी के प्रसार को रोकने के लिए भारतीय रेलवे (आईआर) ने 23 मार्च 2020 से सभी नियमित यात्री ट्रेनों का संचालन बंद कर दिया था और केवल विशेष ट्रेनें ही चलाई जा रही थीं। भारतीय रेलवे ने आईआईटी-मुंबई की मदद से समय सारिणी का युक्तिकरण भी वैज्ञानिक तरीके से किया, जिसमें ट्रेन सेवाओं और ठहरावों का समायोजन भी शामिल था। यह प्रक्रिया मुख्य रूप से यात्रियों की सुरक्षा के लिए रखरखाव कॉरिडोर ब्लॉक बनाने, ट्रेन सेवाओं की गति बढ़ाने और समय की पाबंदी में सुधार करने के लिए की गई थी। नवंबर 2021 से, एक्सप्रेस ट्रेनें युक्तिसंगत समय सारिणी और नियमित संख्या के अनुसार चलाई जा रही हैं।
भारतीय रेलवे नेटवर्क पर प्रतिदिन औसतन 11,740 ट्रेनें (नवंबर 2025) चलती हैं, जबकि कोविड-19 से पहले यह संख्या 11,283 थी। भारतीय रेलवे नेटवर्क पर प्रतिदिन औसतन 2,238 मेल/एक्सप्रेस ट्रेनें (नवंबर 2025) चलती हैं, जबकि कोविड-19 से पहले यह संख्या 1,768 थी।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें
लंबी और मध्यम दूरी की रात्रिकालीन यात्रा को सुविधाजनक बनाने के लिए, वंदे भारत ट्रेन के स्लीपर संस्करण को स्वदेशी रूप से डिजाइन किया गया है। ऐसे दो रैक निर्मित किए जा चुके हैं और परीक्षण/चालू करने की प्रक्रिया में हैं।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों में उपलब्ध व्यापक तकनीकी प्रगति और सुरक्षा विशेषताएं निम्नलिखित हैं-
यह जानकारी केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने आज लोकसभा में प्रश्नों के लिखित उत्तर में दी।