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सरकार ने प्रसार भारती के माध्यम से आपदा चेतावनियों एवं कल्याणकारी योजनाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाया

सरकार ने प्रसार भारती के माध्यम से आपदा चेतावनियों एवं कल्याणकारी योजनाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाया

सरकार कल्याणकारी योजनाओं, सार्वजनिक सलाहों और आपदा संबंधी सूचनाओं के प्रसार के महत्व को समझती है, विशेष कर ग्रामीण, दूरस्थ एवं सीमावर्ती क्षेत्रों में।

सरकार अपने सार्वजनिक प्रसारक, प्रसार भारती (दूरदर्शन एवं आकाशवाणी) के माध्यम से एफएम/एमडब्ल्यू/एसडब्ल्यू रेडियो नेटवर्क, स्थलीय टीवी ट्रांसमीटर, डीडी फ्रीडिश, डिजिटल प्लेटफॉर्म एवं मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग करके व्यापक पहुंच सुनिश्चित करती है।

गृह मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) ने आपदा संबंधी चेतावनियों का भौगोलिक रूप से लक्षित प्रसार करने के लिए कॉमन अलर्टिंग प्रोटोकॉल (सीएपी) आधारित एकीकृत चेतावनी प्रणाली को लागू किया है।

ये चेतावनियां एसएमएस, मोबाइल ऐप, सचेत पोर्टल, गगन/नाविक सैटेलाइट टर्मिनल और आरएसएस फीड्स के माध्यम से क्षेत्रीय भाषाओं में प्रदान की जाती हैं।

इसके अलावा, एनडीएमए इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया, क्षेत्रीय भाषा सामग्री, आउटरीच वाहन और नुक्कड़ नाटकों का उपयोग करते हुए व्यापक जागरूकता पहलों के माध्यम से सामुदायिक तैयारियों को मजबूत कर रहा है।

अंतिम छोर तक पहुंच को और मजबूत करने के लिए सरकार ने निम्नलिखित उपाय किए हैं:

बिहार के कोसी एवं पूर्णिया मंडलों में वर्तमान में आकाशवाणी एफएम के निम्नलिखित पांच स्टेशन कार्यरत हैं:

क्रम संख्या

स्टेशन स्थल

जिला

 मंडल

1

बाथनाहा (10 केडब्ल्यू)

अररिया

पूर्णिया

2

कटिहार (100 डब्ल्यू)

कटिहार

पूर्णिया

3

किशनगंज (100 डब्ल्यू))

किशनगंज

पूर्णिया

4

पूर्णिया (10 केडब्ल्यू)

पूर्णिया

पूर्णिया

5

सहरसा (100 डब्ल्यू))

सहरसा

कोशी

 

यह जानकारी सूचना एवं प्रसारण और संसदीय कार्य राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने आज लोकसभा में श्री राजेश रंजन द्वारा उठाए गए एक प्रश्न के उत्तर में दी।

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