भारी उद्योग क्षेत्र का प्रदर्शन
भारी उद्योग क्षेत्र का प्रदर्शन
पूंजीगत वस्तु क्षेत्र के भारी इंजीनियरिंग उपकरणों और विभिन्न उप-क्षेत्रों के संबंध में उत्पादन डेटा वर्ष 2020-21 में 2,66,672 करोड़ रुपये से बढ़कर वर्ष 2024-25 में 5,69,900 करोड़ रुपये हो गया है, जैसा कि नीचे दी गई तालिका से देखा जा सकता है:
क्रम संख्या
उप-क्षेत्र
2020-21
2021-22
2022-23
2023-24
2024-25
1
मशीन टूल्स
6602
9307
11956
13571
14286
2
डाई, मोल्ड्स और प्रेस उपकरण
12294
13128
13915
15600
18400
3
कपड़ा मशीनरी
5093
11658
14033
14639
10461
4
प्रिंटिंग मशीनरी
10058
13215
16107
23479
29716
5
अर्थमूविंग और खनन मशीनरी
29021
28674
37551
73000
80750
6
प्लास्टिक प्रसंस्करण मशीनरी
3710
3850
3912
4310
4827
7
खाद्य प्रसंस्करण मशीनरी
10250
12210
13203
13863
15249
8
प्रक्रिया संयंत्र उपकरण
21938
24000
23415
27396
31505
9
भारी विद्युत उपकरण
167706
219158
258832
302900
364706
कुल
266672
335200
392924
488758
569900
(स्रोत: उद्योग संघ अर्थात् आईईईएमए, आईएमटीएमए, टीएजीएमए, टीएमएमए, आईपीएएमए, आईसीईएमए, पीएमएमएआई, एएफटीपीएआई और पीपीएमएआई)
चूँकि उद्योग एक राज्य सूची का विषय है, इसलिए भारी उद्योग मंत्रालय देश में नए रोज़गार सृजन और भारी उद्योगों में किए गए निवेश के संबंध में कोई केंद्रीकृत आँकड़ा नहीं रखता है।
वर्तमान में, भारी उद्योग मंत्रालय में बीएचईएल के विनिवेश का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। हालाँकि, मंत्रिमंडल की आर्थिक कार्य समिति (सीसीईए) ने 27 अक्टूबर, 2016 को अपनी बैठक में, अन्य बातों के साथ-साथ, भारी उद्योग मंत्रालय (एमएचआई) के अंतर्गत आने वाले केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (सीपीएसई) के संबंध में निम्नलिखित पर अपनी ‘सैद्धांतिक’ स्वीकृति प्रदान की:
बीएंडआर और ईपीआईएल के संबंध में रुचि की अभिव्यक्ति (ईओआई) आमंत्रित की गई थी। हालाँकि, कोई बोली प्राप्त नहीं हुई। सीसीआई की इकाइयों की विनिवेश प्रक्रिया रणनीतिक बिक्री के लिए उपयुक्त नहीं पाए जाने के कारण शुरू नहीं की जा सकी।
भारी उद्योग राज्य मंत्री श्री भूपतिराजू श्रीनिवास वर्मा ने आज यह जानकारी लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।