जनगणना प्रपत्र
जनगणना प्रपत्र
जनगणना नियमन, 1990 के नियम 6 के अनुसार, जनगणना प्रश्नावलियां/अनुसूचियां केंद्र सरकार द्वारा अधिनियम की धारा 8 की उपधारा (1) के अंतर्गत राजपत्र द्वारा अधिसूचित की जाती हैं। महापंजीयक एवं जनगणना आयुक्त कार्यालय प्रश्नावली को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में लगा है।
जनगणना के दौरान, प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों को आमतौर पर गणनाकार नियुक्त किया जाता है। वर्ष 2027 की जनगणना की समय-सीमा पिछली जनगणनाओं की तरह ही निर्धारित है।
जनगणना में, अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों की गणना संविधान के अनुसूचित जाति आदेश, 1950 और संविधान के अनुसूचित जनजाति आदेश, 1950 (समय-समय पर संशोधित) द्वारा अधिसूचित अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों की सूची के अनुसार की जाती है। 2027 की जनगणना में, केंद्रीय मंत्रिमंडल की राजनीतिक मामलों की समिति द्वारा दिनांक 30.04.2025 के निर्णय के अनुसार जातिवार गणना भी की जाएगी। जनगणना के प्रश्नों को अंतिम रूप दिए जाने के बाद अधिसूचित किया जाता है। जनगणना अधिनियम, 1948 की धारा 8 की उप-धारा (2) के अंतर्गत, उत्तरदाताओं को अपने सर्वोत्तम ज्ञान या विश्वास के अनुसार प्रश्नों के उत्तर देने होते हैं।
गृह राज्य मंत्री श्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।