पारंपरिक कलाकारों को वित्तीय सहायता
पारंपरिक कलाकारों को वित्तीय सहायता
संस्कृति मंत्रालय द्वारा कला संस्कृति विकास योजना (केएसवीवाई) नामक केंद्रीय क्षेत्र की स्कीम संचालित की जाती है, जिसमें शामिल विभिन्न स्कीम घटकों के माध्यम से महाराष्ट्र राज्य सहित देश की पारंपरिक कलाओं और विभिन्न प्रकार की मंच कलाओं में अभ्यासरत संगठनों/कलाकारों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इन स्कीमों का संक्षिप्त ब्यौरा अनुलग्नक-I पर दिया गया है। विगत तीन वर्षों के दौरान विभिन्न स्कीमों के अंतर्गत देश भर में राज्य–वार प्रदान की गई वित्तीय सहायता की राशि और सहायता प्राप्त सांस्कृतिक संगठनों/व्यक्तियों की संख्या का ब्यौरा अनुलग्नक-II पर दिया गया है।
संस्कृति मंत्रालय द्वारा कला एवं संस्कृति से संबंधित स्टार्टअप और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए कोई वित्तीय योजना संचालित नहीं की जाती है।
भारत की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को बढ़ावा देने और वैश्विक क्षेत्र में भारत की छवि को अनुकूल रूप से संवर्धित करने के लिए संस्कृति मंत्रालय द्वारा “वैश्विक भागीदारी स्कीम” नामक योजना कार्यान्वित की जाती है। इसका उद्देश्य पारंपरिक कला एवं संस्कृति सहित भारतीय कला रूपों में अभ्यासरत कलाकारों को ‘भारत महोत्सव‘ बैनर के तहत विदेशों में प्रस्तुति देने का अवसर प्रदान करना है।
सरकार पारंपरिक कला रूपों सहित कला और संस्कृति के विभिन्न रूपों को परिरक्षित, संवर्धित और प्रोत्साहित करने में निरंतर प्रयासरत रही है। भारत सरकार ने सात क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र (जेडसीसी) स्थापित किए हैं जिनके मुख्यालय पटियाला (पंजाब), नागपुर (महाराष्ट्र), उदयपुर (राजस्थान), प्रयागराज (उत्तर प्रदेश), कोलकाता (पश्चिम बंगाल), दीमापुर (नागालैंड) और तंजावुर (तमिलनाडु) में स्थित हैं। ये क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र देश भर में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यकलापों और कार्यक्रमों का नियमित रूप से आयोजन करते हैं। इसके लिए वे पूरे भारत से लोक/जनजातीय कलाकारों को शामिल करते हैं जो इन कार्यक्रमों के दौरान अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हैं।
यह जानकारी केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।
****
पीके/केसी/एनकेएस/डीके
अनुलग्नक-I
इस योजना का उद्देश्य नाट्य समूहों, रंगमंच समूहों, संगीत मंडलियों, बाल रंगमंच आदि जैसे मंचकला कार्यकलापों की सभी शैलियों तथा गुरु–शिष्य परंपरा के अनुरूप नियमित आधार पर कलाकारों को उनके संबंधित गुरु द्वारा प्रशिक्षण देने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है। इसके अनुसार, रंगमंच, संगीत और नृत्य के क्षेत्र में 1 गुरु और अधिकतम 18 शिष्यों को सहायता प्रदान की जाती है। गुरु के लिए 15000/- रु. प्रतिमाह, कलाकारों की आयु के अनुरूप शिष्य के लिए 2000-10000/- रुपए प्रतिमाह सहायता राशि प्रदान की जाती है।
2. कला और संस्कृति के संवर्धन के लिए वित्तीय सहायता: इस स्कीम में निम्नलिखित घटक शामिल हैं :
i. राष्ट्रीय महत्व के सांस्कृतिक संगठनों को वित्तीय सहायता
इस स्कीम घटक का उद्देश्य पूरे देश में कला और संस्कृति के संवर्धन में शामिल राष्ट्रीय महत्व के सांस्कृतिक संगठनों का संवर्धन और उन्हें सहायता प्रदान करना है। यह अनुदान उन संगठनों को दिया जाता है जिनका एक सुगठित प्रबंधन निकाय हो, जो भारत में पंजीकृत हों, जो अखिल भारतीय स्तर पर प्रचालन करते हुए राष्ट्रीय महत्व के हों और जिनके पास पर्याप्त कार्यबल हो और जिन्होंने विगत 5 वर्षों में से 3 वर्षों के दौरान सांस्कृतिक कार्यकलापों के लिए 1 करोड़ रुपये या उससे अधिक का व्यय किया हो। इस स्कीम के तहत सहायता की राशि 1.00 करोड़ रुपये तक है जिसे विशेष मामलों में 5.00 करोड़ रुपए तक बढ़ाया जा सकता है।
ii. सांस्कृतिक समारोह और निर्माण अनुदान (सीएफपीजी)
इस स्कीम घटक का उद्देश्य गैर–सरकारी संगठनों/सोसाइटियों/न्यासों/विश्वविद्यालयों आदि को संगोष्ठियां, सम्मेलन, शोध कार्य, कार्यशालाएं, महोत्सव, प्रदर्शनियां, विचार–गोष्ठियां, नृत्य निर्माण, नाटक–रंगमंच, संगीत आदि के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है। सीएफपीजी के अंतर्गत 5 लाख रुपए का अधिकतम अनुदान प्रदान किया जाता है जिसे विशेष परिस्थितियों में 20.00 लाख रुपए तक बढ़ाया जा सकता है।
iii. हिमालय की सांस्कृतिक विरासत के परिरक्षण एवं विकास के लिए वित्तीय सहायता
इस स्कीम घटक का उद्देश्य दृश्य–श्रव्य कार्यक्रमों के माध्यम से शोध, प्रशिक्षण तथा प्रचार–प्रसार द्वारा हिमालय की सांस्कृतिक विरासत को संवर्धित एवं परिरक्षित करना है। हिमालयी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले राज्यों अर्थात जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में संगठनों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। किसी संगठन के लिए निधियन की राशि प्रति वर्ष 10.00 लाख रुपए होती है जिसे विशेष मामलों में 30.00 लाख रुपए तक बढ़ाया जा सकता है।
iv. बौद्ध/तिब्बती संगठनों के परिरक्षण एवं विकास के लिए वित्तीय सहायता
इस स्कीम घटक के अंतर्गत बौद्ध/तिब्बती संस्कृति एवं परंपरा के प्रसार और वैज्ञानिक विकास तथा संबंधित क्षेत्रों में शोध में कार्यरत बौद्ध मठों सहित, स्वैच्छिक बौद्ध/तिब्बती संगठनों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इस स्कीम के अंतर्गत किसी संगठन को 30.00 लाख रुपए प्रति वर्ष तक निधियन प्रदान किया जाता है जिसे विशेष मामलों में 1.00 करोड़ रुपए तक बढ़ाया जा सकता है।
v. स्टूडियो थियेटर सहित निर्माण अनुदान हेतु वित्तीय सहायता
इस स्कीम घटक का उद्देश्य गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ), न्यासों, सोसाइटियों, सरकार द्वारा प्रायोजित निकायों, विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों आदि को सांस्कृतिक अवसंरचना के सृजन (अर्थात स्टूडियो थियेटर, सभागार, अभ्यास कक्ष, क्लासरूम आदि) और वैद्युत, वातानुकूलन, ध्वनिकी, प्रकाश एवं ध्वनि प्रणालियों आदि जैसी सुविधाओं के प्रावधान हेतु वित्तीय सहायता प्रदान करना है। इस स्कीम घटक के अंतर्गत महानगरों में 50 लाख रुपए तक की राशि और अन्य शहरों में 25 लाख रुपए तक की अधिकतम अनुदान राशि प्रदान की जाती है।
vi. स्थानीय महोत्सव और मेले
इस स्कीम का उद्देश्य संस्कृति मंत्रालय द्वारा आयोजित ‘राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव’ के लिए सहायता प्रदान करना है। राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव का आयोजन क्षेत्रीय सांस्कृतिक केन्द्रों (जेडसीसी) के माध्यम से किया जाता है, जहां देश भर से बड़ी संख्या में कलाकारों को अपनी प्रतिभा का प्रदर्शित करने के लिए शामिल किया जाता है। नवंबर, 2015 से देश में संस्कृति मंत्रालय द्वारा चौदह (14) आरएसएम आयोजित किए जा चुके हैं।
3. टैगोर सांस्कृतिक परिसरों (टीसीसी) के निर्माण के लिए वित्तीय सहायता
इस स्कीम का उद्देश्य मंच प्रस्तुतियों (नृत्य, नाटक और संगीत) के लिए प्रदर्शनियों, संगोष्ठियों, साहित्यिक कार्यकलापों, ग्रीन रुम आदि सुविधाओं और अवसंरचना युक्त सभागार जैसे नए बड़े सांस्कृतिक स्थलों के सृजन के लिए गैर–सरकारी संगठनों (एनजीओ), न्यासों, सोसाइटियों, सरकार द्वारा प्रायोजित निकायों, राज्य/संघ राज्य क्षेत्र के सरकारी विश्वविद्यालयों, केन्द्रीय/राज्य सरकार की एजेंसियों/निकायों, नगर निगमों, प्रतिष्ठित गैर–लाभ–अर्जक संगठनों आदि को वित्तीय सहायता प्रदान करना है। यह स्कीम घटक मौजूदा सांस्कृतिक सुविधाओं (रबीन्द्र भवन, रंगशालाओं) आदि के जीर्णोद्धार, नवीकरण, विस्तार कार्य, परिवर्तन, स्तरोन्नयन, आधुनिकीकरण के लिए सहायता भी प्रदान करता है। सामान्यत: इस स्कीम घटक के अंतर्गत, किसी परियोजना के लिए अधिकतम 15.00 करोड़ रुपए तक की सहायता प्रदान की जाएगी। केन्द्रीय वित्तीय सहायता, कुल अनुमोदित परियोजना लागत का 90 प्रतिशत होगी और कुल अनुमोदित परियोजना लागत का शेष 10 प्रतिशत राज्य सरकार/पूर्वोत्तर परियोजनाओं हेतु एनजीओ या संबंधित संगठन द्वारा वहन किया जाएगा तथा एनईआर को छोड़कर, केन्द्रीय सहायता और राज्य के हिस्से (समतुल्य हिस्सा) का अनुपात 60:40 है।
4. कला और संस्कृति के संवर्धन के लिए छात्रवृत्ति एवं अध्येतावृत्ति की स्कीम : इस स्कीम में निम्नलिखित तीन (03) घटक हैं।
i. संस्कृति के क्षेत्र में उत्कृष्ट व्यक्तियों को अध्येतावृत्ति प्रदान करने की स्कीम
विभिन्न सांस्कृतिक क्षेत्रों में 25 से 40 वर्ष के आयु वर्ग (कनिष्ठ) और 40 वर्ष से अधिक आयु (वरिष्ठ) के उत्कृष्ट व्यक्तियों को प्रत्येक बैच वर्ष में सांस्कृतिक शोध के लिए 2 वर्ष की अवधि के लिए क्रमश: 10,000/- रुपये प्रतिमाह और 20,000/- रुपये प्रतिमाह की 400 तक अध्येतावृत्तियां (200 कनिष्ठ और 200 वरिष्ठ) प्रदान की जाती हैं। यह अध्येतावृत्ति चार बराबर छमाही किस्तों में जारी की जाती है।
ii विभिन्न सांस्कृतिक क्षेत्रों में युवा कलाकारों हेतु छात्रवृत्ति की स्कीम
प्रत्येक बैच वर्ष में 400 तक छात्रवृत्तियां प्रदान की जाती हैं। इस स्कीम के अंतर्गत 18 से 25 वर्ष के आयु वर्ग के उत्कृष्ट प्रतिभावान युवा कलाकारों को भारतीय शास्त्रीय संगीत; भारतीय शास्त्रीय नृत्य, रंगमंच, मूक अभिनय, दृश्य कला, लोक, पारंपरिक और स्वदेशी कलाओं तथा सुगम शास्त्रीय संगीत आदि के क्षेत्र में भारत में उन्नत प्रशिक्षण के लिए 2 वर्षों के लिए 5000/- रुपये प्रतिमाह की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। यह छात्रवृत्ति चार बराबर छमाही किस्तों में जारी की जाती है।
iii. सांस्कृतिक शोध के लिए टैगोर राष्ट्रीय अध्येतावृत्ति
इस स्कीम घटक का उद्देश्य संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत विभिन्न संस्थाओं और देश में मान्यताप्राप्त अन्य सांस्कृतिक संस्थाओं को सुदृढ़ एवं जीवंत बनाना है ताकि विद्वानों/शिक्षाविदों को प्रोत्साहित करते हुए इन संस्थाओं के साथ पारस्परिक हित की परियोजनाओं पर वे स्वयं को संबद्ध कर सकें। इसके अंतर्गत अधिकतम दो वर्षों की अवधि के लिए कुल 15 अध्येतावृत्तियां (80,000/-रुपये प्रतिमाह + आकस्मिक भत्ता) और कुल 25 छात्रवृत्तियां (50,000/-रु. प्रतिमाह + आकस्मिक भत्ता) प्रदान की जाती हैं। अध्येतावृत्ति चार बराबर छमाही किस्तों में जारी की जाती है।
5. वयोवृद्ध कलाकारों हेतु वित्तीय सहायता
इस स्कीम का उद्देश्य 60 वर्ष और उससे अधिक आयु के अनुभवी कलाकारों एवं विद्वानों, जिनकी वार्षिक आय 72000/- रुपये से अधिक न हो और जिन्होंने कला, साहित्य आदि के अपने विशिष्ट क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया हो, को प्रति माह 6000/- रुपए की दर से वित्तीय सहायता प्रदान करना है। लाभार्थी की मृत्यु के पश्चात वित्तीय सहायता उनके पति/पत्नी को हस्तांतरित कर दी जाती है।
अनुलग्नक-II
1. गुरु–शिष्य परंपरा को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय सहायता (रेपर्टरी अनुदान)
(रुपए लाख में)
क्र. सं.
राज्य/संघ राज्य क्षेत्र
2022-2023
2023-24*
2024-25*
संगठनों की संख्या
राशि
प्राधिकृत संगठनों की संख्या
राशि
प्राधिकृत संगठनों की संख्या
राशि
1
अंडमान और निकोबार
–
–
–
–
–
–
2
आंध्र प्रदेश
6
16.42
16
40.38
12
35.07
3
अरुणाचल प्रदेश
–
–
4
असम
37
214.5
54
277.54
23
263.25
5
बिहार
64
363.8
158
697.37
50
347.56
6
चंडीगढ़
5
49.2
10
69.96
7
91.65
7
छत्तीसगढ
–
–
9
33.52
2
13.12
8
दिल्ली
98
793.3
161
1065.1
87
823.77
9
गुजरात
4
27.84
13
71.42
11
48.28
10
हरियाणा
24
93.06
23
124.2
15
138.16
11
हिमाचल प्रदेश
4
51.12
5
55.28
6
90.95
12
जम्मू और कश्मीर
15
120.8
37
118.2
27
215.66
13
झारखंड
13
69.18
18
100.64
13
47.65
14
कर्नाटक
113
807.4
201
1009.9
96
738.67
15
केरल
37
264.4
38
318.06
19
169.71
16
मध्य प्रदेश
73
525.4
106
687.19
69
654.78
17
महाराष्ट्र
41
307.6
97
639.72
59
333.05
18
मणिपुर
147
900.7
173
973.68
119
816.68
19
मिजोरम
4
26.64
2
10.9
2
10.88
20
नागालैंड
2
8.88
1
6.96
4
12.93
21
ओडिशा
55
289.2
115
515.29
67
343.87
22
पांडिचेरी
5
50.04
3
32.52
5
65.76
23
पंजाब
6
43.56
10
66.68
8
56.06
24
राजस्थान
17
95.2
32
123.52
16
140.66
25
सिक्किम
1
2.64
3
7.02
26
तमिलनाडु
19
108.6
22
143.02
14
90.15
27
तेलंगाना
17
153.0
19
109.52
17
131.72
28
त्रिपुरा
1
6.24
14
57.12
3
14.46
29
उत्तराखंड
16
80.86
17
65.96
12
76.03
30
उत्तर प्रदेश
57
293.9
107
438.32
70
502.02
31
पश्चिम बंगाल
333
2060.8
418
2288.4
208
1432.2
कुल
1214
7824.7
1882
10147.6
1041
7704.7
* केन्द्रीय क्षेत्र की स्कीमों के अंतर्गत निधियों के प्रवाह के लिए संशोधित प्रक्रिया और केंद्रीय नोडल एजेंसी (सीएनए) मॉड्यूल के कार्यान्वयन के संबंध में व्यय विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसरण में, इस स्कीम के अंतर्गत चयनित अनुदानग्राही संगठनों को भुगतान हेतु केन्द्रीय नोडल एजेंसी मॉड्यूल के माध्यम से वित्तीय सहायता जारी की गई थी।
2. (i) आरके मिशन सहित राष्ट्रीय महत्व के सांस्कृतिक संगठनों को वित्तीय सहायता की स्कीम
(रुपए लाख में)
क्र. सं.
राज्य/संघ राज्य क्षेत्र
वित्तीय वर्ष
2022-2023
2023-24*
2024-25*
संगठनों की सं.
राशि
संगठनों की सं.
राशि
संगठनों की सं.
राशि
आंध्र प्रदेश
1
22.5
1
7.50
–
–
असम
–
–
1
22.50
2
22.50
चंडीगढ़
–
–
1
15.00
1
22.50
दिल्ली
7
241.25
11
276.25
9
118.75
हरियाणा
–
–
–
–
1
26.25
झारखंड
–
–
–
–
1
15.00
कर्नाटक
1
22.5
–
–
1
4.73
केरल
–
–
1
18.75
2
32.50
महाराष्ट्र
–
–
1
15.00
1
18.75
मणिपुर
–
–
–
–
1
11.25
मध्य प्रदेश
1
0.59
–
–
–
–
ओडिशा
–
–
1
8.75
1
22.50
पुदुचेरी
1
3.75
–
–
–
–
राजस्थान
1
37.5
1
26.25
2
27.50
तमिलनाडु
–
–
–
–
1
15.00
उत्तर प्रदेश
2
93.75
1
22.50
1
7.50
पश्चिम बंगाल
(नॉर्थ परगना)
–
–
2
37.50
3
31.25
आरके मिशन
1
738.56
1
766.50
1
807.00
कुल
15
1160.4
22
1216.50
28
1182.98
* केन्द्रीय क्षेत्र की स्कीमों के अंतर्गत निधियों के प्रवाह के लिए संशोधित प्रक्रिया और केंद्रीय नोडल एजेंसी (सीएनए) मॉड्यूल के कार्यान्वयन के संबंध में व्यय विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसरण में, इस स्कीम के अंतर्गत चयनित अनुदानग्राही संगठनों को भुगतान हेतु केन्द्रीय नोडल एजेंसी मॉड्यूल के माध्यम से वित्तीय सहायता जारी की गई थी।
2. (ii) सांस्कृतिक समारोह और निर्माण अनुदान
(रुपए लाख में)
क्र. सं.
राज्य/संघ राज्य क्षेत्र
2022-2023
2023-24*
2024-25*
संगठनों की संख्या
राशि
प्राधिकृत संगठनों की संख्या
राशि
प्राधिकृत संगठनों की संख्या
राशि
1
आंध्र प्रदेश
65
62.85
83
80.7
49
75.79
2
अरुणाचल प्रदेश
0
0
0
0
0
0
3
असम
48
96.21
68
114.11
27
36.59
4
बिहार
123
203.2
126
161
73
122.21
5
चंडीगढ़
1
0.5
3
21.69
1
10
6
छत्तीसगढ
3
5.5
4
7.5
3
6.42
7
दिल्ली
167
408.06
204
370.03
106
262.97
8
गोवा
1
0.625
1
1.5
2
2.12
9
गुजरात
17
23.4
16
12.34
3
3.59
10
हरियाणा
28
62.59
36
74.72
29
89.98
11
हिमाचल प्रदेश
8
11
15
25.75
11
12.92
12
जम्मू और कश्मीर
52
50.33
49
33.76
30
36.37
13
झारखंड
11
14.26
7
8
10
12.75
14
कर्नाटक
218
349.4
221
208.22
235
494.09
15
केरल
30
48.38
30
40.27
21
65.13
16
मध्य प्रदेश
141
264.9
161
155.17
100
202.89
17
महाराष्ट्र
56
104.1
34
29.64
44
97.31
18
मणिपुर
162
196.1
237
249.25
140
164.8
19
मिजोरम
0
0
0
0
0
0
20
नागालैंड
5
4.62
4
1.35
2
1
21
ओडिशा
180
296.8
168
269.71
179
482.88
22
पांडिचेरी
0
0
0
0
0
0
23
पंजाब
12
23.27
11
22.65
9
22
24
राजस्थान
48
81.16
57
46.28
40
61.55
25
सिक्किम
0
0
1
3.75
3
7
26
तमिलनाडु
15
18.87
11
10.73
16
35.35
27
तेलंगाना
16
16.87
16
9.61
25
51.13
28
त्रिपुरा
16
16.15
23
24.94
10
7.87
29
उत्तराखंड
24
28.11
31
21.91
22
30
30
उत्तर प्रदेश
278
343.3
268
244.07
218
395.66
31
पश्चिम बंगाल
410
544.4
357
206.86
302
435.61
कुल
2135
3275.21
2242
2455.51
1710
3225.98
* केन्द्रीय क्षेत्र की स्कीमों के अंतर्गत निधियों के प्रवाह के लिए संशोधित प्रक्रिया और केंद्रीय नोडल एजेंसी (सीएनए) मॉड्यूल के कार्यान्वयन के संबंध में व्यय विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसरण में, इस स्कीम के अंतर्गत चयनित अनुदानग्राही संगठनों को भुगतान हेतु केन्द्रीय नोडल एजेंसी मॉड्यूल के माध्यम से वित्तीय सहायता जारी की गई थी।
2. (iii) हिमालय की सांस्कृतिक विरासत के परिरक्षण एवं विकास के लिए वित्तीय सहायता
(रुपए लाख में)
क्र. सं.
राज्य
2022-23
2023-24*
2024-25*
मामलों की संख्या
राशि
मामलों की संख्या
राशि
मामलों की संख्या
राशि
1
अरुणाचल प्रदेश
41
117.95
32
77.00
7
20.01
2
सिक्किम
4
10.00
3
11.00
0
0
3
हिमाचल प्रदेश
42
98.52
40
97.50
2
5.99
4
संघ राज्य क्षेत्र जम्मू और कश्मीर
69
117.02
24
37.52
0
0
5
संघ राज्य क्षेत्र लद्दाख
11
34.00
2
5.50
0
0
6
उत्तराखंड
58
91.24
48
64.0
2
3.50
7
दिल्ली
0
0
0
0
1
1.75
8
उत्तर प्रदेश
0
0
0
0
0
0
कुल
225
468.73
149
292.52
12
31.25
* केन्द्रीय क्षेत्र की स्कीमों के अंतर्गत निधियों के प्रवाह के लिए संशोधित प्रक्रिया और केंद्रीय नोडल एजेंसी (सीएनए) मॉड्यूल के कार्यान्वयन के संबंध में व्यय विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसरण में, इस स्कीम के अंतर्गत चयनित अनुदानग्राही संगठनों को भुगतान हेतु केन्द्रीय नोडल एजेंसी मॉड्यूल के माध्यम से वित्तीय सहायता जारी की गई थी।
2. (iv) बौद्ध/तिब्बती संस्कृति और कला के विकास के लिए वित्तीय सहायता
(रुपए लाख में)
क्र. सं.
राज्य/संघ राज्य क्षेत्र
2022-2023
2023-24*
2024-25*
संगठनों की संख्या
राशि
प्राधिकृत संगठनों की संख्या
राशि
प्राधिकृत संगठनों की संख्या
राशि
1
अरुणाचल प्रदेश
57
518.19
50
392.31
60
416.33
2
आंध्र प्रदेश
2
8
10
9.18
4
9.00
3
असम
9
30
15
72.00
6
24.36
4
बिहार
2
8.5
2
8.50
2
10.48
5
चंडीगढ़ (संघ राज्य क्षेत्र)
7
49.5
4
40.00
15
120.16
6
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली
6
44.47
2
9.45
7
44.27
7
हिमाचल प्रदेश
78
550.97
31
167.63
49
317.38
8
संघ राज्य क्षेत्र जम्मू और कश्मीर
6
23.5
4
20.00
5
33.50
9
संघ राज्य क्षेत्र लद्दाख
45
319.62
44
246.42
6
26.94
10
कर्नाटक
33
272.8
11
62.78
49
333.82
11
केरल
1
13.5
0
0
0
0
12
मिजोरम
0
0
0
0
0
0
13
मध्य प्रदेश
5
29
4
30.00
1
5.00
14
महाराष्ट्र
11
38.25
14
41.00
14
57.45
15
मणिपुर
2
5.5
3
9.50
1
3.00
16
ओडिशा
1
5
2
12.00
2
11.00
17
पंजाब
2
8.5
2
10.00
18
सिक्किम
0
0
12
89.93
5
39.99
19
त्रिपुरा
7
37.5
7
41.5
17
97.20
20
तमिलनाडु
0
0
2
10.00
0
0
21
तेलंगाना
2
22.5
3
30.00
0
0
22
उत्तराखंड
26
252.42
5
35.50
38
354.97
23
उत्तर प्रदेश
27
195.28
11
44.15
34
236.27
24
पश्चिम बंगाल
72
168.00
92
175.51
70
82.75
कुल
401
2601
330
1557.36
385
2223.87
* केन्द्रीय क्षेत्र की स्कीमों के अंतर्गत निधियों के प्रवाह के लिए संशोधित प्रक्रिया और केंद्रीय नोडल एजेंसी (सीएनए) मॉड्यूल के कार्यान्वयन के संबंध में व्यय विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसरण में, इस स्कीम के अंतर्गत चयनित अनुदानग्राही संगठनों को भुगतान हेतु केन्द्रीय नोडल एजेंसी मॉड्यूल के माध्यम से वित्तीय सहायता जारी की गई थी।
2. (v) स्टूडियो थियेटर सहित निर्माण अनुदान हेतु वित्तीय सहायता की स्कीम
(रुपए लाख में)
क्र. सं.
राज्य/संघ राज्य क्षेत्र
2022-23
2023-24*
2024-25*
संगठनों की संख्या
राशि
संगठनों की संख्या
राशि
संगठनों की संख्या
राशि
असम
1
5.4
0
0
0
0
बिहार
1
0.6
1
6
0
0
छत्तीसगढ
1
7.5
0
0
0
0
दिल्ली
0
0
2
11.2
3
23.25
हिमाचल प्रदेश
1
12.79
1
6
2
20
जम्मू और कश्मीर
0
0
0
0
2
10
कर्नाटक
3
26.4
1
25
0
0
केरल
1
1.4
0
0
0
0
मध्य प्रदेश
1
3
0
0
4
16.86
महाराष्ट्र
0
0
2
8
2
25
मणिपुर
4
15.98
6
35.23
2
3.88
मेघालय
0
0
0
0
1
4.5
ओडिशा
0
0
0
0
2
21.5
पंजाब
0
0
1
2
1
0.9
राजस्थान
1
7.5
0
0
0
0
तेलंगाना
1
4.29
0
0
0
0
पश्चिम बंगाल
5
34.61
1
15
4
24.2
कुल
20
119.47
15
108.43
23
150.09
* केन्द्रीय क्षेत्र की स्कीमों के अंतर्गत निधियों के प्रवाह के लिए संशोधित प्रक्रिया और केंद्रीय नोडल एजेंसी (सीएनए) मॉड्यूल के कार्यान्वयन के संबंध में व्यय विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसरण में, इस स्कीम के अंतर्गत चयनित अनुदानग्राही संगठनों को भुगतान हेतु केन्द्रीय नोडल एजेंसी मॉड्यूल के माध्यम से वित्तीय सहायता जारी की गई थी।
2. (vi) संबद्ध सांस्कृतिक कार्यकलाप स्कीम
(रुपए लाख में)
क्र. सं.
राज्य/संघ राज्य क्षेत्र
2024-25
संगठनों/राज्य सरकारों की संख्या
राशि
1
उत्तर प्रदेश
2
120
3. टैगोर सांस्कृतिक परिसरों (टीसीसी) के निर्माण के लिए वित्तीय सहायता
(रुपए लाख में)
क्र. सं.
राज्य/ संघ राज्य क्षेत्र
वित्तीय वर्ष
2022-2023*
2023-2024*
2024-2025*
संगठनों की संख्या/राज्य सरकार
राशि (रुपए में))
संगठनों की संख्या/राज्य सरकार
राशि (रुपए में)
संगठनों की संख्या/राज्य सरकार
राशि (रुपए में)
दिल्ली
0
0
0
0
1
300
कर्नाटक
0
0
0
0
0
0
मध्य प्रदेश
0
0
2
1131.52
0
0
मेघालय
1
500
0
0
0
0
राजस्थान
0
0
1
54.91
0
0
तमिलनाडु
0
0
0
0
0
0
उत्तर प्रदेश
0
0
1
369.57
0
0
कुल
1
500.00
4
1556
1
300
* केन्द्रीय क्षेत्र की स्कीमों के अंतर्गत निधियों के प्रवाह के लिए संशोधित प्रक्रिया और केंद्रीय नोडल एजेंसी (सीएनए) मॉड्यूल के कार्यान्वयन के संबंध में व्यय विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसरण में, इस स्कीम के अंतर्गत चयनित अनुदानग्राही संगठनों को भुगतान हेतु केन्द्रीय नोडल एजेंसी मॉड्यूल के माध्यम से वित्तीय सहायता जारी की गई थी। वर्ष 2023-24 के दौरान, संबंधित सीएनए को 369.57 लाख रुपये की राशि जारी की गई थी। 369.57 लाख रुपये की कुल जारी राशि में से 337.11 लाख रुपये की धनराशि 01 संगठन को प्राधिकृत की गई है।
3. ( i ) संस्कृति के क्षेत्र में उत्कृष्ट व्यक्तियों हेतु वरिष्ठ/कनिष्ठ अध्येतावृत्तियां
(रुपए लाख में)
क्र. सं.
राज्य/संघ राज्य क्षेत्र
2022-2023
2023-24
2024-25
अध्येताओं की सं.
राशि (रु. में)
अध्येताओं की सं.
राशि (रु. में)
अध्येताओं की सं.
राशि (रु. में)
1
आंध्र प्रदेश
12
17.40
12
11.40
08
14.40
2
अरुणाचल प्रदेश
–
–
02
1.20
02
1.20
3
असम
50
58.80
70
69.60
70
84.00
4
बिहार
31
48.00
47
44.40
35
43.80
5
चंडीगढ़
03
3.60
–
–
01
2.40
6
छत्तीसगढ
08
11.40
12
12.00
12
12.60
7
दिल्ली
116
178.20
101
100.80
77
100.20
8
गोवा
01
2.40
–
–
–
–
9
गुजरात
18
27.00
23
21.60
14
19.20
10
हरियाणा
27
40.20
27
30.00
23
33.00
11
हिमाचल प्रदेश
07
7.20
04
3.00
04
5.40
12
जम्मू और कश्मीर
14
19.80
13
10.20
13
11.40
13
झारखंड
15
17.40
24
30.60
15
24.00
14
कर्नाटक
43
61.20
57
64.80
33
48.60
15
केरल
62
85.20
60
54.00
54
73.80
16
मध्य प्रदेश
62
93.00
82
76.20
59
70.20
17
महाराष्ट्र
84
118.80
85
84.00
52
78.60
18
मणिपुर
33
37.20
62
60.00
64
70.20
19
मेघालय
2
1.20
–
–
01
1.20
20
नागालैंड
02
1.80
03
3.00
03
3.60
21
ओडिशा
89
129.60
90
93.60
83
105.60
22
पांडिचेरी
04
7.20
02
1.80
02
3.00
23
पंजाब
06
7.20
11
10.20
06
9.00
24
राजस्थान
27
39.60
34
33.00
28
33.00
25
तमिलनाडु
19
24.60
15
15.00
15
23.40
26
तेलंगाना
22
27.00
28
28.80
21
24.60
27
त्रिपुरा
03
3.60
06
7.80
05
6.60
28
उत्तराखंड
13
21.00
13
12.60
10
13.20
29
उत्तर प्रदेश
120
154.80
158
146.40
116
157.20
30
पश्चिम बंगाल
87
118.20
100
93.00
102
116.40
कुल
980
1362.6
1141
1119.00
928
1189.8
3. (ii) विभिन्न सांस्कृतिक क्षेत्रों में युवा कलाकारों हेतु छात्रवृत्ति (एसवाईए)
(रुपए लाख में)
क्र. सं.
राज्य/संघ राज्य क्षेत्र
2022-2023
2023-24
2024-25
स्कॉलरों की सं.
राशि (रु. में)
स्कॉलरों की सं.
राशि (रु. में)
स्कॉलरों की सं.
राशि (रु. में)
1
अंडमान और निकोबार
–
–
03
0.90
–
–
2
आंध्र प्रदेश
03
0.90
09
2.70
06
1.80
3
अरुणाचल प्रदेश
01
0.30
05
1.50
03
0.90
4
असम
28
8.40
89
26.70
58
17.40
5
बिहार
16
4.80
63
18.90
43
12.90
6
चंडीगढ़
03
0.90
09
2.70
07
2.10
7
छत्तीसगढ
10
3.00
50
15.00
38
11.70
8
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली
21
6.30
73
21.90
53
16.20
9
गोवा
02
0.60
06
1.80
04
1.20
10
गुजरात
05
1.50
23
6.90
19
5.70
11
हरियाणा
05
1.50
25
7.50
18
5.40
12
हिमाचल प्रदेश
–
–
04
1.20
03
0.90
13
जम्मू और कश्मीर
01
0.30
09
2.70
08
2.40
14
झारखंड
08
2.40
24
7.20
17
5.10
15
कर्नाटक
30
9.00
97
29.10
63
18.90
16
केरल
20
6.00
71
21.30
48
14.40
17
मध्य प्रदेश
27
8.10
131
39.30
104
31.80
18
महाराष्ट्र
40
12.00
127
38.10
81
24.30
19
मणिपुर
08
2.40
39
11.70
29
8.70
20
मिजोरम
–
–
–
–
–
–
21
ओडिशा
25
7.50
97
29.10
71
21.60
22
पांडिचेरी
–
–
–
–
–
–
23
पंजाब
04
1.20
11
3.30
05
1.50
24
राजस्थान
10
3.00
37
11.10
25
7.50
25
सिक्किम
01
0.30
03
0.90
02
0.60
26
तमिलनाडु
18
5.40
51
15.30
32
9.90
27
तेलंगाना
03
0.90
13
3.90
08
2.40
28
त्रिपुरा
02
0.60
10
3.00
06
1.80
29
उत्तराखंड
03
0.90
16
4.80
10
3.00
30
उत्तर प्रदेश
35
10.50
134
40.20
97
29.70
31
पश्चिम बंगाल
67
20.10
278
83.70
219
65.70
कुल
396
118.80
1507
452.40
1077
325.5
3. (iii) सांस्कृतिक शोध के लिए टैगोर राष्ट्रीय अध्येतावृत्ति (टीएनएफसीआर)
(रुपए लाख में)
क्र. सं.
राज्य/संघ राज्य क्षेत्र
वित्तीय वर्ष
2022-2023
2023-2024
2024-25
लाभार्थियों की सं.
राशि (रु. में)
लाभार्थियों की सं.
राशि (रु. में)
लाभार्थियों की सं.
राशि (रु. में)
आंध्र प्रदेश
–
–
02
13.50
01
3.00
चंडीगढ़
–
–
–
–
01
3.00
दिल्ली
–
–
–
–
03
12.60
महाराष्ट्र
–
–
01
3.60
10
67.11
तमिलनाडु
–
–
–
–
01
3.00
तेलंगाना
–
–
03
18.00
03
16.80
कुल
–
–
06
35.10
19
105.51
4. वयोवृद्ध कलाकारों हेतु वित्तीय सहायता
(रुपए लाख में)
क्र. सं.
राज्य/संघ राज्य क्षेत्र
2022-2023
2023-24*
2024-25*
लाभार्थियों की सं.
राशि (रु. में)
लाभार्थियों की सं.
राशि (रु. में)
लाभार्थियों की सं.
राशि (रु. में)
1
आंध्र प्रदेश
148
84.66
191
153.30
177
115.9
2
असम
1
1.57
3
2.41
2
0.9
3
बिहार
–
–
14
15.47
7
4.62
4
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली
–
–
8
5.87
10
4.92
5
हरियाणा
2
0.56
4
3.69
4
1.94
6
गोवा
–
–
–
–
41
7.12
7
हिमाचल प्रदेश
–
–
–
–
1
0.3
8
झारखंड
7
3.59
4
3.88
3
2.76
9
कर्नाटक
130
64.32
344
341.98
397
354.67
10
केरल
51
25.3
67
64.21
80
85.82
11
मध्य प्रदेश
6
3.86
7
6.95
13
14.95
12
महाराष्ट्र
740
273.49
1239
795.97
1392
541.19
13
मणिपुर
5
0.6
13
14.7
14
14.94
14
नागालैंड
1
0.12
2
3.28
2
1.08
15
ओडिशा
966
306.77
1460
1063.4
1995
1106.51
16
पंजाब
–
–
–
–
1
0.30
17
राजस्थान
2
0.71
2
1.36
2
2.52
18
तमिलनाडु
21
14.6
41
46.96
34
36.61
19
तेलंगाना
489
268.16
293
274.94
309
207.07
20
त्रिपुरा
1
0.12
–
–
0
0
21
उत्तर प्रदेश
58
15.46
82
67.24
109
80.46
22
उत्तराखंड
–
–
2
2.43
4
4.83
23
पश्चिम बंगाल
27
11.71
35
28.53
39
20.37
कुल
2655
1075.6
3811
2896.57
4636
2609.78
एलआईसी
996
783.58
कुल योग
3651
1859.18
3811
2896.57
- गुरु–शिष्य परंपरा के संवर्धन के लिए वित्तीय सहायता (रेपर्टरी अनुदान)