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सित्तनवसल का ऐतिहासिक महत्व

सित्तनवसल का ऐतिहासिक महत्व

सित्तनवसल, तमिलनाडु के पुदुक्कोट्टई जिले के विरालिमलाई विधानसभा क्षेत्र में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की देखरेख और रखरखाव के तहत राष्ट्रीय महत्व का एक स्मारक है। इसका ऐतिहासिक और पुरातत्विक महत्व बहुत अधिक है। इसमें जैन तपस्वियों के पत्थर के बिस्तर और तमिल-ब्राह्मी शिलालेखों वाला शैलाश्रय, 7वीं-9वीं सदी में चट्टान को काटकर बनाया गया गुफा मंदिर जिसमें शुरुआती दुर्लभ भित्ति चित्र इत्यादि शामिल हैं, जो आरंभिक जैन चरित्रों और पुरानी कला परंपराओं को दर्शाते हैं।

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने सित्तनवसल स्मारकों के संरक्षण, अनुसंधान और संवर्धन के लिए लगातार कदम उठाए हैं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण आवश्यकतानुसार विशेष मरम्मत कार्यों, वार्षिक रखरखाव और अनुरक्षण के माध्यम से इनका संरक्षण सुनिश्चित करता है। ये भित्तिचित्र भलि-भांति परिरक्षित हैं। इसके अलावा, मंडल कार्यालय द्वारा स्थानीय जनता और छात्रों को शामिल करके स्मृति धरोहर की बेहतर समझ और इसके प्रचार के लिए सांस्कृतिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

वर्तमान में, सित्तनवसल में अतिरिक्त अवसंरचना विकास का कोई प्रस्ताव नहीं है। इस स्थल में पहले से ही बुनियादी पर्यटक सुविधाएं जैसे शौचालय, पेयजल, क्यूआर-कोड आधारित संकेतक, सांस्कृतिक और स्मारक सुरक्षा सूचना बोर्ड, पत्थर की बेंच, प्रकाशन काउंटर, गाड़ी योग्य सड़क आदि  है।

यह जानकारी केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।

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