यूएनटीसीसी के प्रमुखों ने आगरा में एकीकृत प्रौद्योगिकी का प्रदर्शन देखा
यूएनटीसीसी के प्रमुखों ने आगरा में एकीकृत प्रौद्योगिकी का प्रदर्शन देखा
भारतीय सेना द्वारा 14 से 16 अक्टूबर, 2025 तक नई दिल्ली में आयोजित संयुक्त राष्ट्र सैन्य योगदानकर्ता देशों (यूएनटीसीसी) के प्रमुखों का सम्मेलन 2025 आज भी जारी रहा, जिसमें प्रमुखों ने एकीकृत नए युग की प्रौद्योगिकी का प्रदर्शन देखा।
दिन के मुख्य कार्यक्रम
यूएनटीसीसी प्रमुखों ने आगरा का दौरा किया, जहां उन्होंने एकीकृत आधुनिक प्रौद्योगिकी प्रदर्शन देखा, जिसमें भारतीय सेना द्वारा निर्मित नई पीढ़ी के उपकरणों की एक श्रृंखला प्रदर्शित की गई। इस प्रदर्शन ने भारत के आत्मनिर्भरता पर जोर और शांति स्थापना तथा उससे परे समकालीन संचालन चुनौतियों का सामना करने के लिए आधुनिक, नवीन और किफायती समाधान प्रस्तुत करने की उसकी क्षमता को दर्शाया।
प्रतिनिधियों ने दुनिया के सबसे प्रसिद्ध स्मारकों में से एक, ताजमहल का भी दौरा किया, जो सद्भाव और सार्वभौमिक विरासत का प्रतीक है। इसके बाद, कलाकृति हेरिटेज सेंटर का दौरा किया गया, जहां प्रतिभागियों ने भारत की कलात्मक विरासत और समृद्ध परंपराओं को दर्शाने वाला एक सांस्कृतिक कार्यक्रम देखा। इस दौरे ने कलाकारों से बातचीत करने और भारत की अनूठी विरासत शिल्पकला को देखने का भी अवसर प्रदान किया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम
शाम को, प्रतिनिधि लाल किले में एक प्रकाश एवं ध्वनि शो भी देखेंगे, जो भारत की सभ्यतागत यात्रा और राष्ट्रीय गौरव के मील के पत्थरों का वर्णन करेगा। यूएनटीसीसी प्रमुख दिल्ली मेट्रो से कार्यक्रम स्थल तक जाएंगे, जो आधुनिकता और सतत शहरी आवागमन की दिशा में भारत की यात्रा में एक विश्व स्तरीय तकनीकी उपलब्धि है। यूएनटीसीसी प्रमुख शहरी परिवहन से लेकर सैन्य तैयारियों तक, भारत के तकनीकी प्रयासों का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त करेंगे, जो प्रगति, सशक्तता और वैश्विक प्रासंगिकता के समग्र राष्ट्रीय दृष्टिकोण को दर्शाता है।
कॉन्क्लेव के दूसरे दिन, सांस्कृतिक पहुंच के साथ संचालन संबंधी प्रदर्शन का सफलतापूर्वक सम्मिश्रण किया गया, जिससे एक राष्ट्र के रूप में भारत की भूमिका सुदृढ़ हुई, जो न केवल अपनी सैन्य प्रगति के माध्यम से वैश्विक शांति और स्थायित्व की साझा आकांक्षाओं में योगदान देता है, बल्कि राष्ट्रों के बीच मैत्री के सेतु के रूप में अपनी सभ्यतागत लोकाचार और विरासत को भी प्रस्तुत करता है।
यह सम्मेलन कल अंतिम विचार-विमर्श, उद्योग के साथ बातचीत और परिणामों के सारांश के साथ संपन्न होगा, जिससे मजबूत, समावेशी और टिकाऊ संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों के लिए आगे का रास्ता तय होगा।