सरकार ने उज्ज्वला योजना के तहत 25 लाख अतिरिक्त एलपीजी कनेक्शन जारी करने को मंजूरी दी
सरकार ने उज्ज्वला योजना के तहत 25 लाख अतिरिक्त एलपीजी कनेक्शन जारी करने को मंजूरी दी
महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) के अंतर्गत 25 लाख अतिरिक्त एलपीजी कनेक्शन जारी करने को मंज़ूरी दे दी है। इस अवसर पर महिला लाभार्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा,
“नवरात्रि के पावन अवसर पर, मैं उज्ज्वला परिवार से जुड़ी सभी माताओं और बहनों को हार्दिक शुभकामनाएँ देता हूँ। यह कदम न केवल उन्हें इस पावन पर्व पर आनंद प्रदान करेगा, बल्कि महिला सशक्तिकरण के प्रति हमारे संकल्प को भी मजबूत करता है।“
नवरात्रि के शुभ अवसर पर उज्ज्वला परिवार से जुड़ने वाली हमारी सभी माताओं-बहनों को बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं! हमारे इस कदम से ना सिर्फ इस पावन पर्व पर उन्हें नई खुशी मिलेगी, बल्कि नारी सशक्तिकरण के हमारे संकल्पों को भी और मजबूती मिलने वाली है। https://t.co/jYWve2SbrU
आज इस निर्णय की घोषणा करते हुए केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा,
“नवरात्रि की शुरुआत के साथ, उज्ज्वला योजना के तहत 25 लाख जमा–मुक्त रसोई गैस कनेक्शन प्रदान करने का निर्णय, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की महिलाओं के प्रति देवी दुर्गा के समान सम्मान की प्रतिबद्धता का एक और प्रमाण है। यह माताओं और बहनों के सम्मान और सशक्तिकरण के हमारे संकल्प को और मज़बूत करता है। उज्ज्वला भारत की सबसे प्रभावशाली सामाजिक कल्याण योजनाओं में से एक बनकर उभरी है— रसोई घरों का कायाकल्प, स्वास्थ्य की सुरक्षा और देश भर के परिवारों का भविष्य उज्ज्वल बना रही है।“
उज्ज्वला परिवार का विस्तार
नारी शक्ति को बड़ा उपहार!
नवरात्रि के शुभारम्भ के साथ ही निःशुल्क 25 लाख नए #PMUjjwala कनेक्शन की सौगात एक और प्रमाण है कि PM @narendramodi जी महिलाओं को देवी दुर्गा जी के सामान सम्मान देते हैं। यह निर्णय माताओं-बहनों के सम्मान और सशक्तिकरण के हमारे… pic.twitter.com/5bDaYobrSx
इस विस्तार के साथ, पीएमयूवाई कनेक्शनों की कुल संख्या बढ़कर 10.58 करोड़ हो जाएगी। सरकार ने इन कनेक्शनों को जारी करने के लिए 676 करोड़ रुपए के व्यय को मंज़ूरी दी है, जिसमें 2,050 रुपए प्रति कनेक्शन की दर से 25 लाख जमा–मुक्त कनेक्शन प्रदान करने के लिए 512.5 करोड़ रुपए, 14.2 किलोग्राम के घरेलू एलपीजी सिलेंडर पर 300 रुपए की लक्षित सब्सिडी के लिए 160 करोड़ रुपए (प्रति वर्ष अधिकतम नौ रिफिल, 5 किलोग्राम सिलेंडर के लिए आनुपातिक रूप से आनुपातिक), और परियोजना प्रबंधन व्यय, लेनदेन और एसएमएस शुल्क, सूचना, शिक्षा एवं संचार (आईईसी) गतिविधियों, और प्रशासनिक व्यय के लिए 3.5 करोड़ रुपए शामिल हैं।
पीएमयूवाई के तहत, लाभार्थियों को बिना किसी जमा राशि के एलपीजी कनेक्शन मिलता है, जिसमें सिलेंडर, प्रेशर रेगुलेटर, सुरक्षा नली, घरेलू गैस उपभोक्ता कार्ड (डीजीसीसी) पुस्तिका और स्थापना शुल्क की सुरक्षा राशि शामिल होती है। इसके अलावा, पहला रिफिल और चूल्हा भी निःशुल्क प्रदान किया जाता है। लाभार्थियों को एलपीजी कनेक्शन, पहले रिफिल या चूल्हे के लिए कोई भुगतान करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि ये लागत भारत सरकार और तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) द्वारा वहन की जाती है। लाभार्थियों के पास 14.2 किलोग्राम की सिंगल बोतल कनेक्शन, 5 किलोग्राम की सिंगल बोतल कनेक्शन या 5 किलोग्राम की डबल बोतल कनेक्शन में से चुनने की सुविधा है।
पारदर्शिता और सुगम पहुँच को और बढ़ाने के लिए, पीएमयूवाई के अंतर्गत एलपीजी कनेक्शन प्राप्त करने की प्रक्रिया को पूरी तरह से सुव्यवस्थित और तकनीकी रूप से सक्षम बनाया गया है। गरीब परिवारों की पात्र वयस्क महिलाएँ, जिनके परिवार में पहले से एलपीजी कनेक्शन नहीं है, एक सरलीकृत केवाईसी आवेदन पत्र और अभाव घोषणा पत्र जमा करके आवेदन कर सकती हैं, या http://www.pmuy.gov.in पर ऑनलाइन या सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों के किसी भी एलपीजी वितरक के पास। आवेदनों की प्रणाली–संचालित डी–डुप्लीकेशन जाँच की जाती है, जिसके बाद तेल विपणन कंपनियों के अधिकारियों द्वारा भौतिक सत्यापन किया जाता है, उसके बाद सब्सक्रिप्शन वाउचर जारी किया जाता है और आवेदक के घर पर एलपीजी कनेक्शन लगाया जाता है। जिन मौजूदा आवेदकों के आवेदन लंबित हैं, उन्हें संशोधित ई–केवाईसी प्रक्रिया से गुजरना होगा और अद्यतन प्रपत्र के अनुसार विवरण प्रस्तुत करना होगा।
मई 2016 में शुरू की गई पीएमयूवाई के अंतर्गत शुरुआत में 8 करोड़ जमा–मुक्त एलपीजी कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया था, जो सितंबर 2019 में प्राप्त कर कर लिया गया। शेष गरीब परिवारों को इस योजना का लाभ देने के लिए, उज्ज्वला 2.0 को अगस्त 2021 में लॉन्च किया गया था, जिसका लक्ष्य जनवरी 2022 तक 1 करोड़ अतिरिक्त कनेक्शन देना था। इसके बाद, सरकार ने उज्ज्वला 2.0 के तहत 60 लाख अतिरिक्त कनेक्शनों को मंजूरी दी, जो दिसंबर 2022 तक हासिल किए गए, और अन्य 75 लाख कनेक्शन जुलाई 2024 तक हासिल किए गए। जुलाई 2025 तक, देश भर में 10.33 करोड़ से अधिक पीएमयूवाई कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं, जिससे यह वैश्विक स्तर पर सबसे बड़ी स्वच्छ ऊर्जा पहलों में से एक बन गई है।
अधिक जानकारी के लिए, लाभार्थी आधिकारिक पीएमयूवाई पोर्टल www.pmuy.gov.in पर जा सकते हैं या सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों के अपने नजदीकी एलपीजी वितरक से संपर्क कर सकते हैं।