नई जीएसटी दरें : कृषि क्षेत्र और किसानों की समृद्धि के लिए वरदान
नई जीएसटी दरें : कृषि क्षेत्र और किसानों की समृद्धि के लिए वरदान
नई जीएसटी दरें कृषि और डेयरी क्षेत्र बड़े बदलाव का संकेत है। जीएसटी दरों में कटौती से देशभर के किसान, कृषि व डेयरी क्षेत्र के कामगार, पशुपालक बेहद प्रसन्न हैं और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण के प्रति आभार व्यक्त कर रहे हैं। केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने भी नई दरों को क्रांतिकारी फैसला बताते हुए ऐतिहासिक बदलाव की उम्मीद जताई है।
जीएसटी रिफॉर्म का प्रभाव छोटे और मंझौले किसानों के बीच व्यापक रूप से देखा जा सकेगा। कृषि उपकरणों, सौर ऊर्जा आधारित उपकरणों पर जीएसटी दरें कम होने के कारण कृषि की लागत घटेगी और किसानों का मुनाफा बढ़ेगा। जैव–कीटनाशक और सूक्ष्म–पोषक तत्वों पर जीएसटी घटाई गई है, जिससे किसानों को लाभ होगा। साथ ही रासायनिक उर्वरकों से जैव उर्वरकों की तरफ किसानों की प्रवृति निश्चित रूप से बढ़ेगी। डेयरी क्षेत्र में अब दूध और पनीर पर कोई जीएसटी नहीं होगी। इससे आम आदमी को तो लाभ होगा ही, साथ ही किसानों, पशुपालकों और दुग्ध उत्पादकों को भी फायदा होगा। जीएसटी रिफॉर्म एकीकृत कृषि को भी बढ़ावा देगा। पशुपालन, मधुमक्खी पालन, मछली पालन, कृषि वानिकी, पॉल्ट्री फार्म में भी जीएसटी छूट का लाभ स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। केंदू के पत्ते पर जीएसटी कम होने से जनजातीय समुदाय की आजीविका को मजबूती मिलेगी और वाणिज्यिक माल वाहन पर जीएसटी घटने से कृषि वस्तुओं की ढुलाई सस्ती होगी।
घटेगा दाम, बढ़ेगा लाभ
ट्रैक्टर की कीमत कम हो जाएगी
ट्रैक्टर के कलपुर्जें सस्ते
कृषि उपकरण सस्ते मिलेंगे
सौर ऊर्जा आधारित उपकरणों की भी कीमत कम होगी
उर्वरक होगा सस्ता
कीटनाशक सस्ते होंगे
फल–सब्जियां होंगी सस्ती
मेवे हो जाएंगे सस्ते
खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा
दूध और पनीर पर नहीं लगेगी जीएसटी
स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा
‘तैयार या संरक्षित मछली‘ पर जीएसटी कम
शहद खरीदना भी सस्ता, कम हो जाएंगी कीमतें
केंदू के पत्ते पर जीएसटी घटाई गई
विभिन्न क्षेत्रों पर जीएसटी दरों में कटौती के प्रभाव का विस्तारपूर्वक ब्यौरा:-
कृषि मशीनीकरण
जीएसटी कम होने से ट्रैक्टरों की खरीद कीमत कम हो जाएगी, जिससे छोटे और मध्यम किसान भी ट्रैक्टर खरीद पाने में सक्षम होंगे। कम कीमतें कृषि में मशीनीकरण को बढ़ावा देंगी, जिससे किसानों को समय की बचत होगी, मैनुअल श्रम लागत कम होगी और फसल उत्पादकता में सुधार होगा।
पुराने और नए की गणना/ सस्ते हो जाएंगे उपकरण

उर्वरक
जैव कीटनाशक और सूक्ष्म पोषण तत्व
फल, सब्जियां और खाद्य प्रसंस्करण
डेयरी क्षेत्र
जलीय कृषि
शहद पर जीएसटी
सौर ऊर्जा आधारित उपकरण पर जीएसटी
केंदू के पत्ते पर जीएसटी कटौती
कृषि में जीएसटी का युक्तिकरण किसान हितैषी, ग्रामीण समर्थक और सतत विकास के लिए एक सुधार है, इससे किसानों की लागत कम होगी। सहकारी समितियों और एफपीओ को बढ़ावा मिलेगा और खाद्य सुरक्षा मजबूत होगी। कृषि को यह बढ़ावा बहुस्तरीय स्तर पर, साथ ही इससे जुड़ी सभी गतिविधियों को भी मिलेगा। उर्वरक की लागत कम होने से कृषि उत्पादकता बढ़ेगी, कोल्ड स्टोरेज और कृषि प्रसंस्करण को बढ़ावा मिलेगा और खेती में मशीनीकरण भी बढ़ेगा। इसके अतिरिक्त, जलीय कृषि, डेयरी फार्मिंग और इससे जुड़ी सहकारी समितियों के लिए भी लाभदायक होगा। उपरोक्त का अनुवर्ती प्रभाव हमें आयातित खाद्य उत्पादों और पैकेज्ड खाद्य पदार्थों के मुकाबले अधिक प्रतिस्पर्धी बनाएगा। आत्मनिर्भर बनने के लिए हमारा घरेलू खाद्य उत्पादन खाद्य पदार्थों के आयात की तुलना में अधिक प्रतिस्पर्धी होगा।
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