जापान और चीन की यात्रा के लिए प्रस्थान की पूर्व संध्या पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वक्तव्य
जापान और चीन की यात्रा के लिए प्रस्थान की पूर्व संध्या पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वक्तव्य
प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा के निमंत्रण पर, मैं 15वें वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए जापान की दो दिवसीय यात्रा पर जा रहा हूँ।
हम इस यात्रा के दौरान अपनी विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी के अगले चरण को आकार देने पर ध्यान केंद्रित करेंगे, जिसने पिछले ग्यारह वर्ष में निरंतर और महत्वपूर्ण प्रगति की है। हम अपने सहयोग को नई ऊंचाई पर पहुंचाने, आर्थिक और निवेश संबंधों के दायरे और महत्वाकांक्षाओं का विस्तार करने, और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) एवं सेमीकंडक्टर सहित नई और उभरती प्रौद्योगिकियों में सहयोग को आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे। यह यात्रा हमारे सभ्यतागत बंधनों और सांस्कृतिक रिश्तों को मजबूत करने का भी अवसर होगी जो हमारे लोगों को परस्पर जोड़ते हैं।
जापान से, मैं राष्ट्रपति शी चिनफिंग के निमंत्रण पर तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीन जाऊँगा। भारत एससीओ का सक्रिय और रचनात्मक सदस्य है। अपनी अध्यक्षता के दौरान, हमने नवाचार, स्वास्थ्य और सांस्कृतिक आदान–प्रदान के क्षेत्रों में नए विचार प्रस्तुत किए हैं और सहयोग की पहल की है। भारत साझा चुनौतियों का समाधान करने और क्षेत्रीय सहयोग को प्रगाढ़ करने के लिए एससीओ सदस्यों के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। मैं शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति शी चिनफिंग, राष्ट्रपति पुतिन और अन्य नेताओं से मिलने के लिए भी उत्सुक हूँ।
मुझे विश्वास है कि जापान और चीन की मेरी यात्राएँ हमारे राष्ट्रीय हितों और प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाएँगी, और क्षेत्रीय एवं वैश्विक शांति, सुरक्षा और सतत विकास को आगे बढ़ाने में फलदायी सहयोग के निर्माण में योगदान देंगी।
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