केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में यमुना पुनर्जीवन को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में यमुना पुनर्जीवन को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में यमुना पुनर्जीवन को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल, जल शक्ति मंत्री श्री सी आर पाटिल, दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता, केन्द्रीय गृह सचिव, दिल्ली के मुख्य सचिव सहित केन्द्र एवं दिल्ली सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
बैठक को संबोधित करते हुए केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) को जल प्रदूषण पर नियंत्रण लगाने के लिए ऐक्शन मोड में कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार को औद्योगिक इकाइयों से बढ़ रहे प्रदूषण को रोकने के लिए सतत एवं प्रभावी कदम उठाने चाहिए । श्री अमित शाह ने कहा कि यमुना नदी में दिल्ली के अलावा अन्य राज्यों से भी अपशिष्ट के द्वारा केमिकल आ रहा है, इसलिए इन सभी राज्यों को साथ मिलकर नदी को स्वच्छ करने के उपायों पर कार्य करना चाहिए ।
श्री अमित शाह ने नजफगढ़ और शाहदरा के मुख्य ड्रेनों में बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड (BOD) को सुधारने की कार्ययोजना पर कार्य करने पर बल दिया। श्री अमित शाह ने इसके लिए दिल्ली के दो मुख्य ड्रेन, नजफगढ़ और शाहदरा ड्रेनों की ड्रोन सर्वे कराने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि नदियों को स्वच्छ करने के लिए दिल्ली सरकार के द्वारा की जा रही कोशिशों के अलावा राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (NMCG) का बजट बढ़ाने की आवश्यकता है।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने यमुना की सफाई के साथ-साथ सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) की क्षमता वृद्धि पर विशेष बल दिया। उन्होंने 2028 तक STP क्षमता 1500 MGD तक बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही, श्री शाह ने कहा कि यमुना पुनर्जीवन के लिए हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश, तीनों राज्यों को प्रयास करना चाहिए और उनके STP से निकल रहे जल की निरंतर और निष्पक्ष जांच हो। इसके लिए उन्होंने STP के आउटफ्लो की थर्ड पार्टी गुणवत्ता जांच पर बल दिया।
श्री अमित शाह ने कहा कि दिल्ली में कई जलाशय हैं जिनमें दिल्ली सरकार को बरसाती पानी संग्रह करने की व्यवस्था करनी चाहिए। श्री शाह ने कहा कि इन जलाशयों को विकसित करने से पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि डेयरी, गौशालाओं के उत्पादित अपशिष्ट के प्रबंधन के लिए दिल्ली सरकार को राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के साथ मिलकर कार्य करना चाहिए। इसके साथ ही, श्री अमित शाह ने दिल्ली के अनधिकृत डेयरियों के प्रबंधन करने पर भी जोर दिया ।
श्री अमित शाह ने यमुना में ई-फ्लो (e-flow) बढ़ाने पर विशेष बल देकर कहा इस विषय पर उत्तर प्रदेश सरकार से बात करके हल निकालने की आवश्यकता है ताकि यमुना के दिल्ली के प्रवेश के समय का फ्लो बेहतर हो सके। साथ ही, उन्होंने कहा कि ओखला के उपचारित जल को यमुना के डाउनस्ट्रीम में छोड़ा जाए जिससे नदी के जल की गुणवत्ता बेहतर करने में मदद मिलेगी।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि दिल्ली के हर एक घर की जलापूर्ति को ध्यान में रखकर एक विस्तृत सर्वे हो, जिससे पूरी दिल्ली में जलापूर्ति का व्यापक प्लान बन सके। दिल्ली में बोरवेल के माध्यम से अनियंत्रित जल निकासी एक बड़ी समस्या है जिस पर दिल्ली जल बोर्ड को कार्य योजना बनाकर कार्य करने की आवश्कता है । उन्होंने कहा कि इन बोरवेलों को चरणबद्ध तरीके से नियमित किया जाए।