सुरक्षित और बुद्धिमत्तापूर्ण परिवहन प्रणाली (आईटीएस)
सुरक्षित और बुद्धिमत्तापूर्ण परिवहन प्रणाली (आईटीएस)
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी राष्ट्रीय राजमार्गों (एनएच) के डिजाइन, निर्माण, एनएच परियोजनाओं के पूर्व-उद्घाटन चरण के साथ-साथ विद्यमान एनएच पर नियमित सुरक्षा ऑडिट के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं।
सरकार राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा में सुधार और दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से उन्नत यातायात प्रबंधन प्रणाली (एटीएमएस) की तैनाती की परिकल्पना कर रही है। एटीएमएस में एआई-आधारित वीडियो घटना पहचान और प्रवर्तन प्रणालियां (वीआईडीईएस), ऑटोमेटिक नंबर प्लेट पहचान (एएनपीआर) कैमरे, पैन टू ज़ूम (पीटीजेड) कैमरे और इलेक्ट्रॉनिक निगरानी, प्रवर्तन, घटनाओं का शीघ्र पता लगाने और वास्तविक समय पर फील्ड रिस्पॉन्स के लिए निगरानी कैमरे शामिल हैं। एटीएमएस कॉरिडोर का विवरण अनुबंध-I में दिया गया है।
सरकार ने दिनांक 27.10.2025 के जीएसआर 795(ई) के माध्यम से राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड नियम, 2025 को अधिसूचित किया है।
चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स के तत्काल सुधार के लिए, फील्ड अधिकारियों को 3 महीने की समयावधि के भीतर अल्पकालिक उपाय करने की शक्तियां सौंपी गई हैं।
वैरिएबल मैसेज साइन (वीएमएस) लाइव ट्रैफ़िक अपडेट, भीड़भाड़ और घटना संबंधी चेतावनियां प्रदर्शित करते हैं। मौसम चेतावनी प्रणालियों के साथ एकीकरण, कोहरे, कम दृश्यता और भारी वर्षा से संबंधित चेतावनियों के अग्रिम प्रसार को सक्षम बनाता है, जिससे चालक जागरूकता और सुरक्षा में सुधार होता है।
अनुलग्नक-1
गलियारे
लंबाई (किमी)
राज्य
स्थिति
बेंगलुरु – मैसूरु (संवर्द्धन)
117
कर्नाटक
पूर्ण
द्वारका एक्सप्रेसवे
58
दिल्ली, हरियाणा
पूर्ण
दिल्ली – आगरा
180
उत्तर प्रदेश
प्रगति पर
लखनऊ रिंग रोड
103
उत्तर प्रदेश
प्रगति पर
यूईआर–II
75
दिल्ली, हरियाणा
प्रगति पर
यह जानकारी केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन जयराम गडकरी ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी।