सीएक्यूएम प्रवर्तन कार्य बल ने एनसीआर में निरीक्षण एवं प्रवर्तन संबंधी कार्रवाइयों की समीक्षा की
सीएक्यूएम प्रवर्तन कार्य बल ने एनसीआर में निरीक्षण एवं प्रवर्तन संबंधी कार्रवाइयों की समीक्षा की
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और निकटवर्ती क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के प्रवर्तन कार्य बल (ईटीएफ) की 124वीं बैठक दिनांक 21.01.2026 को हुई। इस बैठक में 07.01.2026 से लेकर 19.01.2026 के दौरान राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में की गई निरीक्षण एवं प्रवर्तन संबंधी गतिविधियों की समीक्षा की गई। इस अवधि के दौरान, आयोग के उड़न दस्तों ने उद्योग, डीजल जनरेटर (डीजी) सेट, निर्माण एवं विध्वंस (सी एंड डी) संबंधी गतिविधियों, सड़क की धूल और बायोमास जलाने एवं नगरपालिका ठोस अपशिष्ट (एमएसडब्ल्यू) जमा होने या जलाने सहित वायु प्रदूषण के मुख्य क्षेत्रों का व्यापक पैमाने पर निरीक्षण किया।
उड़न दस्तों ने इस दौरान प्रदूषण से जुड़े मुख्य क्षेत्रों में कुल 330 निरीक्षण किए। इनमें 241 उद्योग, 22 डीजल जनरेटर (डीजी) सेट और पांच निर्माण एवं विध्वंस (सी एंड डी) स्थलों के निरीक्षण शामिल थे। इसके अलावा, सड़क की धूल और कचरा जमा होने से संबंध में विभिन्न सड़कों पर 62 निरीक्षण भी किए गए। कुल 90 उल्लंघन पाए गए, जिनमें से 66 उद्योग क्षेत्र, दो डीजी सेट, चार सी एंड डी स्थलों और 18 सड़क की धूल से संबंधित थे।
कुल 330 निरीक्षणों में से, 72 मामलों में बंद करने, डीजी सेट जब्त करने एवं कारण बताओ नोटिस जारी करने जैसी प्रवर्तन की कार्रवाइयों की सिफारिश की गई।
आयोग ने निरीक्षण टीमों से मिली बंद करने की सिफारिशों की भी समीक्षा की और पाया कि 09 रेडी मिक्स कंक्रीट (आरएमसी) संयंत्रों को बंद करने की सिफारिश की गई है।
इसके अलावा, 08.01.2026 और 13.01.2026 को 150 सड़क को कवर करते हुए विशेष निरीक्षण अभियान चलाए गए। इनमें नोएडा के 23 सड़क और फरीदाबाद नगर निगम के अधिकार क्षेत्र के 127 सड़क शामिल थे।
जांचे गए 150 सड़कों में से, 20 में धूल का स्तर अधिक पाया गया, 34 में धूल का मध्यम स्तर और 75 में धूल का कम स्तर था। धूल नियंत्रण के उपायों का पालन न करने पर, 13.01.2026 को दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के उपायुक्त को नोटिस जारी किया गया। एमसीडी के 05 जोन से की गई कार्रवाई की रिपोर्ट (एटीआर) मिल गई हैं।
उड़ान दस्तों ने 14.01.2026 को उत्तरी दिल्ली में बायोमास एवं नगरपालिका ठोस अपशिष्ट (एमएसडब्ल्यू) जलाने व फेंकने की घटनाओं की जांच के लिए एक विशेष निरीक्षण अभियान भी चलाया। यह अभियान एमसीडी के अधिकार क्षेत्र वाले इलाकों में चलाया गया था। निरीक्षण के दौरान, 65 जगहों की जांच की गई, जिसमें बायोमास/एमएसडब्ल्यू जलाने की 47 घटनाएं और एमएसडब्ल्यू फेंकने के 18 मामले दर्ज किए गए। निरीक्षण रिपोर्ट विस्तृत एटीआर के लिए संबंधित एजेंसियों को भेज दी गई हैं।
दिनांक 21.01.2026 तक, कुल 25,232 इकाइयों, परियोजनाओं और प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया है। इन निरीक्षणों के आधार पर, उल्लंघनों के लिए 1,643 बंद करने के निर्देश जारी किए गए हैं। इनमें से, नियमों के अनुपालन की पुष्टि के बाद 1,261 फिर से शुरू करने के आदेश जारी किए गए हैं, जबकि 108 मामलों को अंतिम फैसले के लिए संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एसपीसीबी) या दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) को हस्तांतरित कर दिया गया है। शेष 274 मामलों में फिर से शुरू करने के आदेश उचित प्रक्रिया के अनुसार जांच के अधीन हैं।
आयोग ने दोहराया कि एनसीआर में वायु प्रदूषण को प्रभावी ढंग से कम करने हेतु सक्रिय प्रवर्तन, हितधारकों द्वारा सख्त अनुपालन और सभी संबंधित एजेंसियों द्वारा समन्वित कार्रवाई बेहद जरूरी है।
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