Wednesday, January 28, 2026
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सीएक्यूएम ने राजस्थान (एनसीआर) में वायु प्रदूषण कम करने के लिए वार्षिक कार्य योजनाओं व प्रमुख क्षेत्रीय उपायों की समीक्षा की

सीएक्यूएम ने राजस्थान (एनसीआर) में वायु प्रदूषण कम करने के लिए वार्षिक कार्य योजनाओं व प्रमुख क्षेत्रीय उपायों की समीक्षा की

राजस्थान के एनसीआर जिलों—अलवर, भरतपुर और भिवाड़ी सहित—प्रमुख क्षेत्रीय क्षेत्रों से होने वाले वायु प्रदूषण में कमी लाने के उपायों की समीक्षा के लिए, 27.01.2026 को जयपुर में राजस्थान सरकार के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। यह बैठक एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग’ (सीएक्यूएम) के अध्यक्ष, श्री राजेश वर्मा की अध्यक्षता में संपन्न हुई।

बैठक के दौरान भिवाड़ी, अलवर और भरतपुर की नगर वार्षिक कार्य योजना 2026 तथा राजस्थान की राज्य वार्षिक कार्य योजना 2026 पर प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिसमें प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों जैसे वाहनों से होने वाला उत्सर्जन, निर्माण एवं विध्वंस (सी एंड डी) गतिविधियाँ, सड़कों और खुले क्षेत्रों की धूल, नगर निगम ठोस अपशिष्ट (एमएसडब्लू) प्रबंधन, औद्योगिक उत्सर्जन आदि शामिल किए गए।

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नगर वार्षिक कार्य योजनाओं की समीक्षा (भिवाड़ी, अलवर एवं भरतपुर)

नगर वार्षिक कार्य योजनाओं की समीक्षा करते हुए आयोग ने निर्देश दिया कि संशोधित नगर कार्य योजनाएं एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत की जाएं। ये संशोधित योजनाएं भविष्योन्मुखी होनी चाहिए जिनमें वित्तीय निहितार्थों के साथ सड़कों का पूर्ण कवरेज, पैदल मार्गों को पक्का करना, सड़क बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनों का पर्याप्त प्रावधान, सुरक्षित साइकिलिंग ट्रैक का विकास और वायु गुणवत्ता निगरानी नेटवर्क का सुदृढ़ीकरण शामिल हो, जिसमें भरतपुर में एक अतिरिक्त सतत परिवेशी वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशन (सीएएक्यूएमएस) की स्थापना भी सम्मिलित है। शहरों को यह भी निर्देश दिया गया कि वे पीएम 2.5 के स्तर में प्रति वर्ष कम से कम 10% की कमी के लक्ष्य के साथ स्पष्ट रणनीतियां तैयार करें, दो वर्षों के भीतर पहचान किए गए सभी अंतरालों को पाटें, वर्तमान कचरा उत्पादन को देखते हुए एमएसडब्लू प्रसंस्करण क्षमता का पुनर्मूल्यांकन करें और संबंधित हितधारकों पर केंद्रित आईईसी गतिविधियों को बढ़ावा दें।

राज्य वार्षिक योजना-2026 की समीक्षा

विभिन्न विभागों और एजेंसियों की गतिविधियों को शामिल करने वाली राज्य वार्षिक कार्य योजना की विस्तृत समीक्षा की गई। आयोग ने निर्देश दिया कि संशोधित योजना में स्पष्ट रूप से कम से कम 10% की वार्षिक कमी प्राप्त करने का लक्ष्य रखा जाना चाहिए। इसके अलावा, ई-रिक्शा के लिए लेड-एसिड बैटरी के स्थान पर लिथियम-आयन बैटरी को बढ़ावा देने; दुपहिया और तिपहिया वाहनों को तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलने; ईंधन स्टेशनों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) कैमरे लगाने; ईवी चार्जिंग बुनियादी ढांचे को मजबूत करने; एकीकृत यातायात प्रबंधन प्रणाली (आईटीएमएस) के कार्यान्वयन; यातायात जाम वाले बिंदुओं की पहचान और उन्हें शामिल करने; सभी एनसीआर शहरी स्थानीय निकायों में पर्याप्त सी एंड डी  अपशिष्ट प्रसंस्करण सुविधाओं और माध्यमिक संग्रह केंद्रों के विकास पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही, वित्तीय निहितार्थों के आकलन के साथ शहरी और औद्योगिक कस्बों की सड़कों के पुनर्विकास को प्राथमिकता देने; विविध झाड़ियों की प्रजातियों के साथ एक वर्ष के भीतर रास्तों और सेंट्रल वर्ज (सड़क के मध्य भाग) के हरितकरण को पूरा करने; संबंधित हितधारकों के लिए केंद्रित आईईसी गतिविधियों; राज्य स्तरीय टास्क फोर्स और वार्ड-स्तरीय टीमों के गठन; तथा भिवाड़ी, अलवर, भरतपुर और राज्य मुख्यालय में एकीकृत कमान और नियंत्रण केंद्र स्थापित करने का निर्देश दिया गया।

उद्योगों में ओसीईएमएस एवं एपीसीडी की स्थापना की स्थिति

इसके अलावा, राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल (आरएसपीसीबी) ने उद्योगों में ‘ऑनलाइन कंटीन्यूअस एमिशन मॉनिटरिंग सिस्टम’ (ओसीईएमएस) और वायु प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों (एपीसीडी) की स्थापना की स्थिति प्रस्तुत की। आयोग ने निर्देश दिया कि शेष इकाइयों में ओसीईएमएस की स्थापना जल्द से जल्द सुनिश्चित की जाए। जो उद्योग 31.01.2026 से पहले ओसीईएमएस के लिए ऑर्डर देने में विफल रहेंगे, उनके विरुद्ध सीपीसीबी के निर्देशों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

परिवहन एवं यातायात प्रबंधन

बेहतर यातायात प्रबंधन, ऑटोमेटेड चालान के साथ आईटीएमएस की तैनाती, यातायात चौराहों पर एएनपीआर कैमरे लगाने, ट्रैफिक जाम वाले बिंदुओं (बॉटलनेक्स) की पहचान और उन्हें सुगम बनाने, पार्किंग सुविधाओं में वृद्धि और एनसीआर क्षेत्रों से डीजल चालित ऑटो-रिक्शा को चरणबद्ध तरीके से हटाने के माध्यम से वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने पर विशेष जोर दिया गया। इसके अलावा, बैठक के दौरान मोटर वाहन एग्रीगेटर्स, डिलीवरी सेवा प्रदाताओं और ई-कॉमर्स संस्थाओं द्वारा क्लीनर मोबिलिटी को अपनाने में तेजी लाने पर भी बल दिया गया।

सीएक्यूएम ने सभी हितधारक विभागों और एजेंसियों द्वारा अनुपालन की समय-समय पर समीक्षा करने का निर्देश दिया और राजस्थान के एनसीआर क्षेत्रों में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए कार्य योजनाओं के समयबद्ध कार्यान्वयन की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

बैठक में सदस्य (तकनीकी), सदस्य सचिव और निदेशक, सीएक्यूएम; अपर मुख्य सचिव, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग, राजस्थान सरकार; अध्यक्ष, आरएसपीसीबी; और पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन, स्थानीय स्वशासन, उद्योग, परिवहन, यातायात पुलिस, कृषि, शहरी विकास और आवास, रीको, आरआरईसीएल, भिवाड़ी एकीकृत विकास प्राधिकरण (बीडा), आरएसपीसीबी तथा अलवर, भरतपुर और भिवाड़ी नगर निगमों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

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