संसद प्रश्न: आईगॉट मिशन कर्मयोगी प्लेटफॉर्म
संसद प्रश्न: आईगॉट मिशन कर्मयोगी प्लेटफॉर्म
आईगॉट कर्मयोगी प्लेटफ़ॉर्म की स्थापना राष्ट्रीय सिविल सेवा क्षमता निर्माण कार्यक्रम – मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत की गई है, जो सरकारी कर्मचारियों की डिजिटल शिक्षा एवं क्षमता निर्माण पर ध्यान केंद्रित करता है। आईगॉट ने अपनी पहुंच और विस्तार को बहुत तेज किया है और वर्तमान में मंत्रालयों/विभागों के अलावा अधिकांश राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश भी इस मंच से जुड़ चुके हैं। एसपीवी कर्मयोगी भारत और क्षमता निर्माण आयोग (सीबीसी) ने मिशन कर्मयोगी को व्यवस्थित रूप से लागू करने के लिए 27 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के साथ त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया है। वर्तमान में, 1.41 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता इस प्लेटफ़ॉर्म पर जुड़ चुके हैं और यह प्लेटफ़ॉर्म क्षेत्रीय, कार्यात्मक और व्यवहारिक कौशलों में 3,700 से अधिक पाठ्यक्रमों को चलाता है, जिनमें 6 करोड़ से अधिक लोगों ने पाठ्यक्रम पूरा कर लिया है। पाठ्यक्रम 23 भाषाओं में उपलब्ध हैं, जिनमें अंग्रेज़ी और हिंदी शामिल हैं, जो व्यापक पहुंच तथा क्षेत्रीय एवं भाषाई आवश्यकताओं के साथ सामंजस्य स्थापित करते हैं। आईगॉट पर उपलब्ध 3700 पाठ्यक्रमों में से 735 हिंदी में हैं, जबकि 544 विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं में हैं।
विस्तार के अगले चरण का उद्देश्य भूमिका-आधारित क्षमता संरचनाओं का एकीकरण, बहुभाषी सामग्रियों का विस्तार एवं भूमिका-विशिष्ट क्षमता-निर्माण योजनाओं में और ज्यादा सुधार करना है।
सरकार द्वारा इसमें राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को व्यापक रूप से शामिल करने का उद्देश्य एक बहुभाषी पाठ्यक्रम प्रणाली विकसित करना और केंद्र तथा राज्य स्तर के संस्थानों के साथ घनिष्ठ समन्वय स्थापित करना है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उच्च गुणवत्ता वाला प्रशिक्षण सभी स्तरों एवं भौगोलिक क्षेत्रों के सिविल सेवकों के लिए सुलभ हैं।
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