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संसदीय प्रश्न: शांति अधिनियम की कार्यान्वयन संबंधी चिंताएं

संसदीय प्रश्न: शांति अधिनियम की कार्यान्वयन संबंधी चिंताएं

शांति अधिनियम संयुक्त उद्यमों और निजी फर्मों को केंद्रीय सरकार से लाइसेंस तथा नियामक बोर्ड से सुरक्षा प्राधिकरण प्राप्त करने के बाद परमाणु ऊर्जा के उत्पादन, उपयोग और निपटान की अनुमति देता है। जारी लाइसेंस में सुरक्षा, संरक्षण, रेडियोधर्मी अपशिष्ट निपटान आदि के कार्यान्वयन के प्रावधानों सहित शर्तें और दशाएं शामिल होंगी। इसके अलावा, सुरक्षा प्राधिकरण में परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के सुरक्षित संचालन के लिए सुरक्षा विनियमों के कार्यान्वयन के प्रावधान शामिल हैं।

लाइसेंसधारी परमाणु ऊर्जा संयंत्र के विघटन के लिए भी उत्तरदायी होगा और परमाणु स्थापनों के संचालक को परमाणु घटनाओं से उत्पन्न नागरिक परमाणु क्षतियों के मुआवजे के लिए पर्याप्त वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी होगी।

शांति अधिनियम में अधिनियम के प्रावधानों के किसी भी उल्लंघन या भंग के लिए दंड और अपराधों के प्रावधान हैं। ये अपराध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के अंतर्गत संज्ञेय हैं। रेडियोधर्मी सामग्री के अनधिकृत हटाने या बिना लाइसेंस उपयोग के संबंध में, शांति अधिनियम में कारावास, जुर्माना या दोनों का दंड निर्धारित करता है।

यह जानकारी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायतें एवं पेंशन में राज्य मंत्री, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज राज्यसभा में लिखित उत्तर में दी।

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