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संसदीय प्रश्न: परमाणु क्षेत्र में निजी संचालकों को विनियमित करना

संसदीय प्रश्न: परमाणु क्षेत्र में निजी संचालकों को विनियमित करना

जिन संस्थाओं को केंद्र सरकार से परमाणु सुविधाएं स्थापित करने या परमाणु ऊर्जा से संबंधित गतिविधियां करने के लिए लाइसेंस दिया गया है, वे परमाणु सामग्री की लगातार निगरानी, लेखांकन और निगरानी, उत्पन्न रेडियोधर्मी कचरे का सुरक्षित प्रबंधन, विकिरण से होने वाले नुकसान, परमाणु घटनाओं के कारण पीड़ितों के नुकसान के लिए तुरंत मुआवजा देने, परमाणु सुविधा के लाइफ साइकिल के अंत में उसे बंद करने सहित परमाणु सुविधाओं के सुरक्षित और संरक्षित संचालन के लिए जिम्मेदार होंगे।

परमाणु ऊर्जा संयंत्र के संचालक को परमाणु घटनाओं के मामले में परमाणु क्षति के लिए शीघ्र मुआवजे के लिए SHANTI अधिनियम के तहत जिम्मेदार बनाया जाता है। ऑपरेटर इन मुआवजे के भुगतान के लिए पर्याप्त वित्तीय सुरक्षा/बीमा बनाए रखने के लिए जिम्मेदार है। नाभिकीय घटना की स्थिति में प्रचालक द्वारा भुगतान की जाने वाली मुआवजे की राशि नाभिकीय सुविधा के प्रकार पर आधारित होगी जिसका प्रावधान SHANTI अधिनियम की अनुसूची में भी किया गया है।

यह जानकारी केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), और प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री, डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी।

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