विद्युत मंत्रालय ने भारत ऊर्जा स्टैक (आईईएस) के निर्माण के लिए हितधारक सर्वेक्षण शुरू किया, जो विद्युत क्षेत्र के लिए एक डिजिटल आधार है
विद्युत मंत्रालय ने भारत ऊर्जा स्टैक (आईईएस) के निर्माण के लिए हितधारक सर्वेक्षण शुरू किया, जो विद्युत क्षेत्र के लिए एक डिजिटल आधार है
भारत का विद्युत क्षेत्र ग्रिड डिजिटलीकरण, नवीकरणीय ऊर्जा एकीकरण, विकेंद्रीकृत विद्युत उत्पादन और उपभोक्ता-केंद्रित सुधारों से प्रेरित एक बदलाव के दौर से गुजर रहा है। इस परिवर्तन को समर्थन देने के लिए विद्युत मंत्रालय ने भारत ऊर्जा स्टैक (आईईएस) की अवधारणा तैयार की है, जो विद्युत क्षेत्र के लिए एक डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (डीपीआई) है।
आईईएस का उद्देश्य एक संबद्ध, बुद्धिमान एवं अंतःक्रियाशील ऊर्जा पारिस्थितिकी तंत्र को सक्षम बनाना है। इस पहल के अंतर्गत, चुनिंदा विद्युत वितरण कंपनियों के सहयोग से मानकीकृत और खुले एपीआई और प्रोटोकॉल का उपयोग करके एक यूटिलिटी इंटेलिजेंस प्लेटफ़ॉर्म विकसित किया जाएगा। यह प्लेटफॉर्म विभिन्न आईटी/ओटी प्रणालियों से डेटा प्राप्त करने में मदद करेगा जिससे पूरे क्षेत्र में नवाचार एवं दक्षता को बढ़ावा मिलेगा।
यह सुनिश्चित करने के लिए कि आईईएस और उससे जुड़े समाधान व्यापक एवं भविष्य के लिए तैयार हों, मंत्रालय एक हितधारक मानचित्रण सर्वेक्षण कर रहा है। इस सर्वेक्षण का उद्देश्य निम्नलिखित जानकारी एकत्रित करना है:
चूंकि आईईएस खुले मानकों एवं इंटरऑपरबिलिटी संरचनाओं का निर्धारण करेगा, सभी पक्षधारकों यानी उपयोगिताओं, प्रौद्योगिकी प्रदाताओं और नवप्रवर्तकों को अपने उत्पादों और प्लेटफार्मों के प्रारंभिक डिज़ाइन में इन मानकों को शामिल करने के लिए प्रेरित किया जाता है। शीध्र अपनाने से संगठनों को भविष्य के लिए तैयार रहने, रेट्रोफिट लागत में कमी लाने और एक एकीकृत, नवाचार-प्रेरित विद्युत क्षेत्र को समर्थन देने में मदद मिलेगी।
सभी हितधारकों से अनुरोध है कि वे निम्नलिखित लिंक पर संगठन के बारे में सटीक एवं विस्तृत जानकारी प्रदान करके सर्वेक्षण पूरा करें- सर्वेक्षण लिंक: https://forms.office.com/r/Wm0sewTTrC या संलग्न क्यूआर कोड के माध्यम से इस संचार/प्रकाशन की तारीख से दो सप्ताह के भीतर। यह सर्वेक्षण उपयोगिताओं के साथ-साथ समाधान प्रदाताओं के लिए संदर्भ तैयार करने के आधार के रूप में कार्य करेगा।
