Wednesday, January 14, 2026
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वर्षांत समीक्षा 2025  – खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय की उपलब्धियां और पहलें

वर्षांत समीक्षा 2025  – खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय की उपलब्धियां और पहलें

खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र कृषि आय बढ़ाने और कृषि से इतर रोजगार सृजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह क्षेत्र संरक्षण और प्रसंस्करण अवसंरचना में कृषिगत और गैर-कृषिगत निवेश के माध्यम से कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करता है। इसी के अनुरूप, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय ने देश में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के विकास को गति देने के लिए कई पहलें की हैं और वर्ष 2025 के दौरान अपनी योजनाओं में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं।

पिछले वर्ष की उल्लेखनीय उपलब्धियां निम्नलिखित हैं: –

पिछले वर्ष की अन्य उल्लेखनीय उपलब्धियां निम्नलिखित हैं:

भारत सरकार ने वर्ष 2026-27 में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के विकास के लिए मंत्रालय को 4064 करोड़ रुपये का अनुमानित बजट (बीई) आवंटित किया है, जो कि 2025-26 के संशोधित अनुमान (आरई) 3571.57 करोड़ रुपये से लगभग 13.79 प्रतिशत अधिक है।

 

“अनुमोदन में (i) प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (पीएमकेएसवाई) की घटक योजना – एकीकृत शीत श्रृंखला और मूल्यवर्धन अवसंरचना (आईसीसीवीएआई) के तहत 50 बहु-उत्पाद खाद्य विकिरण इकाइयों की स्थापना और खाद्य सुरक्षा एवं गुणवत्ता आश्वासन अवसंरचना (एफएसक्यूएआई) की घटक योजना के तहत एनएबीएल मान्यता प्राप्त 100 खाद्य परीक्षण प्रयोगशालाओं (एफटीएल) की स्थापना के लिए 1000 करोड़ रुपये शामिल हैं, जो वित्त वर्ष 2024-25 के बजट घोषणा के अनुरूप है।

बी. प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम औपचारिकरण योजना

विपणन और ब्रांडिंग के 27 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है, जिनमें 2 राष्ट्रीय स्तर के प्रस्ताव (एनएएफईडी चरण 1 और चरण 2) और 25 राज्य स्तरीय प्रस्ताव शामिल हैं।

सी. खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के लिए उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन योजना (पीएलआईएसएफपीआई)

  1. मंत्रालय के बजट के माध्यम से क्षेत्रीय सहायता में वृद्धि-

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