Tuesday, January 13, 2026
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वर्षांत समीक्षा: 2025

वर्षांत समीक्षा: 2025

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने वर्ष 2025 के लिए अपनी उपलब्धियों और पहलों की व्यापक समीक्षा प्रस्तुत की है। मंत्रालय का महिलाओं और बच्चों को सशक्त बनाने, समावेशी विकास, सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने का मिशन जारी है। मंत्रालय के मिशनों और उनके प्रभाव का विस्तृत विवरण इस प्रकार है।

आंगनवाड़ी सेवाओं, पोषण अभियान और किशोरियों के लिए एकीकृत योजना —मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 से 30 नवंबर 2025 तक 8.69 करोड़ से अधिक गर्भवती महिलाएं , स्तनपान कराने वाली माताएं, किशोरियां और बच्चें लाभान्वित हुए है।

पीएमएमवीवाई और आंगनवाड़ी में सत्यापन के लिए चेहरा पहचान प्रणाली (एफआरएस) शुरू की गई है। यह चेहरे की अनूठी विशेषताओं का लाभ उठाकर सुरक्षा को बढ़ाता है, जिससे इसे जाली बनाना या इससे बचना मुश्किल हो जाता है। यह पारदर्शिता बढ़ाता है और कामकाज को सुचारू बनाता है।

आंगनवाड़ी सेवाओं में टेक होम राशन के लिए चेहरा पहचान प्रणाली (एफआरएस)

पीएमएमवीवाई में चेहरे की पहचान प्रणाली (एफआरएस): पीएमएमवीवाई के तहत सभी नए नामांकनों के लिए 21 मई, 2025 से चेहरे की पहचान के माध्यम से अनिवार्य बायोमेट्रिक सत्यापन शुरू किया गया है। एफआरएस प्रणाली को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा व्यापक रूप से स्वीकार किया गया है। इस सुविधा के लागू होने के बाद से, एफआरएस के माध्यम से बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद 17.82 लाख लाभार्थियों (17.11.2025 तक) का नामांकन हो चुका है।

अभियान

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार (पीएमआरबीपी) भारत के सबसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मानों में से एक है, जो कम उम्र में असाधारण उत्कृष्टता और असाधारण प्रतिभा के लिए सरकार द्वारा प्रतिवर्ष दिया जाता है।

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार –2025 समारोह 26 दिसंबर 2025 को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित किया गया, जहां राष्ट्रपति द्वारा पुरस्कार प्रदान किए गए। इस विशिष्ट समारोह में उन युवा प्रतिभाओं की उल्लेखनीय उपलब्धियों को सम्मानित किया गया, जिनकी लगन और दृढ़ता ने पूरे देश को प्रेरित किया है।

वर्ष 2025 में, 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 20 मेधावी बच्चों को इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए चुना गया। इन युवा आदर्शों को वीरता, कला एवं संस्कृति, पर्यावरण, सामाजिक सेवा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में उनके असाधारण योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार न केवल इन बच्चों की असाधारण उपलब्धियों को मान्यता देता है, बल्कि प्रेरणा के एक स्रोत के रूप में भी कार्य करता है, जो देश भर के युवाओं को उत्कृष्टता, नवाचार और समाज की सेवा करने के लिए प्रोत्साहित करता है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश के विभिन्न हिस्सों से आए उन 20 बच्चों से भी बातचीत की, जिन्हें प्रधानमंत्री के राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

वीर बाल दिवस मनाने के लिए राज्य स्तरीय और जिला स्तरीय कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।

मंत्रालय ने समावेशी, प्रौद्योगिकी-सक्षम और पारदर्शी शासन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि महिलाएं और बच्चे देश की विकास यात्रा के केंद्र में रहें।

  1. मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0: देश में पोषण अभियान को मजबूत बनाना

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