Wednesday, January 28, 2026
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राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण ने आईआईटी कानपुर में स्वास्थ्य देखभाल के लिए फेडरेटेड इंटेलिजेंस हैकाथॉन आयोजित किया

राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण ने आईआईटी कानपुर में स्वास्थ्य देखभाल के लिए फेडरेटेड इंटेलिजेंस हैकाथॉन आयोजित किया

राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) ने आईसीएमआरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर रिसर्च इन डिजिटल हेल्थ एंड डेटा साइंस (आईसीएमआर-एनआईआरडीएचडीएस) और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी कानपुर के साथ मिलकर आईआईटी कानपुर कैंपस में स्वास्थ्य देखभाल के लिए फेडरेटेड इंटेलिजेंस हैकाथॉन का आयोजन किया। इस राष्ट्रीय स्तर की पहल का मकसद भारत के स्वास्थ्य देखभाल इकोसिस्टम के लिए सुरक्षित और स्केलेबल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समाधानों को आगे बढ़ाना है।

स्वास्थ्य देखभाल के लिए फेडरेटेड इंटेलिजेंस हैकाथॉन 19 जनवरी 2026 को शुरू हुआ, जिसमें हैकाथॉन वीक (19–23 जनवरी 2026) के दौरान आईआईटी कानपुर में गहन तकनीकी विकास, मेंटरिंग और मूल्यांकन हुआ। 23 जनवरी 2026 से शुरू हुए दो दिवसीय ऑन-साइट कार्यक्रम में नीति निर्माताओं, डॉक्टरों, शोधकर्ताओं, स्टार्ट-अप और उद्योग विशेषज्ञों को विशेषज्ञ सत्र, तकनीकी प्रस्तुतियों और पैनल चर्चाओं के लिए एक साथ लाया गया।

 

प्रोफेसर संदीप वर्मा, गंगवाल स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी के प्रमुख

सत्र की शुरुआत गंगवाल स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी के प्रमुख प्रोफेसर संदीप वर्मा के मुख्य भाषण से हुई। उन्होंने एआईआधारित स्वास्थ्य देखभाल नवोन्मेष को आगे बढ़ाने में इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च की अहम भूमिका पर ज़ोर दिया। प्रोफेसर वर्मा ने क्रॉस डोमेन सहयोग की ज़रूरत पर ज़ोर दिया, यह कहते हुए कि स्वास्थ्य एआई में सार्थक प्रगति केवल मेडिसिन, इंजीनियरिंग, डेटा साइंस और पॉलिसी के इंटीग्रेशन से ही हासिल की जा सकती है। उन्होंने कहा कि भविष्य के लिए टिकाऊ और असरदार हेल्थकेयर सिस्टम बनाने के लिए इस तरह का तालमेल ज़रूरी है।

प्रो. फणींद्र कुमार यलवर्थी, चीफ पीएम, टीएएनयूएच, भारतीय विज्ञान संस्थान बेंगलुरु

इसके बाद प्रो. फणींद्र कुमार यलवर्थी, चीफ पीएम, टीएएनयूएच, भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु ने तकनीकी सत्र लिए, जिसमें परम्परागत मशीन अध्ययन के तरीके, एआई प्रणाली का क्लिनिकल इवैल्यूएशन और स्वास्थ्य देखभाल तैनाती के नियमों को शामिल किया गया। उन्होंने कहा कि, “हेल्थकेयर में एआई रूल बेस्ड सिस्टम से डेटा ड्रिवन लर्निंग तक विकसित हुआ है, जहाँ डीप लर्निंग मेडिकल इमेज सेगमेंटेशन जैसे मुश्किल कामों के लिए ऑटोनॉमस फीचर डिस्कवरी को सक्षम बनाती है। बायस-वेरिएंस को बैलेंस करके, रिग्रेशन, एसवीएम और रेगुलराइजेशन जैसे तरीकों को लागू करके, हम मजबूत, भरोसेमंद और क्लिनिकली टिकाऊ डिजिटल हेल्थ सॉल्यूशन बना सकते हैं।”

इस कार्यक्रम में गूगल हेल्थ एआई और वधवानी फाउंडेशन द्वारा एक लाइव हेल्थ एआई प्रदर्शन भी दिखाया गया, जिसे मनीष कुमार, वाइस प्रेसिडेंट – एआई प्लेटफॉर्म, वधवानी फाउंडेशन ने पेश किया। भारत में एल्गोरिदम के लिए हेल्थ टेक्नोलॉजी असेसमेंट (एचटीए) और हेल्थ एआई के लिए डेटा सोर्सिंग पर पैनल चर्चा में सरकार, इंडस्ट्री और एकेडेमिया के एक्सपर्ट्स शामिल हुए, जिनमें सैमसंग इंडिया, गूगल हेल्थ एआई, CoRover.ai, ArtPark@IISc और नीति आयोग के प्रतिनिधि शामिल थे। चर्चाओं में वैलिडेशन पाथवे, रेगुलेटरी तैयारी, डेटा स्टैंडर्डाइजेशन और पब्लिक हेल्थ सिस्टम में एआई टूल्स के बड़े पैमाने पर तैनाती पर ध्यान केंद्रित किया गया।

डोमेन-स्पेसिफिक सत्र में ऑप्थल्मोलॉजी, बोन एज डिटेक्शन और कम्प्यूटेशनल पैथोलॉजी में डेटासेट और एआई यूज़ केस दिखाए गए, जिसमें बड़े पैमाने पर स्क्रीनिंग और डायग्नोस्टिक्स के लिए उभरते अवसरों पर ज़ोर दिया गया। टेक्निकल प्रोग्राम का समापन आईआईटी कानपुर के प्रो. निशीथ श्रीवास्तव के स्वास्थ्य देखरेख में एआई की जिम्मेदारी के साथ तैनाती की टिप्पणियों के साथ हुआ।

हैकाथॉन को 191 रजिस्ट्रेशन मिले, जिसमें 76 अकेले प्रतिभागी और 115 टीमें शामिल थीं, जो हेल्थ-टेक स्टार्टअप, एआई/एमएल रिसर्चर्स और डेवलपर्स, क्लिनिशियन और मेडिकल संस्थानों की तरफ से देश भर में मज़बूत भागीदारी को दिखाता है। यह सहयोग एनएचए के आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन जैसी पहलों के ज़रिए डिजिटल हेल्थ और गवर्नेंस के नज़रिए, आईसीएमआर-एनआईआरडीएचडीएस की क्लिनिकल रिसर्च और डेटा साइंस विशेषज्ञता, और आईआईटी कानपुर की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और फेडरेटेड सिस्टम में एडवांस्ड क्षमताओं को एक साथ लाता है, जिसका साझा मकसद डेटा की तैयारी, वैलिडेशन फ्रेमवर्क और हेल्थ एआई टूल्स की क्लिनिकल उपयोगिता को मज़बूत करना है।

हैकाथॉन में कुल ₹12 लाख का पुरस्कार है, जिसमें हैकाथॉन के बाद आकलन और पुरस्कार समारोह क्रमशः 23-24 जनवरी 2026 को होने वाले हैं। 23 जनवरी 2026 को हुई चर्चाओं में बड़े पैमाने पर स्वास्थ्य एआई को वैध करने में आने वाली बुनियादी चुनौतियों को हल करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया गया। 24 जनवरी 2026 के लिए तय कार्यक्रमों में पॉलिसी-लेवल की चर्चाएँ, ज़िम्मेदार एआई फ्रेमवर्क, प्राथमिकता वाले हेल्थकेयर यूज़ केस में हैकाथॉन की टॉप परफॉर्मिंग टीमों के प्रेजेंटेशन, हैकाथॉन प्राइज विजेताओं की घोषणा, सर्टिफिकेट देना और समापन सत्र शामिल होंगे।

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