राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन (एनएसएम) के अंतर्गत 40 पेटाफ्लॉप्स की कुल कंप्यूटिंग शक्ति वाले 37 सुपर कंप्यूटर तैनात किए गए
राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन (एनएसएम) के अंतर्गत 40 पेटाफ्लॉप्स की कुल कंप्यूटिंग शक्ति वाले 37 सुपर कंप्यूटर तैनात किए गए
माननीय प्रधानमंत्री का दृष्टिकोण सुपरकंप्यूटिंग में आत्मनिर्भरता हासिल करना है। यह शोधकर्ताओं (शिक्षाविदों और स्टार्टअप) को अत्याधुनिक सुपरकंप्यूटिंग सुविधाओं तक पहुंच प्रदान करने के साथ-साथ भारत में महत्वपूर्ण उप-घटकों के निर्माण को सुनिश्चित करके सुनिश्चित किया जाता है।
राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन (एनएसएम) अप्रैल 2015 में 4,500 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ शुरू किया गया था।
इसे संयुक्त रूप से इलेक्ट्रानिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय -एम ई आई टी वाई और विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग -डीएसटी द्वारा सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग-सी-डैक पुणे और भारतीय विज्ञान संस्थान -आईआईएससी बेंगलुरु के माध्यम से कार्यान्वित किया जाता है।
सुपर कंप्यूटरों की तैनाती और उपयोग
अब तक 40 पेटाफ्लॉप्स की कुल कंप्यूटिंग शक्ति वाले 37 सुपर कंप्यूटर एनएसएम के अंतर्गत तैनात किए गए हैं। पिछले पांच वर्षों में ही 34 सुपर कंप्यूटर तैनात किए गए हैं। तैनात किए गए सुपर कंप्यूटरों की राज्य और वर्ष-वार सूची अनुबंध-I में संलग्न है।
इसके अलावा 680 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय के साथ 6 नए सुपरकंप्यूटिंग सिस्टम की तैनाती का कार्य प्रगति पर है।
ये प्रणालियां आईआईएससी, आईआईटी, सी-डैक, अनुसंधान और विकास प्रयोगशालाओं जैसे प्रमुख संस्थानों और देश भर के कई टियर- II और टियर- III शहरों में भी स्थापित की गई हैं।
परम रुद्र
सुपर कंप्यूटरों की “परम रुद्र” श्रृंखला स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग “रुद्र” सर्वर के साथ-साथ स्वदेशी रूप से विकसित सिस्टम सॉफ्टवेयर स्टैक का उपयोग करके बनाई गई है।
ये सुपर कंप्यूटर युवा शोधकर्ताओं, वैज्ञानिकों और इंजीनियरों के लिए भौतिकी, पृथ्वी विज्ञान और ब्रह्मांड विज्ञान में उन्नत अध्ययन की सुविधा के लिए उपलब्ध हैं।
सिस्टम का कुशलतापूर्वक उपयोग किया जा रहा है। इनमें से अधिकांश 81% से अधिक क्षमता पर चल रहे हैं और कुछ 95% से अधिक हैं। इन सुपर कंप्यूटरों ने 13,000 से अधिक शोधकर्ताओं का समर्थन किया है। इसमें 260 से अधिक शैक्षणिक और अनुसंधान संस्थानों के 1,700 से अधिक पीएचडी विद्वान शामिल हैं।
एक करोड़ से अधिक कंप्यूट कार्य पूरे हो चुके हैं और इसके परिणामस्वरूप प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में 1,500 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित हुए हैं।
स्टार्टअप और एमएसएमई भी अपनी एचपीसी-आधारित परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए इन प्रणालियों का उपयोग कर रहे हैं।
ये सुपर कंप्यूटर दवा की खोज, आपदा प्रबंधन, ऊर्जा सुरक्षा, जलवायु मॉडलिंग, खगोल विज्ञान, कम्प्यूटेशनल रसायन विज्ञान, द्रव गतिशीलता, सामग्री अनुसंधान, एयरोस्पेस इंजीनियरिंग और कई अन्य अनुसंधान क्षेत्रों में उन्नत अनुसंधान कर रहे हैं।
स्वदेशी विकास और तकनीकी उपलब्धियां
एनएसएम के अंतर्गत सुपरकंप्यूटिंग में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के केंद्रित लक्ष्य के साथ एक संपूर्ण इकोसिस्टम स्थापित किया गया है। इसमें अन्य बातों के साथ-साथ, महत्वपूर्ण सुपरकंप्यूटिंग उप-घटकों का डिजाइन, विकास और निर्माण शामिल है, जो इस प्रकार है:
1. रुद्र सर्वर बोर्ड, एक प्रमुख सुपरकंप्यूटिंग घटक, को सी-डैक द्वारा स्वदेशी रूप से डिजाइन और विकसित किया गया है। रुद्र सर्वर की तकनीक को विनिर्माण के लिए तीन भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण सेवा (ईएमएस) भागीदारों को हस्तांतरित कर दिया गया है और इस तरह के सर्वर पहले से ही भारत में निर्मित किए जा रहे हैं।
2. कंप्यूटिंग नोड्स के बीच डेटा ट्रांसफर और संचार को बढ़ाने के लिए कंप्यूटर नोड्स के बीच हाई-स्पीड इंटर कम्युनिकेशन नेटवर्क को 40 जीबीपीएस और 100 जीबीपीएस की गति के साथ विकसित और परीक्षण किया गया है। इससे भारत की सुपरकंप्यूटिंग क्षमताओं को मजबूत किया जा सके।
3. इसके अलावा, कूलिंग तकनीक को स्वदेशी रूप से विकसित, प्रदर्शित किया गया है और यह तैनाती के चरण में है।
4. पूर्ण एचपीसी सिस्टम सॉफ्टवेयर स्टैक भी विकसित किया गया है और इसे सुपरकंप्यूटिंग सिस्टम के साथ एकीकृत किया गया है।
5. इंजीनियरिंग कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के छात्रों, शोधकर्ताओं की एचपीसी और एआई गणना की आवश्यकता को पूरा करने के लिए देश में एक सुपरकंप्यूटिंग-इन-द-बॉक्स परम सेवक को डिजाइन, विकसित और निर्मित किया गया है।
6. राष्ट्रीय महत्व के एचपीसी अनुप्रयोगों को विभिन्न डोमेन में विकसित और तैनात किया गया है, जैसे जीनोमिक्स और ड्रग डिस्कवरी के लिए एनएसएम प्लेटफॉर्म, बाढ़ पूर्वानुमान और आपदा प्रबंधन, शहरी पर्यावरण और मौसम मॉडलिंग, तेल और गैस के लिए भूकंपीय डेटा प्रोसेसिंग सिस्टम, सामग्री विज्ञान के साथ-साथ अंतिम उपयोगकर्ताओं यानी भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी), तेल और प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी), केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी), केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी), आयुष मंत्रालय।
7. स्वदेशी क्षमताओं को और मजबूत करने के लिए, एचपीसी प्रोसेसर, एक्सेलेरेटर और स्टोरेज का डिजाइन और विकास शुरू किया गया है।
*****
अनुलग्नक-I
गणना क्षमता के साथ एनएसएम के अंतर्गत तैनात सुपर कंप्यूटरों का विवरण
क्रम संख्या
राज्य/केंद्र शासित प्रदेश
संस्था
सुपर कंप्यूटर
गणना क्षमता
साल
महाराष्ट्र
सी-डैक, पुणे
संगम टेस्टबेड
150 टीएफ
2017
महाराष्ट्र
सी-डैक, पुणे
परम श्रेष्ठ
100 टीएफ
2018
उत्तर प्रदेश
आईआईटी(बीएचयू), वाराणसी
परम शिवाय
838 टीएफ
2019
महाराष्ट्र
सी-डैक पुणे राष्ट्रीय एआई सुविधा
परम सिद्धि
6.5 पीएफ/210 एआई पीएफ
2020
कर्नाटक
जेएनसीएएसआर, बैंगलोर
परम युक्ति
1.8 पीएफ
2020
महाराष्ट्र
आईआईएसईआर पुणे
परम ब्रह्मा
1.7 पीएफ
2020
पश्चिम बंगाल
आईआईटी खड़गपुर
परम शक्ति
1.66 पीएफ
2020
उत्तर प्रदेश
आईआईटी कानपुर
परम संगणक
1.66 पीएफ
2020
महाराष्ट्र
सी-डैक पुणे
परम एम्ब्रियो
100 टीएफ
2020
महाराष्ट्र
सी-डैक पुणे
परम नील
100 टीएफ
2020
तमिलनाडु
सेट्स चेन्नई
परम स्फूर्ति
100 टीएफ
2020
कर्नाटक
सी-डैक बैंगलोर
सिस्टम सॉफ्टवेयर लैब
82 टीएफ
2020
महाराष्ट्र
सी-डैक पुणे
परम संपूरन
27 टीएफ
2020
तेलंगाना
आईआईटी हैदराबाद
परम सेवा
838 टीएफ
2021
पंजाब
एनएबीआई मोहाली
परम स्मृति
838 टीएफ
2021
कर्नाटक
सी-डैक बैंगलोर एमएसएमई सुविधा
परम उत्कर्ष
838 टीएफ
2021
महाराष्ट्र
सी-डैक पुणे
जैव सूचना विज्ञान अनुसंधान एवं विकास सुविधा
230 टीएफ
2021
कर्नाटक
आईआईएससी बैंगलोर
परम प्रवेगा
3.3 पीएफ
2022
उत्तराखंड
आईआईटी रुड़की
परम गंगा
1.66 पीएफ
2022
गुजरात
आईआईटी गांधीनगर
परम अनंत
838 टीएफ
2022
तमिलनाडु
एनआईटी त्रिची
परम पोरुल
838 टीएफ
2022
असम
आईआईटी गुवाहाटी
परम कामरूपा
838 टीएफ
2022
हिमाचल प्रदेश
आईआईटी मंडी
परम हिमालय
838 टीएफ
2022
महाराष्ट्र
सी-डैक पुणे
परम विद्या
52.3 टीएफ
2022
पश्चिम बंगाल
आईआईटी खड़गपुर
परम विद्या
52.3 टीएफ
2022
केरल
आईआईटी पलक्कड़
परम विद्या
52.3 टीएफ
2022
तमिलनाडु
आईआईटी मद्रास
परम विद्या
52.3 टीएफ
2022
गोवा
आईआईटी गोवा
परम विद्या
52.3 टीएफ
2022
महाराष्ट्र
सी-डैक पुणे
परम रुद्र पायलट सुविधा
1 पीएफ
2023
दिल्ली
आईयूएसी दिल्ली
परम रुद्र
3 पीएफ
2024
दिल्ली
एनआईसी दिल्ली
परम प्रणाली
50 एआई पीएफ/1.3 पीएफ
2024
महाराष्ट्र
जीएमआरटी-एनसीआरए पुणे
परम रुद्र
1 पीएफ
2024
पश्चिम बंगाल
एस.एन. बोस सेंटर कोलकाता
परम रुद्र
833 टीएफ
2024
दिल्ली
सी-डैक, दिल्ली
परम रुद्र
200 टीएफ
2024
महाराष्ट्र
आईआईटी बॉम्बे
परम रुद्र
3 पीएफ
2025
तमिलनाडु
आईआईटी मद्रास
परम रुद्र
3 पीएफ
2025
बिहार
आईआईटी पटना
परम रुद्र
833 टीएफ
2025
कुल
40 पीएफ
यह जानकारी केंद्रीय इलेक्ट्रानिकी और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद ने 10.12.2025 को लोकसभा में प्रस्तुत की।