राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस
राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस
सहकारिता मंत्रालय द्वारा राज्यों/संघ राज्यक्षेत्रों के सहयोग से एक व्यापक राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस (NCD) विकसित किया गया है । इसका शुभारंभ दिनांक 08.03.2024 को किया गया था । यह डेटाबेस देश भर में 8.4 लाख से अधिक सहकारी समितियों के बारे में जानकारी तक एकल-बिंदु एक्सेस प्रदान करता है, जिसमें 30 क्षेत्रकों में लगभग 32 करोड़ सदस्य हैं । सहकारी समितियों का डाटा इस प्रयोजन के लिए राज्यों/संघ राज्यक्षेत्रों द्वारा नियुक्त नोडल अधिकारियों द्वारा एनसीडी पोर्टल में नियमित आधार पर एकत्रित, प्रविष्ट और अद्यतन किया जाता है । सहकारी समितियों की राज्य/संघ राज्यक्षेत्र-वार संख्या संलग्नक-I के रूप में संलग्न है ।
राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस (NCD) को तीन चरणों में विकसित किया गया था और इसमें स्थान, सदस्यता, आर्थिक कार्यकलापों, सहकारी समितियों की अवसरंचना , वित्तीय प्रदर्शन और संपरीक्षा विवरण जैसे मापदंडों पर डेटा शामिल है । आवश्यकतानुसार एनसीडी में आगे सुधार और कार्यक्षमताओं वाले नए डेटा सेट जोड़े जाते हैं और यह एक निरंतर प्रक्रिया है ।
सहकारिता मंत्रालय ने राज्यों के लिए एनसीडी पोर्टल से सहकारी समितियों का डेटा प्राप्त करने के लिए एक मानक API विकसित किया और दिनांक 27.05.2025 को मानक API विनिर्देश दस्तावेज़ और डेटाबेस schema साझा किया था । पुश API को बाद में आरसीएस अनुप्रयोगों से एनसीडी पोर्टल पर भेजे जाने वाले लाइव, इवेंट-संचालित डेटा के लिए विकसित किया गया था, और सभी संबंधित दस्तावेज और मानक प्रचालन प्रक्रिया (SOPs) को दिनांक 22.09.2025 को साझा किया गया था । आरसीएस कम्प्यूटरीकरण और API एकीकरण को पूरा करने के लिए व्यापक जांच सूचियों के साथ एक परामर्शिका भी दिनांक 14.11.2025 को जारी की गई थी । राजस्थान ने पहले ही एनसीडी पोर्टल के साथ API एकीकरण को पूरा कर लिया है। एकीकरण योजना के अनुसार, राज्यों/ संघ राज्यक्षेत्रों को सहकारी डेटा के सफल दो-तरफ़ा एकीकरण और सिंक्रोनाइज़ेशन के लिए रिवर्स/पुल API का विकास और संपूर्ण आरसीएस कम्प्यूटरीकरण अवश्य सुनिश्चित करना चाहिए ।
सहकारिता मंत्रालय गैर–पंजीकृत समितियों से संबंधित मुद्दों के समाधान के लिए सहकारी समितियों के राज्य पंजीयक के साथ मासिक समीक्षा बैठकें कर रहा है । एनसीडी पोर्टल पर सटीक डेटा अद्यतन सुनिश्चित करने के लिए सभी राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों के राज्य नोडल अधिकारियों और जिला नोडल अधिकारियों को प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है । अधिकारियों को डेटा एंट्री प्रोटोकॉल सीखने और निर्णय लेने के लिए डेटा की प्रभावी ढंग से व्याख्या करने में मदद करने के लिए उपयोगकर्ता मैनुअल और प्रशिक्षण मॉड्यूल की सुविधा दी जा रही है । इस पहल का उद्देश्य सहकारी अधिकारियों के बीच डिजिटल साक्षरता बढ़ाना, बेहतर प्रशासन और एनसीडी डेटा का उपयोग सुनिश्चित करना है ।
यह जानकारी केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
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AK
संलग्नक-I
सहकारी समितियों की राज्य/संघ राज्यक्षेत्र-वार संख्या
क्रम सं.
राज्य/संघ राज्यक्षेत्र
समितियों की संख्या
1
अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह
2,238
2
आंध्र प्रदेश
17,893
3
अरूणाचल प्रदेश
1,460
4
असम
12,322
5
बिहार
27,385
6
चंडीगढ़
476
7
छत्तीसगढ़
11,800
8
दिल्ली
5,944
9
गोवा
5,578
10
गुजरात
85,698
11
हरियाणा
34,399
12
हिमाचल प्रदेश
5,668
13
जम्मू और कश्मीर
10,580
14
झारखंड
11,997
15
कर्नाटक
46,805
16
केरल
19,664
17
लद्दाख
275
18
लक्षद्वीप
43
19
मध्य प्रदेश
54,592
20
महाराष्ट्र
2,24,732
21
मणिपुर
11,624
22
मेघालय
3,437
23
मिजोरम
1,546
24
नागालैंड
8,108
25
ओडिशा
8,172
26
पुडुचेरी
464
27
पंजाब
19,673
28
राजस्थान
41,955
29
सिक्किम
3,763
30
तमिलनाडु
23,080
31
तेलंगाना
60,860
32
दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव
569
33
त्रिपुरा
3,227
34
उत्तर प्रदेश
40,681
35
उत्तराखंड
6,352
36
पश्चिम बंगाल
32,127
कुल