भारत में प्रशिक्षण इकोसिस्टम के विकास के लिए एकीकृत ढाँचे पर गठित कार्य समिति ने रिपोर्ट प्रस्तुत की
भारत में प्रशिक्षण इकोसिस्टम के विकास के लिए एकीकृत ढाँचे पर गठित कार्य समिति ने रिपोर्ट प्रस्तुत की
भारत सरकार के वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत की परिकल्पना और भारत को एक अग्रणी वैश्विक खेल राष्ट्र के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य के अनुरूप, खेल विभाग द्वारा गठित कार्य बल ने अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं के अनुरूप प्रशिक्षण व्यवस्था की समीक्षा करने के लिए अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी है।
भारतीय बैडमिंटन राष्ट्रीय मुख्य प्रशिक्षक श्री पुलेला गोपीचंद के नेतृत्व में गठित कार्य बल ने प्रशिक्षकों की शिक्षा और प्रशिक्षण के प्रमुख पहलुओं की जांच की, जिनमें प्रशिक्षकों की गुणवत्ता और उपलब्धता, प्रशिक्षक शिक्षा में अकादमिक सुधार और क्षमता निर्माण को मजबूत करने के लिए व्यवस्थित उपाय शामिल हैं।
रिपोर्ट में पूरे देश में खेल प्रशिक्षकों के विकास, मान्यता और व्यवसायीकरण के लिए एक व्यापक राष्ट्रीय ढांचा प्रस्तुत किया गया है और एक मजबूत, समावेशी और भविष्य के लिए तैयार प्रशिक्षण व्यवस्था बनाने के उद्देश्य से व्यावहारिक सिफारिशें दी गई हैं।
श्री पुलेला गोपीचंद के नेतृत्व वाले कार्य बल ने प्रशिक्षक शिक्षा, मान्यता और संचालन के लिए सर्वोच्च राष्ट्रीय निकाय के रूप में एक राष्ट्रीय प्रशिक्षक मान्यता बोर्ड (एनसीएबी) की स्थापना का आह्वान किया है। एनसीएबी राष्ट्रीय मानक निर्धारित करने, प्रशिक्षण मार्गों को मंजूरी देने, संस्थानों को मान्यता देने और सभी खेलों और क्षेत्रों में एकरूपता, पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार होगा।
कार्य बल ने जमीनी स्तर, मध्यवर्ती, विशिष्ट स्तर और राष्ट्रीय टीम प्रशिक्षक स्तरों को मिलाकर एक स्तरीय राष्ट्रीय प्रशिक्षण मार्ग का भी प्रस्ताव रखा है, जिसमें शून्य स्तर सार्वभौमिक प्रवेश स्तर है।
यह मार्ग पूर्व एथलीटों, शारीरिक शिक्षा शिक्षकों और खेल विज्ञान स्नातकों के लिए कई प्रवेश मार्ग सक्षम करेगा, साथ ही मापने योग्य परिणामों और निरंतर व्यावसायिक विकास से जुड़ी योग्यता-आधारित प्रगति सुनिश्चित करेगा।
वास्तविक दुनिया की तैयारी पर कार्य बल के जोर के अनुरूप, समिति ने एक अभ्यास-प्रथम प्रशिक्षक शिक्षा मॉडल का प्रस्ताव रखा है, जो अभ्यास-सिद्धांत-अभ्यास प्रशिक्षण दर्शन को अपनाता है।
कुल 1,800 घंटों की प्रशिक्षक शिक्षा में से, लगभग 78 प्रतिशत व्यावहारिक क्षेत्र अनुभव, निर्देशित इंटर्नशिप और पर्यवेक्षित प्रशिक्षण अभ्यास पर केंद्रित होगा, जबकि शेष भाग में खेल विज्ञान, मनोविज्ञान, नैतिकता, सुरक्षा और प्रदर्शन विश्लेषण शामिल होंगे।
एथलीटों के लिए सफल लक्ष्य ओलंपिक पोडियम योजना (टीओपीएस) से प्रेरणा लेते हुए, कार्य बल ने प्रशिक्षकों के लिए एक समर्पित “प्रशिक्षकों के लिए टीओपीएस” मॉडल की सिफारिश की है।
इस पहल के अंतर्गत, उच्च क्षमता और उच्च प्रदर्शन वाले प्रशिक्षकों को उन्नत प्रशिक्षण, प्रौद्योगिकी अपनाने, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने, विशेष सहायता सेवाओं और प्रशिक्षण पद्धतियों में नवाचार के लिए संरचित वित्तीय और संस्थागत सहायता प्राप्त होगी।
विज्ञान-आधारित निर्णय लेने को मजबूत करने के लिए, इस रूपरेखा में 24/7 राष्ट्रीय खेल विज्ञान हेल्पलाइन शुरू करने का भी प्रस्ताव है।
खेल वैज्ञानिकों, फिजियोथेरेपिस्टों, पोषण विशेषज्ञों, मनोवैज्ञानिकों और प्रदर्शन विश्लेषकों सहित विशेषज्ञों के एक बहु-विषयक पैनल द्वारा संचालित यह हेल्पलाइन चोट की रोकथाम, पोषण, प्रशिक्षण भार प्रबंधन, पुनर्वास और प्रदर्शन विश्लेषण पर वास्तविक समय में परामर्श सहायता प्रदान करेगी। टोल-फ्री नंबर, मोबाइल एप्लिकेशन और ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से इस हेल्पलाइन तक पहुंच संभव होगी।
यह रिपोर्ट युवा कर्यक्रम एवं खेल मंत्रालय (एमओवाईए एंड एस) की वेबसाइट https://yas.nic.in/en/sports/report-task-force-unified-framework-development-coaching-ecosystem-india-december-2025 पर उपलब्ध है।