प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने एक लेख साझा किया है जिसमें बताया गया है कि किस प्रकार हमारा राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ एक आत्मविश्वासी, आत्मनिर्भर और पुनरुत्थानशील विकसित भारत 2047 के हमारे दृष्टिकोण को प्रेरित करता रहा है
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने एक लेख साझा किया है जिसमें बताया गया है कि किस प्रकार हमारा राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ एक आत्मविश्वासी, आत्मनिर्भर और पुनरुत्थानशील विकसित भारत 2047 के हमारे दृष्टिकोण को प्रेरित करता रहा है
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज केंद्रीय मंत्री श्री अमित शाह द्वारा बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित भारत के राष्ट्रगीत, जो भारत की स्वतंत्रता का शाश्वत गीत है, पर लिखे एक लेख को साझा किया। श्री मोदी ने कहा, “उन्होंने लिखा है कि वंदे मातरम एक आत्मविश्वासी, आत्मनिर्भर और पुनरुत्थानशील विकसित भारत 2047 के हमारे दृष्टिकोण को प्रेरित करता रहा है।”
केंद्रीय मंत्री श्री अमित शाह के प्रश्न का उत्तर देते हुए प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा:
“वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ पर, केंद्रीय मंत्री श्री @AmitShah बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित भारत के राष्ट्रगीत, जो भारत की स्वतंत्रता का शाश्वत गीत है, के बारे में लिखते हैं। वे याद दिलाते हैं कि कैसे औपनिवेशिक शासन के अंधकारमय दिनों में लिखा गया यह गीत, सांस्कृतिक गौरव और सभ्यतागत राष्ट्रवाद का सम्मिश्रण करते हुए, जागृति का प्रभात गीत बन गया।”
उन्होंने लिखा कि वंदे मातरम एक आत्मविश्वासी, आत्मनिर्भर और पुनरुत्थानशील विकसित भारत 2047 के हमारे दृष्टिकोण को प्रेरित करता रहा है। इस लेख अवश्य पढ़ें।”
On the 150th anniversary of Vande Mataram, Union Minister Shri @AmitShah writes about Bharat’s national song, composed by Bankim Chandra Chattopadhyay, the eternal song of India’s freedom. He reminisces how, written in the dark days of colonial rule, it became a dawn-song of… https://t.co/TB4zPMQYNb