पर्यटन स्थलों का विकास
पर्यटन स्थलों का विकास
पर्यटन स्थलों और उत्पादों का विकास एवं संवर्धन मुख्य रूप से संबंधित राज्य सरकार/केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन द्वारा किया जाता है। हालांकि, पर्यटन मंत्रालय अपनी केंद्रीय क्षेत्र योजनाओं ‘स्वदेश दर्शन 2.0’ और स्वदेश दर्शन योजना की एक उप-योजना ‘चुनौती आधारित गंतव्य विकास (सीबीडीडी) के माध्यम से देश में पर्यटन इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के प्रयासों को योजना के दिशानिर्देशों के अनुरूप राज्य सरकार/केंद्रशासित प्रदेशों को वित्तीय सहायता प्रदान करके, संबंधित राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेश प्रशासनों से परियोजना प्रस्तावों की प्राप्ति, धन की उपलब्धता आदि के माध्यम से पूरा करता है। पर्यटन मंत्रालय ने स्थायी पर्यटन स्थलों के विकास के उद्देश्य से स्वदेश दर्शन योजना को स्वदेश दर्शन 2.0 (एसडी 2.0) के रूप में नया रूप दिया है। तदनुसार, एसडी 2.0 योजना के अंतर्गत 2208.27 करोड़ रुपये की कुल 53 परियोजनाएं और सीबीडीडी पहल के अंतर्गत 648.11 करोड़ रुपये की 36 परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। इन योजनाओं के अंतर्गत, परियोजनाओं के कार्यान्वयन के लिए पर्यटन मंत्रालय द्वारा धनराशि अधिकृत की जाती है और संबंधित राज्य/केंद्रशासित प्रदेश की कार्यान्वयन एजेंसी द्वारा इसका इस्तेमानल किया जाता है। उपयोग के लिए अधिकृत धनराशि सहित एसडी 2.0 और सीबीडीडी के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाओं का विवरण संलग्न है।
बजट घोषणा 2025-26 के अनुरूप, पर्यटन मंत्रालय ने पर्यटन स्थलों के विकास और प्रबंधन के लिए मसौदा रूपरेखा तैयार की है और राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेशों प्रशासनों सहित पर्यटन हितधारकों के साथ परामर्श किया है। अभी तक, इस पहल के तहत किसी भी पर्यटन स्थल का चयन नहीं किया गया है।
केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
https://static.pib.gov.in/WriteReadData/specificdocs/documents/2025/dec/doc2025121713501.pdf