Thursday, January 8, 2026
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पंचायती राज मंत्रालय 8-9 जनवरी 2026 को पुणे के यशदा में महिलाओं के अनुकूल आदर्श  ग्राम पंचायतों की उत्कृष्ट कार्यप्रणालियों के बारे में राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन करेगा

पंचायती राज मंत्रालय 8-9 जनवरी 2026 को पुणे के यशदा में महिलाओं के अनुकूल आदर्श  ग्राम पंचायतों की उत्कृष्ट कार्यप्रणालियों के बारे में राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन करेगा

नई दिल्ली/पुणे: 6 जनवरी 2026

भारत सरकार का पंचायती राज मंत्रालय महाराष्ट्र सरकार के ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज विभाग के सहयोग से 8-9 जनवरी 2026 को पुणे स्थित यशवंतराव चव्हाण एकेडमी ऑफ डेवलपमेंट एडमिनिस्ट्रेशन (यशदा) में महिलाओं के अनुकूल आदर्श ग्राम पंचायतों की उत्कृष्ट  कार्यप्रणालियों के बारे में एक दोदिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन कर रहा है। इस कार्यशाला का उद्देश्य उत्कृष्ट कार्यप्रणालियों को साझा करना और जमीनी स्तर पर लैंगिक समानता एवं महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने हेतु ग्राम पंचायतों की क्षमताओं का विकास करना है।

पंचायती राज मंत्रालय के अपर सचिव श्री सुशील कुमार लोहानी कल महाराष्ट्र सरकार के ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज विभाग के प्रधान सचिव श्री एकनाथ राजाराम डवाले, यशदा के महानिदेशक श्री निरंजन कुमार सुधांशु, पंचायती राज मंत्रालय के निदेशक श्री विपुल उज्ज्वल और यूएनएफपीए इंडिया की कार्यक्रम एवं तकनीकी सहायता प्रमुख डॉ. दीपा प्रसाद की उपस्थिति में कार्यशाला का उद्घाटन करेंगे।

इस कार्यशाला में आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, दमन एवं दीव तथा दादरा एवं नगर हवेली, गोवा, गुजरात, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, राजस्थान, तमिलनाडु और तेलंगाना जैसे 13 राज्यों एवं केन्द्र-शासित प्रदेशों से लगभग 240 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। इनमें चुने हुए प्रतिनिधि, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले एमडब्ल्यूएफजीपी के सचिव, प्रखंड विकास अधिकारी, स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल डेवलपमेंट एंड पंचायती राज (एसआईआरडी एंड पीआर) के निदेशक और राज्य नोडल अधिकारी शामिल हैं।

कार्यशाला में शासन में भागीदारी, स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा एवं कौशल विकास, आर्थिक अवसरों की सुलभता और सुरक्षा जैसे पांच मुख्य विषयों पर ध्यान दिया जाएगा। उत्कृष्ट  प्रदर्शन करने वाली महिलाओं के अनुकूल ग्राम पंचायतें प्रस्तुतियों एवं पैनल चर्चाओं के जरिए अपनी रचनात्मक रणनीतियां व तरीके साझा करेंगी। प्रतिभागियों को प्रगति की निगरानी करने हेतु डैशबोर्ड इंडिकेटर्स और पोर्टल फीचर्स के बारे में प्रशिक्षण दिया जाएगा।

इस कार्यशाला का उद्देश्य एमडब्ल्यूएफजीपी को अनुभवात्मक शिक्षण केन्द्र के तौर पर विकसित  करना और हिस्सा लेने वाले राज्यों एवं केन्द्र-शासित प्रदेशों के बीच उत्कृष्ट कार्यप्रणालियों को साझा करने हेतु एक मंच प्रदान करना है।

पृष्ठभूमि

पंचायती राज मंत्रालय ने 5 मार्च, 2025 को महिलाओं के अनुकूल आदर्श ग्राम पंचायत पहल का शुभारंभ किया था। इस पहल का उद्देश्य हर जिले में कम से कम एक ऐसी आदर्श ग्राम पंचायत बनाना है, जो महिलाओं और लड़कियों के लिए अनुकूल हो। विभिन्न राज्यों एवं केन्द्र-  शासित प्रदेशों ने निर्धारित मानदंडों के आधार पर महिलाओं के अनुकूल आदर्श ग्राम पंचायतों का चयन किया। इन मानदंडों में पंचायत उन्नति सूचकांक (पीएआई) वर्जन 1.0 सतत विकास लक्ष्यों के स्थानीयकरण (एलएसडीजी) के थीम 9 के तहत समग्र एवं विषय-वार अंक, महिला एवं बाल विकास जैसे संबंधित विभागों के साथ सलाह-मशविरा और महिला विकास के क्षेत्र में काम करने वाले संगठनों से मिले इनपुट शामिल हैं।

एलएसडीजी के थीम 9 के तहत, 32 राज्यों एवं केन्द्र-शासित प्रदेशों में कुल 744 ग्राम पंचायतों को महिलाओं के अनुकूल आदर्श ग्राम पंचायतों के रूप में पहचाना गया है। प्रगति की निगरानी के लिए मंत्रालय ने छह उप-थीम के तहत 35 संकेतकों वाला एक खास एमडब्ल्यूएफजीपी डैशबोर्ड विकसित किया है। इन महिलाओं के अनुकूल आदर्श ग्राम पंचायतों की क्षमताओं के विकास और उन्हें मार्गदर्शन देने के लिए मास्टर प्रशिक्षकों को लगाया गया है। 

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