नीति आयोग द्वारा संपूर्णता अभियान 2.0 की शुरूआत
नीति आयोग द्वारा संपूर्णता अभियान 2.0 की शुरूआत
नीति आयोग ने आज ‘संपूर्णता अभियान 2.0′ का शुभारंभ किया जो यह 28 जनवरी से 14 अप्रैल 2026 तक चलने वाला एक 3 महीने का अभियान है, जिसका उद्देश्य देश भर के आकांक्षी जिलों में 5 मुख्य प्रदर्शन संकेतकों (केपीआई) और आकांक्षी ब्लॉकों में 6 मुख्य प्रदर्शन संकेतकों के सैचुरेशन को प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करना है।
‘संपूर्णता अभियान 2.0′ का उद्घाटन नीति आयोग के सीईओ श्री बी.वी.आर. सुब्रमण्यम द्वारा किया गया। इस अवसर पर नीति आयोग के अतिरिक्त सचिव और आकांक्षी जिला एवं ब्लॉक कार्यक्रम के मिशन निदेशक श्री रोहित कुमार, सभी योजना सचिव, आकांक्षी जिलों और ब्लॉकों के डीसी/डीएम, विकास भागीदार तथा नीति आयोग, राज्यों, जिलों और ब्लॉकों के अन्य अधिकारी उपस्थित थे। नीति आयोग के सीईओ ने 2024 के संपूर्णता अभियान की नींव पर आगे बढ़ने का लक्ष्य रखा है, जिसके उत्कृष्ट परिणाम रहे थे। इस 3 महीने के अभियान के तहत आकांक्षी जिला और ब्लॉक कार्यक्रम के अंतर्गत 112 आकांक्षी जिलों और 513 आकांक्षी ब्लॉकों में महत्वपूर्ण प्रदर्शन संकेतकों को पूर्ण रूप से संतृप्त किया जाएगा।
‘संपूर्णता अभियान 2.0′ सभी आकांक्षी ब्लॉकों में निम्नलिखित 6 पहचाने गए केपीआई पर ध्यान केंद्रित करेगा:
‘संपूर्णता अभियान 2.0′ के तहत आकांक्षी जिलों के लिए पहचाने गए 5 प्रमुख केपीआई निम्नलिखित हैं:
नीति आयोग ने उन गतिविधियों की एक सूची प्रदान की है जिन्हें जिले और ब्लॉक ‘संपूर्णता अभियान 2.0′ के शुभारंभ के हिस्से के रूप में आयोजित कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, अभियान की गति को बनाए रखने और निरंतर भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए जिलों और ब्लॉकों को नियमित आउटरीच गतिविधियाँ संचालित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।
इस प्रयास को सफल बनाने और जमीनी स्तर पर ठोस प्रभाव डालने के लिए:
नीति आयोग, संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के साथ-साथ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों के सहयोग से इन जिलों और ब्लॉकों का प्रभावी और तीव्र विकास सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करेगा। यह सहयोग बेहतर योजना और कार्यान्वयन, क्षमता निर्माण, और उन्नत व टिकाउ सेवा वितरण प्रणाली स्थापित करने पर केंद्रित होगा।
आकांक्षी जिला और ब्लॉक कार्यक्रम के बारे में
देश के अल्पविकसित और दूरदराज के क्षेत्रों का त्वरित विकास सुनिश्चित करने के लिए वर्ष 2018 में 112 जिलों को कवर करने वाला आकांक्षी जिला कार्यक्रम (एडीपी) शुरू किया गया था। एडीपी का नागरिकों के जीवन को ऊपर उठाने वाले प्रमुख संकेतकों में सुधार पर मापने योग्य और ठोस प्रभाव पड़ा है। आकांक्षी जिला कार्यक्रम की सफलता को आगे बढ़ाते हुए, माननीय प्रधानमंत्री द्वारा वर्ष 2023 में आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम (एबीपी) शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य और पोषण, शिक्षा, कृषि और जल संसाधन, वित्तीय समावेशन और सामाजिक विकास जैसे कई क्षेत्रों में देश भर के 500 ब्लॉकों में आवश्यक सरकारी सेवाओं को सैचुरेशन पर पहुंचाना है, जिसे वर्ष 2025 में बढ़ाकर 513 ब्लॉक कर दिया गया था।
आकांक्षी जनपद कार्यक्रम
आकांक्षी ब्लाक कार्यक्रम
बी. त्वरित एवं प्रभावी ढंग से देश के 112 जिलों परिवर्तन का उद्देश्य
बी. देश भर के 513 ब्लाकों (329 जनपदों) को आवश्यक सरकारी सेवाओं से संतृप्त करने का उद्देश्य
सी. पांच विषयों पर फोकस:
सी. पांच विषयों पर फोकस:
डी. विकास के 49 सूचकांकों से प्रगति मापी जाती है।
डी. विकास के 40 सूचकांकों से प्रगति मापी जाती है।

- आईसीडीएस कार्यक्रम के तहत नियमित रूप से पूरक पोषण लेने वाले 6 महीने से 6 वर्ष तक के बच्चों का प्रतिशत।
- रिपोर्टिंग माह के दौरान आंगनवाड़ी केंद्रों में नामांकित बच्चों की माप दक्षता।
- कार्यात्मक शौचालय वाले संचालित आंगनवाड़ी केंद्रों का प्रतिशत।
- पेयजल सुविधा वाले संचालित आंगनवाड़ी केंद्रों का प्रतिशत।
- स्कूलों की कुल संख्या के सापेक्ष लड़कियों के लिए पर्याप्त शौचालय सुविधा वाले स्कूलों का प्रतिशत।
- टीकाकृत गोवंश (एफएमडी का टीकाकरण) का प्रतिशत।