डेयरी क्षेत्र का डिजिटलीकरण
डेयरी क्षेत्र का डिजिटलीकरण
भारत सरकार का पशुपालन और डेयरी विभाग ने देशभर में पशुधन और संबंधित सेवाओं का डिजिटल डेटाबेस बनाने के लिए राष्ट्रीय डिजिटल पशुधन मिशन (NDLM) की शुरुआत की है। NDLM के मुख्य उद्देश्य हैं: उत्पादकता और नस्ल सुधार को बढ़ाना, रोगों की निगरानी और नियंत्रण का सुदृढ़ीकरण, पशुधन स्वामियों को संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने वाला सिस्टम तैयार करना और पशुधन उत्पादों में ट्रेसबिलिटी लाना। यह सिस्टम भारत संघ के सभी राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों में कार्यान्वित किया गया है। पशुधन स्वामी और उनसे संबंधित पशु, NDLM सिस्टम का हिस्सा हैं।
(ग) श्रमशक्ति के इस्तेमाल के लिए दो मोबाइल एप्लिकेशन, नामत: “भारत पशुधन” और “1962”, के साथ ही वेब इंटरफेस भी बनाए गए हैं। “भारत पशुधन” Android आधारित एप्लिकेशन है, जो Google Playstore पर उपलब्ध है तथा इसके माध्यम से फील्ड पर कार्यरत श्रमशक्ति फील्ड के कार्यकलापों को दर्ज कर सकती है। भारत पशुधन में सभी पशुओं को 12 अंकों के बार कोडेड ईयर टैग के रूप में एक यूनिक ID जारी की जा रही है। इस टैग ID को ‘प्राइमरी की’ के रूप में इस्तेमाल करके फील्ड कामगार प्रत्येक पशु के बारे में फील्ड से जानकारी दर्ज करते हैं, जिसमें पशुओं का पंजीकरण, कृत्रिम गर्भाधान और सभी प्रजनन क्रियाकलाप, स्वामित्व में बदलाव, टीकाकरण, ई-प्रिस्क्रिप्शन, राशन संतुलन, रोगों की रिपोर्टिंग, दूध रिकॉर्डिंग आदि शामिल हैं। इसी प्रकार, पशु स्वामियों के लिए मोबाइल एप्लीकेशन “1962” उन्हें अपने पशुओं, योजनाओं और पशुधन क्षेत्र में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी देकर सशक्त बना रहा है। यह ऐप पशु स्वामी को उसके पंजीकृत पशु के बारे में जानकारी देने के लिए NDLM डेटाबेस से जुड़ा हुआ है। विभाग की योजनाओं/कार्यक्रमों के बारे में नवीनतम जानकारी उपलब्ध कराने के लिए यह ऐप पशुपालन और डेयरी विभाग (DAHD) की वेबसाइट से भी जुड़ा हुआ है।
(घ) आज की तारीख में भारत पशुधन पोर्टल पर पंजीकृत पशु स्वामियों की संख्या 9.54 करोड़, पंजीकृत पशु आधार की संख्या 36.30 करोड़, पंजीकृत फील्ड श्रमशक्ति की संख्या 4 लाख, सिस्टम में दर्ज टीकाकरण रिकॉर्ड की संख्या 148.86 करोड़ और भारत पशुधन में सभी तरह के लेन-देन रिकॉर्ड की संख्या 250 करोड़ है। छोटे/सीमांत डेयरी किसानों, दूध सहकारी समितियों और निजी डेयरी फार्मों, जिन्हें आज की तारीख तक उनके पशु प्रबंधन के लिए जोड़ा गया है, सहित राज्य-वार पंजीकृत पशु स्वामियों की संख्या अनुबंध I में दी गई है।
(ङ) डिजिटल साक्षरता, इंटरनेट कनेक्टिविटी, डेटा सुरक्षा तथा छोटे और सीमांत डेयरी किसानों को डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र में शामिल करने से संबंधित चुनौतियों से निपटने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदम इस प्रकार हैं – मोबाइल एप्लिकेशन को फील्ड में ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से इस्तेमाल करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। लेन-देन को ऑफलाइन मोड में दर्ज किया जा सकता है, जहां कनेक्टिविटी या इंटरनेट नेटवर्क ऑनलाइन जानकारी दर्ज करने के लिए सुदृढ़ नहीं है और बाद में बेहतर कनेक्टिविटी वाले क्षेत्र से इसे सिंक किया जा सकता है। डेटा सुरक्षा के संबंध में, वेब और मोबाइल एप्लिकेशन, दोनों की प्रमाणित लेखा परीक्षकों द्वारा लेखा परीक्षा की गई है। इसमें सरकार के परामर्शी निकायों द्वारा जारी सभी लागू दिशानिर्देशों, परामर्शी, व्हाइट पेपर और वल्नरेबिलिटी नोट्स को ध्यान में रखा गया है। यह एप्लिकेशन डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन, इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), भारत सरकार द्वारा प्रबंधित सुरक्षित क्लाउड एनवायरनमेंट पर होस्ट किया गया है।
यह जानकारी आज लोकसभा में मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री,भारत सरकार श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने पूछे गए प्रश्न के उत्तर में दी.
JP
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अनुबंध– I
डेयरी क्षेत्र का डिजिटलीकरण के संबंध में उल्लिखित अनुबंध
क्र. सं.
राज्य/ संघ राज्य क्षेत्र
डेयरी किसानों सहित पंजीकृत पशु स्वामियों की संख्या
कुल
दूध सहकारी समितियां
निजी डेयरी फार्म
1
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
3,829
–
–
2
आंध्र प्रदेश
36,74,223
8
22
3
अरुणाचल प्रदेश
50,019
–
1
4
असम
33,85,783
–
33
5
बिहार
76,41,104
11
44
6
चंडीगढ़
2,135
–
–
7
छत्तीसगढ़
24,65,695
1
5
8
दिल्ली
19,767
–
2
9
गोवा
8,643
1
–
10
गुजरात
65,24,689
16
54
11
हरियाणा
20,01,440
5
13
12
हिमाचल प्रदेश
13,22,174
–
7
13
जम्मू और कश्मीर
19,16,232
–
76
14
झारखंड
22,80,271
1
6
15
कर्नाटक
70,47,120
17
6
16
केरल
12,05,035
3
4
17
लद्दाख
47,026
–
–
18
लक्षद्वीप
1,030
–
–
19
मध्य प्रदेश
79,55,098
8
43
20
महाराष्ट्र
68,48,034
11
909
21
मणिपुर
68,010
1
–
22
मेघालय
1,33,665
2
2
23
मिजोरम
26,493
–
–
24
नागालैंड
60,598
–
–
25
ओडिशा
36,08,841
6
3
26
पुदुचेरी
22,258
–
–
27
पंजाब
16,01,711
8
23
28
राजस्थान
82,92,629
18
56
29
सिक्किम
89,094
–
–
30
तमिलनाडु
38,93,818
13
12
31
तेलंगाना
21,02,292
3
6
32
दादरा और नागर हवेली तथा दमन और दीव
8,893
–
–
33
त्रिपुरा
3,95,522
–
2
34
उत्तर प्रदेश
1,19,98,569
13
69
35
उत्तराखंड
12,98,126
5
3
36
पश्चिम बंगाल
74,31,924
5
5
कुल
9,54,31,790
156