Wednesday, January 14, 2026
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डीआरआई ने कई राज्यों में फैले मादक पदार्थों के गिरोह का भंडाफोड़ किया; मुर्गी के दाने की खेप में छिपाकर रखी गई 81 करोड़ रुपये मूल्य की 270 किलोग्राम मेफेड्रोन जब्त की; छह गिरफ्तार

डीआरआई ने कई राज्यों में फैले मादक पदार्थों के गिरोह का भंडाफोड़ किया; मुर्गी के दाने की खेप में छिपाकर रखी गई 81 करोड़ रुपये मूल्य की 270 किलोग्राम मेफेड्रोन जब्त की; छह गिरफ्तार

मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोहों को करारा झटका देते हुए, राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) के अधिकारियों ने 11-12 जनवरी, 2026 को कई राज्यों में सुनियोजित ढंग से चलाए गए अभियान में 270 किलोग्राम मेफेड्रोन नामक कृत्रिम मादक पदार्थ जब्त किया है। यह प्रतिबंधित पदार्थ घरेलू स्तर पर मुर्गी के दाने की आड़ में छिपाकर ले जाया जा रहा था। इसे कवर कार्गो के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। मादक पदार्थों के गिरोह ने जांच से बचने के लिए यह नई कार्यप्रणाली अपना रखी थी।

विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर, डीआरआई अधिकारियों ने राजस्थान में एक ट्रक को रोका, जो कथित तौर पर कृषि सामग्री ले जा रहा था। गहन जांच में मुर्गी के दाने की खेप में बड़ी चालाकी से छिपाकर रखा गया 270 किलोग्राम मेफेड्रोन बरामद हुआ। इसकी अवैध बाजार में कीमत 81 करोड़ रुपये है। वाहन के चालक, परिवहन में शामिल गिरोह के सदस्यों और उक्त खेप के साथ चल रहे लोगों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।

हरियाणा में कई स्थानों पर की गई तलाशी के परिणामस्वरूप गिरोह के अन्य प्रमुख सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किए गए लोग जब्त किए गए प्रतिबंधित पदार्थों के निर्माण और आपूर्ति में शामिल थे। एक हटाए गए गुप्त नशीली दवाओं के निर्माण संयंत्र से कुछ कच्चा माल भी बरामद किया गया।

यह अभियान रसद सम्‍बंधी चुनौतियों से भरा था, इसमें निरंतर प्रयास, अंतरराज्यीय समन्वय और प्रतिबंधित वस्तुओं की आवाजाही को रोकने के लिए सटीक तरीके से काम किया गया। प्रतिबंधित वस्तुओं की ज़ब्ती और गिरोह के छह प्रमुख सदस्यों की गिरफ्तारी से कई राज्यों में सक्रिय एक सुसंगठित, बहु-क्षेत्राधिकार वाले मादक पदार्थों के गिरोह का पर्दाफाश हुआ है।

चालू वित्तीय वर्ष 2025-2026 में, डीआरआई ने पहले ही छह गुप्त कारखानों का भंडाफोड़ किया है। इन कारखानों में अवैध रूप से मेफेड्रोन, अल्प्राज़ोलम और मेथम्फेटामाइन बनाने का काम चल रहा था

राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) मादक पदार्थों के निर्माण और तस्करी के खिलाफ लड़ाई और ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के लक्ष्य को साकार करने के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता को दोहराता है। मादक पदार्थ सार्वजनिक स्वास्थ्य, राष्ट्रीय सुरक्षा और देश के सामाजिक-आर्थिक ताने-बाने के लिए गंभीर खतरा हैं। सर्वोच्च तस्करी विरोधी एजेंसी के रूप में, डीआरआई मादक पदार्थों और मनोरोगी पदार्थों के खतरे को रोकने के लिए खुफिया जानकारी आधारित प्रवर्तन और देश भर में समन्वित कार्रवाई कर रहा है।

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