डिजिटल पर्यटन, सुरक्षा और क्षेत्रवार सुधार
डिजिटल पर्यटन, सुरक्षा और क्षेत्रवार सुधार
पर्यटन मंत्रालय ने अधिक पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और बेहतर सेवा वितरण सुनिश्चित करने के लिए, आवास इकाइयों के वर्गीकरण तथा पर्यटन सेवा प्रदाताओं को मान्यता संबंधी आवेदन प्राप्त करने, उन्हें संसाधित करने और अनुमोदन प्रदान करने/संदेश देने की ऑनलाइन प्रणाली आरंभ की है। आवेदन राष्ट्रीय एकीकृत आतिथ्य उद्योग डेटाबेस (NIDHI+) पोर्टल nidhi.tourism.gov.in पर जमा कराए जा सकते हैं। ऑनलाइन प्रक्रिया को भुगतान गेटवे से भी जोड़ा गया है।
पर्यटन मंत्रालय पर्यटकों की यात्रा सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी सिलसिले में पर्यटन मंत्रालय ने टोल फ्री नंबर 1800111363 या शॉर्ट कोड 1363 पर 24×7 बहुभाषी पर्यटक हेल्पलाइन शुरू की है, जो अब 10 अंतरराष्ट्रीय भाषाओं सहित 12 भाषाओं में उपलब्ध है। इसके ज़रिए घरेलू और विदेशी पर्यटकों को भारत में यात्रा से संबंधित जानकारी दी जाती है और भारत में यात्रा के दौरान किसी संकट में फंसे पर्यटकों को उचित मार्गदर्शन प्रदान किया जाता है।
पर्यटकों की सुरक्षा मूलतः संबंधित पर्यटक केंद्र वाले राज्य का विषय है। हालांकि, पर्यटन मंत्रालय पर्यटकों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए समर्पित पर्यटक पुलिस की स्थापना के मकसद से सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासनों के साथ लगातार इस मुद्दे को उठा रहा है। पर्यटन मंत्रालय के प्रयासों से तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, दिल्ली, गोवा, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, मध्य प्रदेश, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने पर्यटक पुलिस तैनात की है।
राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के पास निर्भया निधि के अंतर्गत ‘महिलाओं के लिए सुरक्षित पर्यटन स्थल’ योजना के प्रावधान हैं, जो विशेष रूप से महिला पर्यटकों की सुरक्षा और संरक्षा में सुधार के लिए बनाई गई परियोजनाओं के लिए लागू होते हैं।
पर्यटन मंत्रालय ने सितंबर 2024 में पर्यटन और आतिथ्य सत्कार क्षेत्र के लिए पर्यटन उद्योग की स्थिति पर एक पुस्तिका जारी की। इसे राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेश प्रशासनों को उद्योग/पर्यटन नीति में शामिल करने के लिए वितरित किया गया है।
ई-वीज़ा योजना अब 172 देशों के नागरिकों के लिए उपलब्ध है, जो 32 निर्दिष्ट हवाई अड्डों, 6 निर्दिष्ट बंदरगाहों और 1 भू-बंदरगाह के माध्यम से प्रवेश के लिए मान्य है। वर्ष 2019 से 2024 के दौरान भारत में अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के आगमन (आईटीए) का रिकॉर्ड निम्नलिखित है:
वर्ष
अंतरराष्ट्रीय पर्यटक आगमन (मिलियन में)
2019
17.91
2020
6.33
2021
7.00
2022
14.33
2023
18.89
2024
20.57
स्रोत: आव्रजन ब्यूरो
सरकार ने 22.09.2025 से आतिथ्य सत्कार सहित व्यापार और वाणिज्य के प्रमुख क्षेत्रों में दरों में महत्वपूर्ण कटौती करते हुए सरलीकृत माल और सेवा कर (जीएसटी) संरचना लागू की है। जीएसटी सुधारों से भारत के पर्यटन क्षेत्र में व्यापक बदलाव आने की संभावना है, जिससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह के पर्यटकों के लिए यात्रा अधिक किफायती और सुलभ हो जाएगी।
पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र को प्रभावित करने वाले जीएसटी सुधारों के निम्नलिखित प्रमुख बिंदु हैं:
केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने आज राज्यसभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी दी।
- 7,500 रुपये प्रति दिन से कम कीमत वाले होटल कमरों पर जीएसटी (आईटीसी के बिना) 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत किया गया।