जीडीपी, आईआईपी और सीपीआई के आधार संशोधन के पूर्व प्रकाशन के बारे में परामर्श कार्यशाला कल चेन्नई में आयोजित होगी
जीडीपी, आईआईपी और सीपीआई के आधार संशोधन के पूर्व प्रकाशन के बारे में परामर्श कार्यशाला कल चेन्नई में आयोजित होगी
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी), औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) के आधार संशोधन पर 30 जनवरी, 2026 को चेन्नई में एक पूर्व–प्रकाशन के बारे में परामर्श कार्यशाला आयोजित करने जा रहा है, जिसमें प्रमुख हितधारकों को सूचित विचार–विमर्श के लिए एक साथ लाया जाएगा।
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी), औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) के आधार संशोधन पर तीसरी पूर्व–प्रकाशन परामर्श कार्यशाला का आयोजन 30 जनवरी, 2026 को चेन्नई में कर रहा है। यह कार्यशाला मुंबई में नवंबर 2025 और नई दिल्ली में दिसंबर 2025 में आयोजित पहली और दूसरी परामर्श कार्यशालाओं की सफलता के बाद आयोजित की जा रही है। कार्यशालाओं की इस श्रृंखला का उद्देश्य जीडीपी, आईआईपी और सीपीआई के चल रहे आधार संशोधन में परिकल्पित प्रस्तावित कार्यप्रणालीगत सुधारों और संरचनात्मक परिवर्तनों को प्रस्तुत करना और हितधारकों से प्रतिक्रिया एवं सुझाव प्राप्त करना है।
विचार–विमर्श में प्रमुख व्यापक आर्थिक संकेतकों के संकलन में उपयोग किए जाने वाले नए डेटा स्रोतों के परिचय और उन्नत तकनीकी उपकरणों को अपनाने पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा। कार्यशाला में विश्व बैंक और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों, भारतीय रिज़र्व बैंक, प्रख्यात अर्थशास्त्रियों, वित्तीय संस्थानों और बैंकिंग क्षेत्र के विशेषज्ञों, विषय–विशेषज्ञों, आधिकारिक आंकड़ों के प्रमुख उपयोगकर्ताओं और केंद्र एवं राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारियों सहित प्रतिभागियों का एक व्यापक और विविध समूह एकत्रित होगा। हितधारकों के इतने व्यापक समूह की भागीदारी से चर्चाओं को समृद्ध करने और संशोधित श्रृंखला में प्रस्तावित परिवर्तनों के बारे में उपयोगकर्ताओं की समझ को बढ़ाने की संभावना है।
कार्यक्रम का शुभारंभ उद्घाटन सत्र से होगा जिसमें मद्रास स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के अध्यक्ष, प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार परिषद के पूर्व अध्यक्ष और भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर डॉ. सी. रंगराजन, राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग (एनएससी) के अध्यक्ष प्रो. राजीव लक्ष्मण करंदीकर, एमओएसपीआई के सचिव डॉ. सौरभ गर्ग, प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार परिषद की सदस्य डॉ. शमिका रवि और महानिदेशक (केंद्रीय सांख्यिकी) श्री एन. के. संतोषी संबोधित करेंगे। इसके बाद जीडीपी, आईआईपी और सीपीआई पर तकनीकी सत्र और संवादात्मक मुक्त चर्चाएँ होंगी। कार्यशाला का उद्देश्य पारदर्शिता को बढ़ावा देना, हितधारकों की जानकारीपूर्ण भागीदारी को प्रोत्साहित करना और संशोधित जीडीपी, आईआईपी और सीपीआई श्रृंखला जारी होने से पहले व्यापक परामर्श सुनिश्चित करना है।
इन आधिकारिक आंकड़ों की गुणवत्ता, मजबूती और उपयोगिता को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से, विचार–विमर्श से प्राप्त विचारों और सुझावों को संशोधित जीडीपी, आईआईपी और सीपीआई श्रृंखलाओं को अंतिम रूप देने के दौरान ध्यान में रखा जाएगा।