जिला स्तरीय विकास योजना के लिए सांख्यिकीय मॉडलिंग
जिला स्तरीय विकास योजना के लिए सांख्यिकीय मॉडलिंग
राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग द्वारा गठित राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण के लिए संचालन समिति ने सिफारिश की थी कि सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय को घरेलू उपभोग वयय (एचसीईएस): 2022-23 डेटा के आधार पर मॉडल आधारित जिला स्तरीय अनुमान तैयार करने की व्यवहार्यरता पर एक पायलट अध्ययन करना चाहिए। मासिक प्रति व्यक्ति उपभोग व्यय जिला स्तरीय अनुमानों को तैयार करने की संभावना का पता लगाने के लिए कलकत्ता स्थित भारतीय सांख्यिकी संस्थान की पूर्व प्रोफेसर डॉक्टर मौसमी बोस की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया, जिसमें एनएसएस और उत्तर प्रदेश के डीईएस के सदस्य शामिल थे। इस समिति को मॉडल आधारित तकनीकों, विशेष रूप से, लघु क्षेऋ अनुमान विधियों का उपयोग करके उत्तर प्रदेश के जिलों के लिए एमपीसीई के आंकड़े अनुमानित करने का कार्य सौंपा गया था।
मॉडल आधारित तकनीकों के अंतर्गत फे-हेरियट तथा इस स्पैटियल फे-हेरियर मॉडल अपनाए गए, जिनके माध्यम से सह-परिवर्तनीय आंकड़ों तथा पड़ोसी जिलों से प्राप्त सूचनाओं का उपयोग कर लघु क्षेत्र अनुमान ढांचे के तहत उत्तर प्रदेश के जिलों के एमपीसीई के विश्वसनीय अनुमान विकसित किए गए। विस्तृत अनुमान पद्धति, इसके लाभ और अन्य समान परिदृश्यों के लिए इसके उपयोग के मामलों का उल्लेख सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध रिपोर्ट में किया गया है:
यह जानकारी सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), योजना राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा संस्कृति राज्य मंत्री श्री राव इंद्रजीत सिंह दोबारा दी गई।